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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • थप्पड़
    कविताएँ

    Kavita | थप्पड़

    ByAdmin March 19, 2021

    थप्पड़ ( Thappad ) *** उसने मां को नहीं मारा मार दिया जहान को अपनी ही पहचान को जीवन देने वाली निशान को। जान उसी की ले ली, लिए गोद जिसे रोटियां थी बेली। निकला कपूत, सारे जग ने देखा सुबूत। हो रही है थू थू, कितना कमीना निकला रे तू? चुकाया न कर्ज दूध…

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  • दोस्ती का हक अदा कर!
    शेरो-शायरी

    Dosti Ka Haq | दोस्ती का हक़ अदा कर

    ByAdmin March 19, 2021April 11, 2021

    दोस्ती का हक अदा कर! ( Dosti Ka Haq Ada Kar )     दोस्ती का हक अदा कर! इतनी दिल से तू वफ़ा कर   दिल से रिश्ता तू निभालें दिल न अपना बेवफ़ा कर   दें वफ़ा तू जिंदगी भर यूं न उल्फ़त में जफ़ा कर   साथ बनकर हम सफ़र चल हर…

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  • मौसम खिजां का सीने में ग़म की बहार है
    शेरो-शायरी

    Ghazal Mausam Khijaan Ka | मौसम खिजां का सीने में ग़म की बहार है

    ByAdmin March 18, 2021February 13, 2023

    मौसम खिजां का सीने में ग़म की बहार है ( Mausam Khijaan Ka Sine Mein Gam Ki Bahar Hai )   मौसम ख़िजा का सीने में ग़म की बहार है। उजङा चमन ये गुल बिना कांटे हजार है।।   कैसे करें विश्वास फिर दुनिया-जहां का हम। साथी कोई जग में नहीं दुश्मन अपार है।।  …

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  • अपनी गलती पर अंधभक्त
    कविताएँ

    अपनी गलती पर अंधभक्त | Andhbhakti par Kavita

    ByAdmin March 18, 2021February 13, 2023

    अपनी गलती पर अंधभक्त ( Apni Galti Par Andhbhakt )   सारे ख़ामोश हो जाते हैं, ढ़ूंढ़ने पर भी नजर नहीं आते हैं। बोलती हो जाती है बंद, आंखें कर लेते हैं अंध। सिर झुकाते हैं, मंद मंद मुस्कुराते हैं; दांत नहीं दिखाते हैं! पहले भी ऐसा होता था… कह चिल्लाते हैं। अब तकलीफ क्यों…

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  • तुम्हारे बिन जहां किस काम का है
    शेरो-शायरी

    तुम्हारे बिन जहां किस काम का है | Shayari Tumhare Bin

    ByAdmin March 17, 2021February 13, 2023

    तुम्हारे बिन जहां किस काम का है ( Tumhare Bin Jahan Kis Kam Ka Hai )     लोग  कहते  हैं  कि  आराम  का है। तुम्हारे बिन जहां किस काम का है।।   हथेली पर रोज लिखना मिटाना भी, बस  यही काम सुबहो शाम का है।।   फूल  तो  ले  गये  ले जाने वाले, सिर्फ …

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  • मैं आऊंगा दोबारा
    कविताएँ

    मैं आऊंगा दोबारा | Kavita Main Aaunga Dobara

    ByAdmin March 17, 2021February 13, 2023

    मैं आऊंगा दोबारा ( Main Aaunga Dobara )     ये गांव ये चौबारा मैं आऊंगा दुबारा चाहे सरहद पे रहुं या कहीं भी रहूं पहन के रंग बसन्ती केसरिया या तिरंगी पगड़ियां मैं आऊंगा दुबारा के देश मेरा है प्यारा   सिर मेरे कफ़न दिल में है वतन लाज इसकी बचाने हो जाऊंगा हवन…

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  • भोलेनाथ
    कविताएँ

    Kavita | भोलेनाथ

    ByAdmin March 17, 2021

    भोलेनाथ ( Bholenath ) ****** हो नाथों के नाथ हो अनाथों के नाथ दीनों के नाथ हो हीनों के नाथ। बसे तू कैलाश, बुझाते सबकी प्यास। चराचर सब हैं तेरे संग, रहे सदा तू मलंग । चलें खग पशु प्रेत सुर असुर तेरे संग, देख देवी देवता किन्नर हैं दंग। है कैसा यह मस्त मलंग?…

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  • अपना बचपन
    कविताएँ

    Kavita | अपना बचपन

    ByAdmin March 17, 2021April 12, 2021

    अपना बचपन ( Apna Bachpan )   बेटी का मुख देख सजल लोचन हो आए, रंग बिरंगा बचपन नयनों में तिर जाए । भोर सुहानी मां की डांट से आंखे मलती, शाम सुहानी पिता के स्नेह से है ढलती। सोते जागते नयनों में स्वप्निल सपने थे, भाई बहन दादा दादी संग सब अपने थे। फ्राक…

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  • अनबन
    कविताएँ

    Kavita | अनबन

    ByAdmin March 17, 2021

    अनबन ( Anban )   ** बदल गए हो तुम बदल गए हैं हम नए एक अंदाज से अब मिल रहे हैं हम। ना रही वो कसक ना रही वो ठसक ना रहे अब बहक औपचारिकता हुई मुस्कुराहट! चहक हुई काफूर बैठे अब तो हम दूर दूर! जाने कब क्यूं कैसे चढ़ी यह सनक? मिलें…

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  • नारी व्यथा
    कविताएँ

    Kavita | नारी व्यथा

    ByAdmin March 17, 2021

    नारी व्यथा ( Nari Vyatha )   मेरे हिस्से की धूप तब खिली ना थी मैं भोर बेला से व्यवस्था में उलझी थी हर दिन सुनती एक जुमला जुरूरी सा ‘कुछ करती क्यूं नहीं तुम’ कभी सब के लिए   फुलके गर्म नरम की वेदी पर कसे जाते शीशु देखभाल को भी वक्त दिये जाते…

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