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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Mitti ki mahak
    कविताएँ

    मिट्टी की महक | जलहरण घनाक्षरी

    ByAdmin January 30, 2022November 1, 2022

    मिट्टी की महक ( Mitti ki mahak )     सोंधी सोंधी मीठी मीठी भीनी भीनी पुरवाई लहलहाती धरती मिट्टी की महक आई   खुशहाली हर्ष भरा मेरे देश की माटी में उमंग उल्लास खुशी सबके दिलों में छाई   दूर-दूर फैली कीर्ति यश पताका देश की माटी की खुशबूओं ने जहां में धूम मचाई…

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  • Gam ghazal
    शेरो-शायरी

    ग़म यार हजार ज़ीस्त में है | Gam ghazal

    ByAdmin January 30, 2022

    ग़म यार हजार ज़ीस्त में है ( Gam yaar hajaar zeest mein hai )   ग़म यार हजार जीस्त में है इक पल न क़रार जीस्त में है   रूठी है यहां प्यार की खुशबू कोई न बहार जीस्त में है   कटती जीस्त जा रही है तन्हा कोई  नहीं  यार जीस्त में है  …

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  • Kab aaoge poem in Hindi
    कविताएँ

    कब आओगे | Kab aaoge poem in Hindi

    ByAdmin January 29, 2022

    कब आओगे ( Kab aaoge )   वृन्दावन जस धाम जहाँ पर, जमुना जी का घाट। वहाँ  पे  राधा  देखे  आस , साँवरे  कब आओगे॥ …. शाम  से  हो गई  रात,  मुरलिया  की  ना  छेडी तान। विकल हो राधा ढूँढे आज, श्याम तुम कब आओगे॥ …. नयना  सिन्धु  समान ,  छलकता  आँखो  से  है  प्यार।…

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  • Poem on Subhash Chandra Bose in Hindi
    कविताएँ

    क्रान्ति वीर सुभाष | Poem on Subhash Chandra Bose in Hindi

    ByAdmin January 29, 2022

    क्रान्ति वीर सुभाष ( Krantiveer subhash )     जो लाखों सिंह सपूत जननि,भारत माता ने जाए हैं ! आख्यानअनगिनत रोमांचक,जगइतिहासों ने गाए हैं !   उनसब में वीसुभाष श्रेष्ठतम, क्रान्तिवीर कहलाए हैं ! उन जैसे कठिन पराक्रम तो,कोई भी ना कर पाए हैं !   साधारण बीज धरा से उठ, साधारण पौधा बन पाया…

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  • Kavita muft ki salah
    कविताएँ

    मुफ्त की सलाह | Poem on muft ki salah

    ByAdmin January 29, 2022

    मुफ्त की सलाह ( Muft ki salah )     फ्री फ्री फ्री मुफ्त की सलाह मिल रही सबको फ्री हर मुश्किल समस्या का कोई इलाज लीजिए फ्री   सब हथकंडे सारे नुस्खे कई फार्मूले मिल जाएंगे मुफ्त की सलाह देने कई माहिर विद्वान आएंगे   चुनावी चक्कर में पड़ गए आओ सलाह लीजिए जीत…

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  • Poem anjaan raahen
    कविताएँ

    अनजान राहें | Poem anjaan raahen

    ByAdmin January 28, 2022November 1, 2022

    अनजान राहें ( Anjaan raahen )   वीरान सी अनजान राहें दुर्गम पथ बियाबान राहें। मंजिलों तक ले जाती हर मुश्किल सुनसान राहें।   उबड़ खाबड़ पथरीली गर्म मरुस्थल रेतीली। पर्वतों की डगर सुहानी हिम खंडों में बर्फीली।   घने वनों से होकर गुजरे लंबी चौड़ी सुगम राही। गांवों शहरों को जोड़ें कच्ची पक्की दुर्गम…

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  • Poem on homeland in Hindi
    कविताएँ

    वतन पर कविता | Poem on homeland in Hindi

    ByAdmin January 28, 2022

    हँसता हुआ प्यारा ये वतन देख रहा हूँ ( Hansta hua pyara ye watan dekh raha hoon )     हँसता हुआ प्यारा ये वतन देख रहा हूँ ! खुशबू से मुअत्तर ये चमन देख रहा हूँ !!   इस बागवाँ ने ऐसा कुछ कमाल किया है हर दश्त में मैं खिलते सुमन देख रहा…

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  • Poem on Indian constitution in Hindi
    कविताएँ

    भारतीय संविधान पर कविता | Poem on Indian constitution in Hindi

    ByAdmin January 28, 2022November 1, 2022

    भारतीय संविधान को नमन करता हूं ( Bhartiya samvidhan ko naman karta hoon )   गणतंत्र का वंदन करता चले लोकतंत्र सरकार भारतीय संविधान को नमन करता हूं बारंबार   सर्वधर्म समभाव एकता संप्रभुता संविधान हर नागरिक भाग्य विधाता शील राष्ट्र विधान   न्याय व्यवस्था कार्यप्रणाली अनूठी और बेजोड़ हर दोषी को दंड मिले कानून…

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  • Basant kavita
    कविताएँ

    बसंत | Basant kavita

    ByAdmin January 27, 2022

    बसंत ( Basant )   चंचल मन हिलोरे लेता, उमंग भरी बागानों में। पीली सरसों ओढ़े वसुंधरा, सज रही परिधानों में ।   मादक गंध सुवासित हो, बहती मधुर बयार यहां। मधुकर गुंजन पुष्प खिले, बसंत की बहार यहां ।   गांव गांव चौपालों पर, मधुर बज रही शहनाई है। अलगोजों पर झूम के नाचे,…

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  • साथ चलो | Kavita saath chalo
    कविताएँ

    साथ चलो | Kavita saath chalo

    ByAdmin January 27, 2022

    साथ चलो ( Saath chalo )   हर हर हर हर महादेव के, नारे के संग साथ चलो। गंगा के गोमुख से लेकर, गंगा सागर तक साथ चलो।   काशी मथुरा और अयोध्या, तक निनाद का जाप करो। जबतक भारत पूर्ण समागम,ना हो तब तक साथ चलो।   काश्मीर अपनी है पर, गिलगित और गारों…

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