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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Sapne mein ek chehra aya
    शेरो-शायरी

    सपने में इक चेहरा आया | Ghazal

    ByAdmin December 22, 2021

    सपने में इक चेहरा आया ( Sapne mein ek chehra aya )     सपने में इक चेहरा आया कोई बिछड़ा अपना आया   बात करेगा क्या उल्फ़त की करने वो बस शिकवा आया   झूलेंगे बच्चें झूले में गांव हमारे मेला आया   खुशियों के दिन ढ़लतें जाये ग़म का मुझपे साया आया  …

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  • Sard hawayein kavita
    कविताएँ

    सर्द हवाएं | Sard hawayein kavita

    ByAdmin December 21, 2021

    सर्द हवाएं ( Sard hawayein )   सर्द हवाएं ठंडी ठंडी तन ठिठुरन सी हो जाती है कंपकंपी छूटती तन बदन में सर्दी खूब सताती है   ठंडा माह दिसंबर का सर्दी का कोप बड़ा भारी कोहरा धुंध ओस आये होती कहीं बर्फबारी   बस दुबके रहो रजाई में अलाव कहीं जला देना स्वेटर मफलर…

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  • बज़्म में ऐसा ख़ूब हुआ | Bazm Shayari
    शेरो-शायरी

    बज़्म में ऐसा ख़ूब हुआ | Bazm Shayari

    ByAdmin December 21, 2021February 4, 2023

    बज़्म में ऐसा ख़ूब हुआ ( Bazm me aisa khoob hua )     बज़्म में ऐसा ख़ूब हुआ शे’र पे चर्चा ख़ूब हुआ कैसे उससे मिलना हो घर पर पहरा ख़ूब हुआ जिससे दिल का रिश्ता था ग़ैर वो चेहरा ख़ूब हुआ छोड़ दिया अपनों ने साथ दिल यह तन्हा ख़ूब हुआ छाया उस…

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  • Essay on water crisis in India in Hindi
    निबंध

    निबंध : भारत में जल संकट | Essay on water crisis in India in Hindi

    ByAdmin December 20, 2021

    निबंध : भारत में जल संकट ( Water crisis in India : Essay in Hindi )   प्रस्तावना :- भारत में जल उपलब्धता और उपयोग के स्तर पर विचार किया जाए तो भारत में वैश्विक ताजे जल स्त्रोत का मात्र 4% हिस्सा मौजूद है। जिसमें वैश्विक जनसंख्या के 18% हिस्से को जल उपलब्ध कराया जाता…

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  • Man ke meet
    कविताएँ

    मन के मीत | Man ke meet kavita

    ByAdmin December 20, 2021

    मन के मीत ( Man ke meet )     मेरे मन के मीत मेरे मन की थी कल्पना कोई भोली भाली अल्पना आती है मुझे बार बार सपना बाहों में भरकर उसको अपना बना लेते हो   मेरे मन के मीत मुझे तुम बहुत याद आते हो सपनों में क्यूँ सताया करते हो रोज…

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  • Kavita nahane lagi
    कविताएँ

    नहाने लगी | Kavita nahane lagi

    ByAdmin December 19, 2021May 13, 2023

    नहाने लगी ( Nahane lagi )   दोपहर  ओहदे  पे  जो  आने लगी । धूप भी अपने तेवर दिखाने लगी ।।   एक भोंरें को छू के चमेली खिली । दूसरी  अपनी  पेंगे बड़ाने लगी ।।   छू के चन्दा की किरणें कुमुदनी हसीं । और  अमिसार  में जगमगाने लगी ।।   रात  रानी  से …

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  • Hum mile the
    कविताएँ

    हम मिले थे आपसे वो जमाना याद है | Geet

    ByAdmin December 19, 2021

    हम मिले थे आपसे वो जमाना याद है ( Hum mile the aapse woh zamana yaad hai )     वो हंसी पल वो तराना सुहाना याद है हम मिले थे आपसे वो जमाना याद है   खिल उठा था चमन चहक उठी वादियां सभी खुशियां बरस पड़ी महक उठी बगिया तभी   प्रीत भरी…

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  • Roj hungama hota khoob
    शेरो-शायरी

    रोज हंगामा होता ख़ूब | Ghazal

    ByAdmin December 19, 2021

    रोज हंगामा होता ख़ूब ( Roj hungama hota khoob )     रोज  हंगामा  होता  ख़ूब ग़ज़लों पर है चर्चा ख़ूब   कैसे मिलनें जाऊं उससे गलियों में है पहरा ख़ूब   कल तक तो वो अपना था गैर हुआ वो चेहरा ख़ूब   कितना रौब दिखाए वो घर में आया पैसा ख़ूब   कोई…

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  • Payal geet
    कविताएँ

    पायल | Payal geet

    ByAdmin December 18, 2021

    पायल ( Payal )   बजे पायल की झंकार मन मेरा डोल उठा मन मयूरा नाचे ताल गीत मेरा बोल उठा   करे घुंघरू खूब धमाल दीवानों को घायल रुनझुन रुनझुन की तान छेड़ती है पायल   पैरों का करे सिंगार प्रियतम झूम उठा चमके चांदी की पायल जमाना घूम उठा   मदमस्त बहारें मोहक…

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  • Bhula rahe ho na kavita
    कविताएँ

    भुला रहे हो न | Bhula rahe ho na kavita

    ByAdmin December 18, 2021

    भुला रहे हो न ( Bhula rahe ho na )     कुछ बोलो कुछ तो सच बोलो, आज लिखकर मिटा रहे हो न। चुड़ा दही कुर्ता पायजामा आदि, बोलो ना तुम क्यों शर्मा रहे हो न।   जहां आज खड़े हो ऐ उनकी है, पेड़ पौधे कुआं कल सब के सब। क्यों छुप कर…

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