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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Romantic poem in Hindi
    कविताएँ

    हवाओं में तेरी खुशबू है | Romantic poem in Hindi

    ByAdmin February 2, 2022February 2, 2022

    हवाओं में तेरी खुशबू है ( Hawaon mein teri khushboo hai )   तुम मेरे ख्वाबों में ही आती हो ख्यालों में मेरे लम्हें लम्हें को सजाती हो तेरे प्यार के एहसास से महकता रहता हूँ छूकर फूलों को तेरे डिम्पल का एहसास होता है नाजुक कलियों का स्पर्श लबों का स्पर्श लगता है धड़कते…

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  • Shahro ki or
    कविताएँ

    शहरों की ओर | Kavita

    ByAdmin February 2, 2022

    शहरों की ओर ( Shahro ki or )     छोड़ दिया घर बार गांव चल पड़े शहर की ओर चकाचौंध के पीछे दौड़े भूल गए सुहानी भोर   भागदौड़ भरी जिंदगी फुर्सत का कोई नाम नहीं शहरों का जीवन ऐसा अपनेपन का काम नहीं   फैशन के दीवाने होकर लोग चले शहर की ओर…

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  • Poem on aaj ki shaam dosto ke naam
    कविताएँ

    आज की शाम दोस्तों के नाम | Poem on aaj ki shaam dosto ke naam

    ByAdmin February 1, 2022

    आज की शाम दोस्तों के नाम ( Aaj ki shaam dosto ke naam )     अल्फाजों के मोती बरसे हर्ष खुशियां आनंद आए खुशियों की घड़ियों में शाम मित्रों के नाम हो जाए   सुख-दुख बांटे बड़े प्रेम से गीतों की लेकर लड़ियां सद्भावों की बहा दे सरिता बरसे सुंदर सी झड़ियां   सारे…

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  • Poem on dowry in Hindi
    कविताएँ

    दहेज | Poem on dowry in Hindi

    ByAdmin February 1, 2022

    दहेज ( Dahej )   सोना कहत सोनार से कि,गहना बना द, और उ गहनवा से, गोरी के सजा द।   गोरी कहे बाबू से कि, सेनुरा दिला द, सेनुरा के भाव बढल, माहुर मगा द।   दुल्हा बिकात बाटे, चौक चौराहा पे, कैसे खरीदे कोई, भीख के कटोरा के।   खेतवा बिकाई बाबू ,भाई…

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  • Hindi Poem Suno Ladkiyon
    कविताएँ

    सुनो लड़कियों | Hindi Poem Suno Ladkiyon

    ByAdmin February 1, 2022February 1, 2022

    सुनो लड़कियों ( Suno ladkiyon )   हम मध्यम वर्गीय परिवार की लड़कियां नहीं भर सकती ऊचाईयों तक उड़ान अपनी इनके कांधे का वजह भारी होता है   क्यूंकि इन्हें लेकर चलना पड़ता है लड़की होने की मर्यादा रिश्तों और समाज के तानों बानों का बोझ   मगर हारती नहीं निरंतर जारी रखती हैं प्रयास…

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  • Kavita ki hunkar
    कविताएँ

    कविता की हूंकार | Poem on kavita ki hunkar

    ByAdmin February 1, 2022

    कविता की हूंकार ( Kavita ki hunkar )   कलमकार कलम के पुजारी लोग कवि कहते हैं सुधारस बहाते कविता का छाये दिलों में रहते हैं   लेखनी ले कवि हाथों में ओज भरती हुंकार लिखे मां भारती का वंदन भारतमाता की जयकार लिखें   वंदे मातरम वंदे मातरम गीत लिखते हम वीरों के शीश…

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  • Essay on Indian secularism model
    निबंध

    निबंध : धर्मनिरपेक्षता का भारतीय मॉडल पश्चिमी मॉडल से कैसे भिन्न है | Essay in Hindi

    ByAdmin January 31, 2022

      निबंध : धर्मनिरपेक्षता का भारतीय मॉडल पश्चिमी मॉडल से कैसे भिन्न है ( How is the Indian model of secularism different from the western model Essay in Hindi )   पश्चिमी मॉडल में धर्मनिरपेक्षता से आशा एक ऐसी व्यवस्था से है जहां पर धर्म और राज्य एक दूसरे की माला मामले में हस्तक्षेप नहीं…

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  • बेवफ़ा | Bewafai par shayari
    शेरो-शायरी

    बेवफ़ा | Bewafai par shayari

    ByAdmin January 31, 2022

    बेवफ़ा ( Bewafa )     नहीं राहें वो वफ़ा से भरी बेवफ़ा है मुहब्बत की राहें यारों सभी बेवफ़ा है   ग़मो की आहें निकलती यहाँ तो दिल से हुई मेरी जिंदगी से ख़ुशी बेवफ़ा है   वफ़ा नहीं देगा इजहार मत करना उससे उसकी सांसों से महक आ रही बेवफ़ा है   की…

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  • अकड़ अमीरी का
    शेरो-शायरी

    अकड़ अमीरी का | Poem on akad ameeri ka

    ByAdmin January 30, 2022

    अकड़ अमीरी का ( Akad ameeri ka )     दिखाता है अकड़ वो ख़ूब ही मुझको अमीरी की! वही उडाता मजाक मेरी बहुत यारों ग़रीबी की   मगर फ़िर भी नहीं तक़दीर बदली बदनसीबी से इबादत की बहुत ही  रोज़ मैंनें तो इलाही की   ख़ुशी के पल नहीं है जिंदगी में ही  भरे…

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  • Poem on hey gagan ke chandrama
    कविताएँ

    हे गगन के चंद्रमा | Poem on hey gagan ke chandrama

    ByAdmin January 30, 2022October 5, 2023

    हे गगन के चंद्रमा ( Hey gagan ke chandrama )   तुम हो गगन के चन्द्रमा, मै हूँ जँमी की धूल। मुझको तुमसे प्रीत है, जो  बन गयी  है शूल।   तेरे  बिन ना कटती राते, दिल  से  मैं मजबूर, हे  गगन  के  चन्द्रमा, तू आ जा बनके फूल।   रात अरू दिन के मिलन…

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