Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Is artificial intelligence a boon or a curse
    निबंध

    निबंध : कृत्रिम बुद्धिमत्ता वरदान है या अभिशाप | Essay in Hindi

    ByAdmin November 5, 2021November 28, 2022

    निबंध : कृत्रिम बुद्धिमत्ता वरदान है या अभिशाप   ( Is artificial intelligence a boon or a curse? : Essay in Hindi ) प्रस्तावना :- इन दिनों दुनिया भर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की चर्चा हो रही है। महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंस ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता की संभावनाओं के साथ-साथ इसकी चुनौतियों के बारे में कहा था…

    Read More निबंध : कृत्रिम बुद्धिमत्ता वरदान है या अभिशाप | Essay in HindiContinue

  • Kavita
    कविताएँ

    रख | Kavita

    ByAdmin November 5, 2021

    रख ( Rakh : Hindi Kavita  )   खुशियो भरा पिटारा रख । दिल मे जज्बा प्यारा रख ।। तुझे अकेले चलना है । आगे एक सितारा रख ।। मन मे हो मझधार अगर । अपने साथ किनारा रख ।। धुन्धले पन के भी अंदर । सुंदर एक नजारा रख ।। दुनिया से जो भिड़ना…

    Read More रख | KavitaContinue

  • Kundaliya chhand
    कविताएँ

    दीप जलाए प्रेम के | Kundaliya chhand

    ByAdmin November 4, 2021

    दीप जलाए प्रेम के ( Deep jalaye pyar ke : kundaliya chhand )   दीप जलाए प्रेम के,पावन है अति पर्व। अनुरंजन वंदन करें,आज सभी को गर्व।   आज सभी को गर्व,जगत फैला उजियारा। बढ़े  परस्पर  प्रेम, बढ़ाएं  भाईचारा।   लक्ष्मी  देव  गणेश, आरती  मंगल  गाये। खुशियां मिले अपार ,प्रेम के दीप जलाये।     …

    Read More दीप जलाए प्रेम के | Kundaliya chhandContinue

  • Shayari diwali ki
    शेरो-शायरी

    दीप जले देखो जगमग ख़ुशी के यहां | Shayari diwali ki

    ByAdmin November 4, 2021

    दीप जले देखो जगमग ख़ुशी के यहां ( Deep jale dekho jagmag khushi ke yahan )     गांव  में  हर  तरफ़  रोशनी के यहां दीप जले देखो जगमग ख़ुशी के यहां   आज दीपावली लेकर आयी ख़ुशी की मिठाई बनी है सभी के यहां    भूलकर लोग सिक्वे गिले मिल रहे  खिल उठें  प्यार…

    Read More दीप जले देखो जगमग ख़ुशी के यहां | Shayari diwali kiContinue

  • Narak chaturdashi kavita
    कविताएँ

    नरक चतुर्दशी | Narak chaturdashi kavita

    ByAdmin November 4, 2021

    नरक चतुर्दशी ( Narak chaturdashi )     नरक चतुर्दशी नाम है सुख समृद्धि का त्यौहार रूप चौदस कहते इसे सुहागने करती श्रंगार   यम का दीप जलाया जाता सद्भाव प्रेम जगाया जाता बड़े बुजुर्गों के चरण छू कर खूब आशीष पाया जाता   छोटी दिवाली का रुप होती रोशनी अनूप होती सजावट से रौनक…

    Read More नरक चतुर्दशी | Narak chaturdashi kavitaContinue

  • Diwali geet
    कविताएँ

    दीपावली | Diwali geet

    ByAdmin November 3, 2021

    दीपावली ( Deepawali : Geet )   लो आया दीपों का त्यौंहार छाई रौनक भरे बाजार खुशियों में झूमे संसार सज रहे घर-घर बंदनवार   दीप जलाने की बेला में देते खूब बधाई जगमग जगमग दीप जले घर घर धनलक्ष्मी आई   गजानंद जी रिद्धि सिद्धि लाये धन लक्ष्मी धन योग सुख समृद्धि वैभव आए…

    Read More दीपावली | Diwali geetContinue

  • Diwali ki kavita in Hindi
    कविताएँ

    हर तिमिर मिट जाए | Diwali ki kavita in Hindi

    ByAdmin November 3, 2021November 3, 2021

    हर तिमिर मिट जाए ( Har timir mit jaye : Kavita)   जल  उठे  दीए,  घर  आंगन  में; भर जाएँ खुशियाँ सबके दामन में! घर में श्री गणेश-लक्ष्मी का वास हो; और कोरोना महामारी का नाश हो!   हर ग़रीब के घर दीया व चूल्हा जले; सबका संसार खुशियों से फूले-फले! मिट्टी के दीपक जला,…

    Read More हर तिमिर मिट जाए | Diwali ki kavita in HindiContinue

  • Bewafa sanam ghazal
    शेरो-शायरी

    बेवफा जब से सनम मेरा हुआ | Bewafa sanam ghazal

    ByAdmin November 3, 2021December 4, 2022

    बेवफा जब से सनम मेरा हुआ ( Bewafa jab se sanam mera hua )     बेवफा जब से सनम मेरा हुआ साथ मेरे कल बड़ा धोखा हुआ   घेरे है क्यों तेरे अपनें इस तरह तू बता कल साथ तेरे क्या हुआ   की मिले इतने मुहब्बत के सितम ज़ख्म दिल में और भी…

    Read More बेवफा जब से सनम मेरा हुआ | Bewafa sanam ghazalContinue

  • Gitika chhand
    कविताएँ

    संत्रास | Gitika chhand

    ByAdmin November 3, 2021November 3, 2021

    संत्रास ( Santras )   ईर्ष्या, पीड़ा, शत्रुता, अति, अभाव का त्रास ! हीन भावना , विवशता , से निर्मित संत्रास !!   मन में पाया बिखरता, जब इनका अंधियार चाहा कारण खोज ले, क्यों है यह प्रतिभास !!   मन ने सुन ली सहज ही , मन की सारी पीर समझ लिया था जान…

    Read More संत्रास | Gitika chhandContinue

  • Diwali tyohar kavita
    कविताएँ

    दीपावली त्योहार | Diwali tyohar kavita

    ByAdmin November 2, 2021

    दीपावली त्योहार ( Deepawali tyohar : Kavita )   जगमगाया घर का आंगन आया  दीपों  का  त्योहार रोशन हो गया कोना-कोना दिवाली खुशियों का त्योहार   दीप जले उजियारा लाये स्नेह मिलन बिखेरे प्यार घर घर में खुशहाली छाये सदा  भरा  रहे  भंडार   लक्ष्मी मां कृपा हमेशा बरसाती  रहे  अपार यश कीर्ति वैभव दात्री…

    Read More दीपावली त्योहार | Diwali tyohar kavitaContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 657 658 659 660 661 … 832 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search