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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • चांद पर जमीन
    कविताएँ

    चांद पर जमीन | Hindi Kaita on Nature

    ByAdmin April 8, 2021October 23, 2024

    चांद पर जमीन ( Chand Par Zameen ) चचा ! बिकने लगा है चांद पर जमीन लोग खरीदने भी लगे हैं। जाकर देखा नहीं वहां, नीचे से तो दिखता है बस आसमां; अखबार में पढ़ा। पढ़ खरीदने का ख्याल मन में आया, चचा के दरबार में भागते चला आया। कुछ मशविरा दीजिए, लीजिए अखबार आप…

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  • दें गयी इश्क़ में मात वो
    शेरो-शायरी

    दें गयी इश्क़ में मात वो | Shayari Ishq mein

    ByAdmin April 8, 2021February 9, 2023

    दें गयी इश्क़ में मात वो ( De Gayi Ishq Mein Maat Wo )   दें  गयी  इश्क़  में मात वो कह गयी कुछ ऐसी बात वो   आज वो हो रही ख़ुश बहुत छेड़कर दिल के नग्मात वो   अनसुना  करती  रहा  रोज़ ही कब समझें दिल के जज्बात वो   जो  नहीं  यार …

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  • फ़लक से क़मर को उतारा कहाँ है
    ग़ज़ल

    फ़लक से क़मर को उतारा कहाँ है || Hindi Ghazal on Life

    ByAdmin April 8, 2021August 2, 2024

    फ़लक से क़मर को उतारा कहाँ है ( Falak Se Kamar Ko Utara Kahan Hai )   फ़लक से क़मर को उतारा कहाँ है अभी उसने ख़ुद को सँवारा कहाँ है उदासी में डूबी है तारों की महफ़िल बिना  चाँद  के ख़ुश नज़ारा कहाँ है हुआ जा रहा है फ़िदा दिल उसी पर अभी  हमने…

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  • फूलों का रंग रखिए,बरकरार हमेशा
    शेरो-शायरी

    फूलों का रंग रखिए,बरकरार हमेशा || hindi ghazal on nature

    ByAdmin April 8, 2021April 12, 2021

    फूलों का रंग रखिए,बरकरार हमेशा ( Phoolon Ka Rang Rakhiye, Barkarar Hamesha )   फूलों  का  रंग  रखिए, बरकरार हमेशा। इस वास्ते गुलशन से करें,प्यार हमेशा।   कौन मौज में यहां, है मुफलिसी में कौन, यही  जानने  को पढ़िए,अखबार हमेशा।   जिसके ज़िगर में हौसलों का रंग नहीं है। वो  शख्स  ही  बदरंग है, लाचार…

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  • कन्या और दान
    कविताएँ

    कन्या और दान | shadi poem in hindi

    ByAdmin April 7, 2021April 12, 2021

    *कन्या और दान* ( Kanya Or Daan )    जबसे बिटिया हुई सयान चिंता में है बाप की जान  नित्य  धरावे  नारी  ध्यान  जल्दी कर दो कन्यादान  घर -वर ढूढ़े फिर बाप परेशान कहां   मिले   अच्छा  मेहमान घर मिले अच्छा तो वर नहीं अच्छा बर  मिले  अच्छा तो घर नहीं अच्छा घर- वर अच्छा तब…

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  • हमें न ज़ोर हवाओं से आज़माना था
    ग़ज़ल

    Ghazal | हमें न ज़ोर हवाओं से आज़माना था

    ByAdmin April 7, 2021July 5, 2023

    हमें न ज़ोर हवाओं से आज़माना था ( Hame Na Zor Hawaon Se Aazmana Tha )   हमें   न  ज़ोर  हवाओं  से  आज़माना  था वो कच्चा धागा था उसको तो टूट जाना था   वो मेरे ज़हन में ढलता गया ग़जल की तरह मेरा  मिज़ाज  ही  कुछ  ऐसा  शायराना  था   हज़ारों फूल से खिलते…

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  • याद सताए तेरी सोन चिरैया
    कविताएँ

    याद सताए तेरी सोन चिरैया | Kavita

    ByAdmin April 7, 2021April 7, 2021

    याद सताए तेरी सोन चिरैया ( Yad Sataye Teri Son Chiraiya )   कहां गई? वो सोन चिरैया! रहती थी जो सबके घर आंगन चाहे महल हो या हो मड़ैया! कहां गई?? क्या खो हो गई? या रूठ कर हमसे दूर हो गई? भारत मां की थी तू लाडली, मिलजुलकर सबने जिसे थी पाली। करती…

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  • मन का संसय
    कविताएँ

    मन का संसय | Kavita

    ByAdmin April 7, 2021August 24, 2022

    मन का संसय ( Man ka Sansay )   उम्मीद हमारी तुमसें है, देखों  यह  टूट न जाए। विश्वास का धागा ऐसा है जो,पास तेरे ले आए।   मन जुड़ा हुआ है श्याम तुम्ही से,तू ही राह दिखाए। किस पथ पहुचें द्वार तेरे, उस पथ को आप दिखाए।   भटकत मन को बांध सका ना,शेर…

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  • आज का समाचार
    कविताएँ

    Kavita Aaj ka Samachar | आज का समाचार

    ByAdmin April 7, 2021February 11, 2023

    आज का समाचार ( Aaj Ka Samachar )   कोरोना इस बार पार कर गया लाख एक और पंद्रह हजार रहें सतर्क करें न कुतर्क यह महामारी है सारे रोगों पर भारी है यमराज से इसकी यारी है धरी रह गई सारी तैयारी है टीके पर टिकी उम्मीद है अब सारी लगवाने की अब बारी…

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  • कभी वेदना कि संवेदना को समझे ही नही
    गीत

    Geet Bedna ki Sambedna | कभी वेदना कि संवेदना को समझे ही नही

    ByAdmin April 7, 2021February 11, 2023

    कभी वेदना कि संवेदना को समझे ही नही ( Kabhi Bedna Ki Sambedna Ko Samjhe Hi Nahi )     कभी वेदना कि संवेदना को समझे ही नही अब आंखों में पानी बहाने से क्या फायदा   कभी मोहब्बत को मोहब्बत तुम समझे ही नहीं अब दिल सामने निकाल रखने से क्या फायदा   कभी…

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