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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Vairagya kavita
    कविताएँ

    वैराग्य | Vairagya kavita

    ByAdmin November 17, 2021

    वैराग्य ( Vairagya )   सांसारिक जीवन से विरक्ति वैराग्य जब जागे हृदय  के  सारे  अंधकार  दुर्गुण दोष सब भागे   बने वैरागी राजा भर्तृहरि राजपाट दिया त्याग तप योग साधना कर हुआ हरि भजन अनुराग   गौतम बुद्ध वैराग्य जागा जन्म मरण गए जान खूब  तपस्या  करके वन में महात्मा हुये महान   साधु-संत…

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  • Romantic Poetry in Hindi
    शेरो-शायरी

    ये दिल कहीं लगता नहीं बिन आपके | Romantic Poetry in Hindi

    ByAdmin November 16, 2021

    ये दिल कहीं लगता नहीं बिन आपके ( Ye dil kahin lagta nahin bin aapke )     सोनू! तन्हाई में ये दिल अक्सर बातें करता है तेरी अपनी बातों ही बातों में उलझा करता है   ये पागल हो गया है ये दिल दीवाना एक ना सुने दुनिया के रिवाज माने ना जिद करे…

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  • Hindi poem pyar ka tohfa
    कविताएँ

    प्यार का तोहफा | Hindi poem pyar ka tohfa

    ByAdmin November 16, 2021

    प्यार का तोहफा ( Pyar ka tohfa )   जो हो दिलदार खास उनका स्वागत कीजिए दिल खोल खुशियां बांटो प्यार का तोहफा दीजिए   महक उठे मन का कोना सबको खुशियां दीजिए प्यार की खुशबू महकेगी हर पल महसूस कीजिए   चार दिन की जिंदगी पल पल जी लीजिए हंसी खुशी से जीवन आनंद…

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  • Aankhon ka paimana
    शेरो-शायरी

    आँखों का पैमाना | Ghazal

    ByAdmin November 16, 2021November 16, 2021

    आँखों का पैमाना ( Aankhon ka paimana )   है  उसकी  नजर  मीठा जहर तो है दवा मैखाना । नजर से होश खो जाये, तो वापिस जाम से आना ।।   हुआ बीमार जब मैकश,जुड़ गये झूमकर मैकश । हुआ बीमार जब बाइज, हुआ घर उससे बेगाना ।।   हमारे  इश्क  के  सौदे  में, तुम…

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  • Dil ke jharokhe se kavita
    कविताएँ

    दिल के झरोखे से | Dil ke jharokhe se kavita

    ByAdmin November 15, 2021

    दिल के झरोखे से ( Dil ke jharokhe se )     दिल के झरोखे से झांको जरा मेरे यार खुशियों भरा यह संसार   दिल के सब दरवाजे खोलो मधुर मधुर बोलो जोड़ो दिलों के तार खुशियों भरा यह संसार   कोई तराना आए कोई मुस्कान लबों पे छाये उमड़े दिलों में प्यार खुशियों…

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  • Muhabbat shayari
    शेरो-शायरी

    मुहब्बत के जब से ही वो गुलाब टूटे है | Muhabbat shayari

    ByAdmin November 15, 2021November 15, 2021

    मुहब्बत के जब से ही वो गुलाब टूटे है ( Muhabbat ke jab se hi wo gulab tute hai )     मुहब्बत के जब से ही वो गुलाब टूटे है अंदर  से  ही खूब हम भी ज़नाब टूटे है   ज़वाब देता नहीं था मुहब्बत का मेरी लबों  पे  ही आज उसके ज़वाब टूटे…

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  • Yauvan kavita
    कविताएँ

    यौवन | Yauvan kavita

    ByAdmin November 15, 2021

    यौवन ( Yauvan : Kavita )     अंग अंग भरी जवानी मन ही मन इठलाता यौवन मादकता के रंग बिखेरे मदमाता बल खाता यौवन   बहती सरिता सी अंगड़ाई फूलों सा महकता यौवन उन्मुक्त उड़ान भरे जवानी स्वप्न सुनहरे हो अंतर्मन   सागर सी उमंगे उठती भाव भरी बहती धाराएं मंद मंद मुस्काता यौवन…

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  • Dr. K. K. Srivastava poetry
    शेरो-शायरी

    मकानों में रख लिया | Dr. Kaushal Kishore Srivastava poetry

    ByAdmin November 14, 2021November 14, 2021

    मकानों में रख लिया ( Makano me rakh liya )     था जिन दियो में तेल मकानों में रख लिया । खाली दियो को तुमने मचानों में रख दिया ।।     उत्तर  थे  मेरे पास तुमने छीन सब लिया । फिर मुझको सवालो के निशानों पे रख दिया ।।     छीनी किसानों…

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  • Hindi kavita khandhar
    कविताएँ

    खंडहर | Hindi kavita Khandhar

    ByAdmin November 14, 2021September 28, 2023

    खंडहर ( Khandhar )     खड़ा खंडहर कह रहा महलों की वो रवानिया शौर्य पराक्रम ओज भरी कीर्तिमान कहानियां   कालचक्र के चक्रव्यूह में वर्तमान जब जाता है बस यादें रह जाती है अतीत बन रह जाता है   उसे ऊंचे महल अटारी खड़ी इमारते भारी भारी समय के थपेड़े खाकर ढह जाती बुनियादें…

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  • Soch shayari
    शेरो-शायरी

    सोच चुप है | Soch shayari

    ByAdmin November 14, 2021November 14, 2021

    सोच चुप है ( Soch chup hai )     सोच चुप है , मौन है क्यों ख़ामोश है   सोच पर लगान नहीं, कोई लगाम नहीं, तो   सोच को ज़बान दो कुछ अल्फ़ाज़ दो   सोच की परवाज़ को इक नया मुकाम दो   सोच है सोचेगी खुद में उलझेगी तुझको उलझायेगी  …

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