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TheSahitya – द साहित्य
  • निबंध : वैश्वीकरण महत्व एवं दुष्प्रभाव
    निबंध

    निबंध : वैश्वीकरण का महत्व एवं दुष्प्रभाव | Hindi essay

    ByAdmin November 13, 2021November 13, 2021

    निबंध : वैश्वीकरण का महत्व एवं दुष्प्रभाव ( Importance of globalisation and its side effect : Hindi essay )   प्रस्तावना  :- वैश्वीकरण शब्द अंग्रेजी भाषा के ग्लोबलाइजेशन का हिंदी रूपांतरण है। वर्तमान समय में इसका अर्थ संपूर्ण वैश्विक भूखंड से लिया जाता है। इस शब्द का प्रयोग सबसे पहले एंथोनी गिड्डेंस ने किया था।…

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  • Surya upasna kavita
    कविताएँ

    सूर्य उपासना | Surya upasana kavita

    ByAdmin November 13, 2021

    सूर्य उपासना ( Surya upasana )     हे सूर्यदेव दिनकर देव रवि रथ पर होकर सवार ओज कांति प्रदाता तुम्ही आदित्य हरते अंधकार   सारी दिशाएं आलोकित किरणें प्रकाशित करती नव भोर उमंगे सृष्टि में प्रभायें  प्रभावित करती   सारे जगत में ऊर्जा का नव शक्ति का भंडार हो सकल चराचर जगत में प्रगति…

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  • Fareb shayari
    शेरो-शायरी

    दिल कर गये ज़ख्मी उसके ही फ़रेब आज़म | Fareb shayari

    ByAdmin November 13, 2021

    दिल कर गये ज़ख्मी उसके ही फ़रेब आज़म ( Dil kar gaye zakhmi uske hi fareb Azam )     दिल कर गये ज़ख्मी उसके ही फ़रेब आज़म उल्फ़त  में  खा गये हम तो फ़रेब आज़म   पहले किया मुहब्बत के वादे रोज़ मुझसे हर वादे बन गये उल्फ़त के फ़रेब आज़म   मैंने दिया…

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  • Poem on astha in Hindi
    कविताएँ

    आस्था | Poem on Astha in Hindi

    ByAdmin November 12, 2021August 9, 2023

    आस्था ( Aastha )   भावों के भंवर में बोलो बहकर कहां जाओगे मंदिर सा मन ये मेरा कभी दौड़े चले आओगे   आस्था की ज्योत जगाकर दीपक जला लेना भाव भरे शब्द सुमन पूजन थाल सजा लेना   विश्वास जब भी उमड़े प्रेम की घट धारा आए आस्था उर में जागे जब दिल कोई…

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  • Bachpan par kavita
    कविताएँ

    वो बचपन की यादें | Bachpan par kavita

    ByAdmin November 12, 2021

    वो बचपन की यादें ( Wo bachpan ki yaddein )     याद है मुझे आज भी बचपन की वो अठखेलियाँ बारिश के पानी नाचते कूदते भीगना संग साथियाँ   सबका साथ साथ रहना खाना पीना सोना बैठना दादा दादी नाना नानी से सुनते हुए हम कहानियाँ   भाई बहनों और दोस्तों के साथ मौज…

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  • Hindi poem on gopasthami
    कविताएँ

    गोपाष्टमी | Hindi poem on gopasthami

    ByAdmin November 11, 2021

    गोपाष्टमी ( Gopashtami : Geet )   गौमाता  को  जीने  दो दूध की नदियां बहने दो राष्ट्र उत्थान होने को है इनका संरक्षण होने दो   जिसे घर में गौ पाली जाती वो धाम अभय हो जाता है साक्षात रूप में विष्णु को  गोलोकधाम को पाता है   इनके निवास से गोकुल का सदा सुख…

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  • Gum ki shayari
    शेरो-शायरी

    किसी को जब जिंदगी में ख़ुशी नहीं मिलती | Gum ki shayari

    ByAdmin November 11, 2021October 25, 2022

    किसी को जब जिंदगी में ख़ुशी नहीं मिलती ( Kisi ko jab zindagi mein khushi nahi milti )     किसी को जब जिंदगी में ख़ुशी नहीं मिलती लबों पे उसके कभी फ़िर हंसी नहीं मिलती   की गांव मैं लौट आया इसीलिए अपनें नगर में कोई सच्ची दोस्ती नहीं मिलती   निगाह उससे मिलाऊँ…

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  • Hindi poetry
    कविताएँ

    सच का पता आसान नहीं है | Hindi poetry

    ByAdmin November 10, 2021

    सच का पता आसान नहीं है ( Sach ka pata aasan nahin hai )   तूफां से भिड़ना पड़ता है आंधी से लड़ना पड़ता है उर हौसला दुर्गम पथ पहाड़ों पर चढ़ना पड़ता है   नदी नाले कंटक राहों का पथिक कहो ज्ञान नहीं है सत्य की राह चलना सच का पथ आसान नहीं है…

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  • Main kavita ki hunkaro se
    कविताएँ

    मैं कविता की हूंकारो से | Kavita

    ByAdmin November 10, 2021

    मैं कविता की हूंकारो से ( Main kavita ki hunkaro se )     मैं कविता की हूंकारो से, गगन उठाया करता हूं। सोया सिंह जंगल का राजा, शेर जगाया करता हूं।   मात पिता गुरु की सेवा का, धर्म बताया करता हूं। अतिथि देवन हमारे, सम्मान जताया करता हूं।   शब्दाक्षर से अल्फाजों में,…

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  • Gurur brahma gurur vishnu
    कविताएँ

    गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु | Kavita

    ByAdmin November 10, 2021

    गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु ( Gurur brahma gurur vishnu )   जहाँ सिर श्रृद्धा से झुक जाते है अपने शिक्षक सभी याद आते हैं   माँ मेरी प्रथम शिक्षिका है मेरी जीवन की वही रचियेता है पिता से धेर्य सीखा और सीखी स्थिरता   चुपचाप जिम्मेदारी वहन करना और मधुरता दादी दादा नानी नाना से…

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