Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • रात भर नींद नही आयी मुझे
    शेरो-शायरी

    रात भर नींद नही आयी मुझे | Neend shayari

    ByAdmin June 17, 2021December 12, 2022

    रात भर नींद नही आयी मुझे ( Raat bhar neend nahi aaye mujhe )   रात भर नींद नही आयी मुझे, तेरी यादों ने जगा रखा था। आज फिर से वही तन्हाई है, तेरी यादों ने जगा रखा था।   यादों ने ख्वाब दबा रखा हैं, नींद आती ही नही है मुझको, रातभर करवटों का…

    Read More रात भर नींद नही आयी मुझे | Neend shayariContinue

  • आओ चले योग की ओर
    कविताएँ

    आओ चले योग की ओर | Kavita

    ByAdmin June 17, 2021

    आओ चले योग की ओर ( Aao chale yoga ki ore )   आओ चले योग की ओर आओ चले योग की ओर तन  मन  अपना चंगा होगा सेहत रहेगी सिरमौर   व्याधि  बीमारी  महामारी हाई-फाई हो रही भारी शुगर बीपी का मचे शोर आओ चले योग की ओर   संतुलित  सुखकर्ता  जीवन  में हर्ष…

    Read More आओ चले योग की ओर | KavitaContinue

  • प्यार की कब बहार देखी है
    शेरो-शायरी

    प्यार की कब बहार देखी है | Ghazal

    ByAdmin June 16, 2021June 16, 2021

    प्यार की कब बहार देखी है ( Pyar ki kab bahar dekhi hai )   प्यार की कब बहार देखी है ! नफ़रतों की  दयार देखी है   आ रही है यहां ग़म की बारिश कब ख़ुशी की फुवार देखी है   जो  आँखें थी भरी नज़ाकत से प्यार  में  बेक़रार  देखी  है   थी…

    Read More प्यार की कब बहार देखी है | GhazalContinue

  • हम कठपुतली है ईश्वर की
    कविताएँ

    हम कठपुतली है ईश्वर की | Geet Hum Kathputli

    ByAdmin June 15, 2021April 13, 2023

    हम कठपुतली है ईश्वर की ( Hum kathputli hai Ishwar ki )   सारी दुनिया रंगमंच है खेल वही दिखलाएगा हम कठपुतली है ईश्वर की चाहे जिसे नचायेगा नीली छतरी वाला बैठा डोर वही हिलाएगा न्यारे न्यारे दे किरदार अभिनय खूब कराएगा हमको रोल निभाना प्यारे बाजीगर खेल दिखाएगा हम कठपुतली है ईश्वर की मर्जी…

    Read More हम कठपुतली है ईश्वर की | Geet Hum KathputliContinue

  • जामुन
    कविताएँ

    जामुन | Jaamun Par Kavita

    ByAdmin June 15, 2021

    जामुन  ( Jaamun )   देखो काली-काली जामुन  भाए डाली डाली जामुन l  कुछ पक्की कुछ कच्ची जामुन  कुछ मीठी कुछ खट्टी जामुन l  गुच्छे में खूब लटक रही है बच्चों को खूब खटक रही है l कुछ काली कुछ लाल हरी लेकिन जामुन खूब फरी  l बच्चे चढ़कर तोड़ रहे हैं कुछ बीन रहे…

    Read More जामुन | Jaamun Par KavitaContinue

  • ईश वन्दना
    कविताएँ

    ईश वन्दना | Ish Vandana

    ByAdmin June 15, 2021March 1, 2022

    ईश वन्दना ( Ish Vandana )   कमल पुष्प अर्पित करना, शिव शम्भू तेरे साथ रहे। इस त्रिभुवन के अरिहंता का,सम्मान हृदय में बना रहे। आँखों के मध्य पुतलियों में, भगवान हमेशा बने रहे, हो दशों दिशा मे नाम सदा, जयकार हमेशा बना रहे।   विघ्नहरण गणपति की स्तुति, जो है तारणहार। सदा भवानी दाहिने…

    Read More ईश वन्दना | Ish VandanaContinue

  • जब भी चाहेगा तू रूलायेगा
    शेरो-शायरी

    जब भी चाहेगा तू रूलायेगा | Ghazal

    ByAdmin June 15, 2021

    जब भी चाहेगा तू रूलायेगा ( Jab bhi chahega tu rulayega )   इससे ज्यादा भी क्या सतायेगा, जब  भी  चाहेगा  तू रुलायेगा।। शुकून हवा का इक झोंका है, अभी  आया  है चला जायेगा।। नज़र  मिलाके जरा बात करो, मामला तब समझ में आयेगा।। एक मुद्दत से मैं सोया ही नहीं अपनी बाहों में कब…

    Read More जब भी चाहेगा तू रूलायेगा | GhazalContinue

  • आदत
    कविताएँ

    आदत | Aadat Kavita

    ByAdmin June 12, 2021

    आदत ( Aadat )   मीठा मीठा बोल कर घट तुला तोलकर वाणी  मधुरता  घोल  फिर मुख खोलिए   प्रतिभा छिपाना मत पर घर जाना मत सत्कार मेहमानों का हो आदत डालिए   प्रातः काल वंदन हो शुभ अभिनंदन हो सेवा  कर्म  जीवन  में  आदत  बनाइए   रूठे को मना लो आज करना है शुभ…

    Read More आदत | Aadat KavitaContinue

  • Janm leti hai ghazal
    शेरो-शायरी

    जन्म लेती है ग़ज़ल तो शायरी की कोख से | Ghazal

    ByAdmin June 12, 2021

    जन्म लेती है ग़ज़ल तो शायरी की कोख से ( Janm leti hai ghazal to shayari ki kokh se )     जन्म लेती है ग़ज़ल तो शाइरी की कोख से जिंदगी मिलती है जैसे जिंदगी की  कोख से   देखिए वरना अमीरी कब पड़फती है भूखी भूख की आहें उठती है मुफ़लिसी की कोख…

    Read More जन्म लेती है ग़ज़ल तो शायरी की कोख से | GhazalContinue

  • जंगल
    कविताएँ

    जंगल | Jungle par kavita

    ByAdmin June 11, 2021

    जंगल ( Jungle )   कुदरत का उपहार वन जन जीवन आधार वन जंगल धरा का श्रृंगार हरियाली बहार वन   बेजुबानों का ठौर ठिकाना संपदा का खूब खजाना प्रकृति मुस्कुराती मिलती नदी पर्वत अंबर को जाना   फल फूल मेंवे मिल जाते नाना औषधि हम पाते वन लकड़ी चंदन देते हैं जीव आश्रय पा…

    Read More जंगल | Jungle par kavitaContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 689 690 691 692 693 … 832 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search