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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Nasihaten chhand
    छंद

    नसीहतें | Nasihaten Chhand

    ByAdmin January 27, 2022January 30, 2023

    नसीहतें ( Nasihaten )     नसीहतें मां-बाप की सुन लेना एक बार जिंदगी सुधर जाए एतबार कीजिए   भला चाहते आपका अपने ही देते सीख बड़ों की नसीहतों को सम्मान दीजिए   नसीहतें ना दीजिए कर्म भी जग में करे हुनर दिखला कर खूब यश लीजिए   जिंदगी की जंग में भी हौसला रखना…

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  • hridayangan rangarang programme
    साहित्यिक गतिविधि

    रूपाली डोले के संचालन में सजा हृदयांगन संस्था मुंबई का रंगारंग कार्यक्रम

    ByAdmin January 27, 2022

    गणतंत्र दिवस के अवसर पर सजी बच्चो और किशोरो की महफिल गूगल मीट पर ।। ढाई घंटे चले इस कार्यक्रम की अध्यक्षता संभाली देहरादून से आदरणीया डा0 विद्युत प्रभा चतुर्वेदी मंजू जी ने एवं कार्यक्रम को नई ऊंचाई दी इंदौर से रूपाली जी डोले ने ।। संस्था ने उन्हे *हृदयांगन उत्कृष्ट मंच संयोजिका सम्मान 2022…

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  • Geet o bharti maa
    कविताएँ

    ओ भारति माॅं! ओ प्यारी माॅं! | Geet

    ByAdmin January 26, 2022

    ओ भारति माॅं! ओ प्यारी माॅं! ( O Bharati maan  O pyari maan )     ओ भारति माॅं ! ओ प्यारी माॅं !! हम  तुझ पर  हैं  बलिहारी माॅं! तू  हमको  सब  से  प्यारी माॅं !! हम तेरा पूजन करते हैं , हे करुणामयि उपकारी माॅं !! ओ भारति माॅं  ! ओ प्यारी माॅं …

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  • Paawan tirth dham lohargal
    कविताएँ

    पावन तीर्थ धाम लोहार्गल | Kavita

    ByAdmin January 26, 2022

    पावन तीर्थ धाम लोहार्गल ( Paawan tirth dham lohargal )     सुरम्य वादियों बीच में बसा लोहार्गल तीर्थ धाम अरावली पर्वतमालाये बहता सूर्यकुंड अविराम   शेखावाटी का हरिद्वार जन मन जगाता है विश्वास श्रावण में सब कावड़ लाते शिव पूजे जाते खास   सूर्य मंदिर संग पुरातन पांचो पांडव मंदिर जहां अस्त्र-शस्त्र विसर्जित किये…

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  • Tum zara thehro
    शेरो-शायरी

    तुम जरा ठहरो | Tum zara thehro

    ByAdmin January 26, 2022

    तुम जरा ठहरो ( Tum zara thehro )     तुम  जरा  ठहरो  मुझे  कुछ, और  बाते  करनी  है। दरमियान  जो  फासलें है, उसको मुझको भरनी है।   एक बार बस सुन तो लो तुम,मुझको जो कहना है वो, खत्म  होती  सी  कहानी, मुझको फिर से लिखनी है।   किसकी गलती थी यहाँ और,किसकी रस्म…

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  • Azadi ke tarane kavita
    कविताएँ

    आजादी के तराने | Azadi ke tarane kavita

    ByAdmin January 26, 2022

    आजादी के तराने ( Azadi ke tarane )     क्रांतिकाल में लड़ी वीरों ने आजादी की लड़ाई थी भारत माता के चरणों में प्राणों की भेंट चढ़ाई थी   हंसते-हंसते झूल गये फांसी के फंदे चूमे थे आजादी के परवाने बस देश प्रेम को झूमे थे   रणभूमि में कूद पड़े रणवीर जौहर दिखलाने…

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  • sahitya kirti
    साहित्यिक गतिविधि

    मध्यप्रदेश की छः बोलियों के साहित्यिक कृति पुरस्कार वर्ष 2018 एवं 2019 के पुरस्कारों की घोषणा

    ByAdmin January 26, 2022

    भोपाल। साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद्, मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग, भोपाल द्वारा कैलेण्डर वर्ष 2018 एवं 2019 के मध्यप्रदेश की छः बोलियों के साहित्यिक कृति पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। प्रति पुरस्कार रुपये 51,000/- (रुपये इक्यावन हजार) दिया जाता है। वर्ष 2018 हेतु- (1)- ‘मालवी’ के लिए संत पीपा स्मृति पुरस्कार श्रीमती हेमलता शर्मा-इंदौर,…

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  • Aparajit yayavar hoon main
    कविताएँ

    अपराजित यायावर हूँ मै | Kavita

    ByAdmin January 25, 2022February 22, 2022

    अपराजित यायावर हूँ मै ( Aparajit yayavar hoon main )   1. अपराजित यायावर हूँ मै, जिसे चाह नही है मंजिल की। सारी दुनिया ही अपनी है, जहाँ रूका वही है मंजिल सी।   2. जितना मैं चाहता, उतना ही दूर तू जाती। लम्हा लम्हा खत्म होकर के खड़ी मुस्काती। वाह रे जिन्दगी….. भरोसा तेरा…

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  • Kavita veeron ka shahar jhunjhunu
    कविताएँ

    वीरों का शहर झुंझुनू | Kavita veeron ka shahar jhunjhunu

    ByAdmin January 25, 2022January 25, 2022

    वीरों का शहर झुंझुनू ( Veeron ka shahar jhunjhunu )   बलिदानों की परिपाटी में जिला झुंझुनू प्यारा है देश सेवा को आगे रहता दमकता एक सितारा है   मरुभूमि का शहर पुरातन अरावली की पर्वतमाला हरी-भरी सुंदर घाटियां मनोरम दृश्य बड़ा निराला   भित्ति चित्र सुंदर हवेलियां पर्यटक को लुभाती है राव शेखाजी ने…

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  • Dhoop ka tukda
    कविताएँ

    धूप का टुकड़ा | Dhoop ka tukda

    ByAdmin January 25, 2022

    “धूप का टुकड़ा” ( Dhoop ka tukda )     अलसाई सी सुस्ताई सी सर्दी में दुबकती सी मुरझाई सी कमरे के इक कोने में अपने में ही खुद से उलझती सी मैं…… और मुझमें मुझको ही ढूँढता सा आ गया कहीं से छिपता छिपाता सा मुझको मेरे हिस्से की गरमी तपिश देने वो ….

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