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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Patriotic poem Hindi
    कविताएँ

    भारत माँ के लाल उठो | Patriotic poem Hindi

    ByAdmin February 7, 2022

    भारत माँ के लाल उठो ( Bharat maa ke laal utho )     केसरिया बाना ले निकलो राम नाम हुंकार भरो हर हर महादेव स्वर गूंजे ऐसी तुम जयकार करो   धीरे वीर पराक्रमी सब विवेकानंद कहते जागो भारत मां के लाल उठो आगे बढ़ आलस त्यागो   स्वाभिमान राणा की भूमि तलवारों का…

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  • Yaad shayari
    शेरो-शायरी

    किसी की यादों का | Yaad romantic poetry

    ByAdmin February 7, 2022October 26, 2022

    किसी की यादों का ( Kisi ki yaadon ka )     इस बारगी बहुत कड़क रहे हो, बरस रहे हो ऐ मौसम, किस बात पर यूं अकड़ रहे हो   सड़क किनारे जल रहा कोई अलाव बुझा किसी की दीवार ओ’बाम क्यो हिला रहे हो   दिलों पर पहले ही जम रही ‌थी बर्फ…

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  • जीवन का उद्देश्य | Poem on the purpose of life in Hindi
    कविताएँ

    जीवन का उद्देश्य | Poem on the purpose of life in Hindi

    ByAdmin February 7, 2022November 1, 2022

    जीवन का उद्देश्य ( Jeevan ka uddeshya )   जीवन क्या बहती सरिता लक्ष्य को पहचान लो सपनों को पंख लगाकर मानव नई उड़ान भरो   हौसला हृदय में लेकर सद्भावों के भाव भरकर हर्ष खुशी प्रेम बांटे होठों पे हंसी मुस्कान लेकर   जिंदगी का सफर सुहाना जीने की राहें चुन लो पल पल…

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  • Poem on voting in Hindi
    छंद

    मतदान | मनहरण घनाक्षरी | Poem on voting in Hindi

    ByAdmin February 7, 2022October 12, 2022

    मतदान ( Matdan )   चुने हम सरकार सबका है अधिकार राष्ट्र निर्माण करने मतदान कीजिए   मतदान महादान अधिकार पहचान लोकतंत्र मजबूत कर वोट दीजिए   सशक्त हो जनादेश मतदान है विशेष सोच समझ अमूल्य वोट जरा दीजिए   उम्मीदवार खरा हो वो राष्ट्रप्रेम भरा हो स्वच्छ छवि रखता हो चुन जरा लीजिए    …

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  • Saraswati Vandana
    कविताएँ

    हे माँ ! सरस्वती वरदायिनी ! | Saraswati Vandana

    ByAdmin February 6, 2022

    हे माँ ! सरस्वती वरदायिनी ! ( He Maa ! Saraswati Varadayini ! )     हे माँ ! सरस्वती वरदायिनी ! जगत चेतना बोध प्रदायिनी वीणा पाणी हंस वाहिनी जनमानस उरलोक निवासिनि अपने कल्याणी आँचल में मुझको लेकर पावन कर दो !   ध्यान तुम्हारा कर पाऊॅं मैं शरण तुम्हारी आ पाऊॅं मैं चरण…

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  • Essay in Hindi on digital India
    निबंध

    निबंध : डिजिटल इंडिया | Essay in Hindi on digital India

    ByAdmin February 6, 2022December 3, 2022

    निबंध : डिजिटल इंडिया ( Digital India : Essay in Hindi )   प्रस्तावना ( Preface ) :- डिजिटल इंडिया भारत सरकार की एक नई पहल है। जिसका उद्देश्य भारत को समृद्ध बनाना है। डिजिटल इंडिया के माध्यम से देश को विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।…

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  • Ghazal jhooth gharon par kaabij tha
    शेरो-शायरी

    झूठ घरों पर काबिज़ था | Jhooth Shayari

    ByAdmin February 6, 2022January 29, 2023

    झूठ घरों पर काबिज़ था ( Jhooth gharon par kaabij tha )     झूठ घरों पर काबिज़ था करना यूँ नाजाइज़ था   साथ न दे वो मुश्किल में रब अपना तो हाफ़िज़ था   झूठ फ़रेबी था दिल से समझा जिसको वाइज़ था   चाहे  वो जो काम ग़लत मंजूर न वो हरगिज़…

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  • कश्ती और पतवार | Poem on kashti aur patwar
    कविताएँ

    कश्ती और पतवार | Poem on kashti aur patwar

    ByAdmin February 5, 2022February 6, 2022

    कश्ती और पतवार ( Kashti aur patwar )     साहिल से कहने लगी कश्ती बड़े प्यार से। आगे बढ़ती मैं सदा मांझी की पतवार से।   नैया पार लगाये मांझी ले करके पतवार। भवसागर पार लगाए जग का वो करतार।   मंझधार में डूबी नैया बिन नाविक पतवार। जिंदगी के सफर में सदा बांटो…

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  • देखो योगी आया है | Poem On Yogi Adityanath
    कविताएँ

    देखो योगी आया है | Poem On Yogi Adityanath

    ByAdmin February 5, 2022February 6, 2022

    देखो योगी आया है ( Dekho yogi aya hai )   भगवा चोला भगवा साफा,भगवा ध्वज लहराया है। रूद्रों की वो माला पहन के, देखो योगी आया है।   काशी मथुरा और अयोध्या को, चमकाने आया है। धर्म सनातन का परचम, जग में लहराने आया है।   उठो सनातन वंशी तुम आर्यो के वंशज सजक…

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  • मैं भारतीय हूं | Poem Main Bharatiya Hoon
    कविताएँ

    मैं भारतीय हूं | Poem Main Bharatiya Hoon

    ByAdmin February 5, 2022February 6, 2022

    मैं भारतीय हूं ( Main Bharatiya Hoon )     मैं भारतीय हूं सभी धर्मों का सदा आदर करता हूं। संस्कृति उपासक हूं शुभ कर्मों से झोली भरता हूं।   शौर्य पराक्रम स्वाभिमानी रगों से गहरा नाता है। रणभूमि में जोहर दिखलाना शमशीरों से आता है।   अतिथि आदर करना पावन परिपाटी वतन की। उस…

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