रंग | Kavita Rang
रंग ( Rang ) रंगो की समझ हो तो तस्वीर बना दो। छंदो की समझ हो तो फिर गीत बना दो। जज्बात मे लहर हो तो प्यार तू कर ले, जो कुछ नही आता तो दिवाना बना दो। दिल पे तुम्हारी चाहतो के जो निशान है। वो घाव बडे गहरे है और लाइलाज…
रंग ( Rang ) रंगो की समझ हो तो तस्वीर बना दो। छंदो की समझ हो तो फिर गीत बना दो। जज्बात मे लहर हो तो प्यार तू कर ले, जो कुछ नही आता तो दिवाना बना दो। दिल पे तुम्हारी चाहतो के जो निशान है। वो घाव बडे गहरे है और लाइलाज…
नहीं दिल तू कभी अपना ख़फ़ा रखना ( Nahi dil tu kabhi apna khafa rakhna ) नहीं दिल तू कभी अपना ख़फ़ा रखना मुहब्बत का हमेशा वास्ता रखना हमेशा साथ रहना हम सफ़र बनकर नहीं मुझसे कभी खुद को जुदा रखना मुसीबत दूर तुझसे ही रहेगी हर लबों पे रोज़ तू…
विरह ( Virah ) वो अपनी दुनिया में मगन है, भूल के मेरा प्यार। मैं अब भी उलझी हूँ उसमें, भूल के जग संसार। याद नही शायद मैं उसको,ऋतु बदला हर बार। विरह वेदना में लिपटी मैं, प्रीत गयी मैं हार। मैं राघव की सिया बनी ना, जिसकी प्रीत सहाय। मैं कान्हा…
देशी प्रोड्यूसर की गांधी ( Deshi producer ki Gandhi ) देशी प्रोडयूसर अभी तक पश्चाताप कर रहा है। उसे इस बात को अब तक मलाल है कि एक विदेशी प्रोडयूसर भारत आया, उसने हमारे पूज्य बापू पर गांधी फिल्म बनाई और यहाॅं के बाक्स आफिस और वहाॅ के आठ आस्कर लूट लिये । गांधी पर…
हुंकार भरो ( Hunkar bharo ) तेल फुलेल क्रीम कंघी से, नकली रूप बनाओगे। या असली सौन्दर्य लहू का, आनन पे चमकाओगे। रक्त शिराओ के वेगों को, रोक नही तुम पाओगे। क्राँन्ति युक्त भारत पुत्रों के,सामने गर तुम आओगे। हम आर्यो के वंशज है जो, दुर्गम पथ पर चल कर भी।…
उल्फ़त में ( Ulfat mein ) उल्फ़त में ऐ यार किसी की ऐसा लूटे है क्या हाल सुनाये इतना अंदर से टूटे है क्या है तेरा मेरा रिश्ता समझें क्या तुझको ख़्वाबों से तेरे रोज़ सनम हम महके है जो चाहे हम हल हो पाता काम नहीं कोई दौड़े है बद क़िस्मत…
ये मोहब्बत की दुनिया ( Ye mohabbat ki duniya ) सोनू रब से मुझे कुछ भी नहीं बस तेरी मोहब्बत चाहिए मेरे बुझे हुए दिल में तुमने मोहब्बत के दीप को जलाया भावनाओं को भरकर अपनी मोहब्बत का जादू चलाया मोहब्बत में मैंने सब हारना चाहा मगर सब कुछ है पाया तुम मोहब्बत…
तन्हा रातें ( Tanha raatein ) जाड़े की ठिठुरती तन्हा रातें कोहरे में लिपटे जर्द होते जिस्म और बर्फ होते रिश्तों को पिघलाने के लिये काफी हैं कुछ तेरी कुछ मेरी चंद गरम सांसें या फिर . . . . साथ गुजारे पलों की यादों की तपिश.. लेखिका :- Suneet Sood Grover अमृतसर ( पंजाब…
समुन्दर खुमार का ( Samundar khumar ka ) पलकों पे छुपा है जैसे कुछ,समुन्दर खुमार का। कितना अजब नशा है दिलवर के, इन्तजार का। ख्वाबों में माँगते है हर पल, मन्नत दीदार का। उनपे भी कुछ असर हो जाए, मेरे प्यार का। बढती ही जा रही है उसके, चाहत का ये सरूर।…
निबंध : भविष्य के लिए अक्षय ऊर्जा विकास और चुनौतियां (Renewable energy development and challenges for the future: Hindi Essay) प्रस्तावना : भारत में तीव्र गति से बढ़ती जनसंख्या के भरण पोषण और सुख सुविधाओं के लिए संसाधनों का तेजी से खपत हो रहा है। इससे पर्यावरण प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर समस्याएं…