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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • दुनिया
    कविताएँ

    दुनिया | Poem on Duniya

    ByAdmin March 14, 2021February 13, 2023

    दुनिया ( Duniya )   है  कितनी  आभासी  दुनिया, कुछ ताजी कुछ बासी दुनिया।   किसी की खातिर बहुत बड़ी है, मेरे  लिए   जरा  सी  दुनिया।   युगों-युगों  से  परिवर्तित है, फिर भी है अविनाशी दुनिया।   चमक  दमक के पीछे भागे, हैं दौलत की प्यासी दुनिया।   सबको शिकायत है दुनिया से, फिर भी…

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  • तकरार हो गया कल उससे प्यार में
    शेरो-शायरी

    तकरार हो गया कल उससे प्यार में | Takrar Shayari

    ByAdmin March 14, 2021February 13, 2023

    तकरार हो गया कल उससे प्यार में ( Takrar Ho Gaya Kal Usse Pyar Me )     तकरार हो गया कल उससे प्यार में! देखो  भरी  नजाकत   दिलदार   में   कैसे  जुड़ेंगे रिश्ते प्यार के भला टूटे है प्यार के जो  रिश्तें खार में   इतना बदल गया है शहर में जाकर वो  बात …

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  • अगर जीना है दुनिया में सहारे छोड़ने होगे
    शेरो-शायरी

    अगर जीना है दुनिया में सहारे छोड़ने होगे | Jeena hai Shayari

    ByAdmin March 13, 2021February 13, 2023

    अगर जीना है दुनिया में सहारे छोड़ने होगे ( Agar Jeena Hai Duniya Mein Sahare Chhodne Honge )   अगर जीना है दुनिया में सहारे छोड़ने होगे। बहो मँझधार में बेशक किनारे छोड़ने होगे।।   नहीं हमदर्द कोई भी दिखावा सब करे बेशक। नज़र  आती है जो रौनक नजारे छोड़ने होगे।।   बहुत धुंआ उगलती…

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  • वृक्ष की पीड़ा
    कविताएँ

    Vriksh Ki Peeda | वृक्ष की पीड़ा

    ByAdmin March 13, 2021April 11, 2021

    वृक्ष की पीड़ा ( Vriksh Ki Peeda )    काटकर मुझे सुखाकर धूप में लकड़ी से मेरे बनाते हैं सिंहासन वार्निश से पोतकर चमकाते हैं वोट देकर लोग उन्हें बिठाते हैं वो बैठ कुर्सी पर अपनी किस्मत चमकाते हैं, बघारते हैं शोखी, इठलाते हैं; हर सच्चाई को झुठलाते हैं। मोह बड़ा उन्हें कुर्सी का नहीं…

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  • साथ में कोई नहीं मेरे चला है
    शेरो-शायरी

    Ghazal | साथ में कोई नहीं मेरे चला है

    ByAdmin March 11, 2021March 11, 2021

    साथ में कोई नहीं मेरे चला है ( Saath Mein Koi Nahi Mere Chala Hai )   साथ   में  कोई  नहीं  मेरे  चला  है दुश्मनों से ही आज़म तन्हा लड़ा है   प्यार के मुझको मिले मरहम नहीं थें अपनों से ही जख़्म बस मिलता रहा है   मैं  ख़ुशी  से  मुस्कुरा  पाया  नहीं  हूँ…

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  • शिव-स्तुति
    कविताएँ

    Shiv Stuti | शिव-स्तुति

    ByAdmin March 11, 2021March 11, 2021

    शिव-स्तुति ( Shiv Stuti ) ऐसे हैं गुणकारी महेश। नाम ही जिनका मंगलकारी शिव-सा कौन हितेश।।   स्वच्छ निर्मल अर्धचंद्र हरे अज्ञान -तम- क्लेश। जटाजूट में बहती गंगा पवित्र उनका मन-वेश।।   त्रिगुण और त्रिताप नाशक त्रिशूल धारे देवेश।। त्रिनेत्र-ज्वाला रहते काम कैसे करे मन में प्रवेश।।   तमोगुणी क्रोधी सर्प, रखते वश, देते संदेश।…

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  • दिलों के टूटने की जब कभी शुरुआत होती है
    शेरो-शायरी

    Ghazal | दिलों के टूटने की जब कभी शुरुआत होती है

    ByAdmin March 10, 2021March 11, 2021

    दिलों के टूटने की जब कभी शुरुआत होती है ( Dilon Ke Tootne Ki Jab Kabhi Shuruaat Hoti Hai )   दिलों  के  टूटने  की  जब  कभी शुरुआत होती है। कहो कब चैन मिलता है तङफ दिन-रात होती है।।   बहुत  मजबूत  होते  हैं  ग़मों को झेलने वाले। कभी भी उनकी आंखों से नहीं बरसात…

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  • क्या खता थी नजर मिलाना था
    शेरो-शायरी

    Ghazal | क्या खता थी नजर मिलाना था

    ByAdmin March 10, 2021

    क्या खता थी नजर मिलाना था ( Kya Khata Thi Nazer Milana Tha )     क्या  ख़ता  थी  नजर मिलाना था, लेके  खंजर  खड़ा  ज़माना  था।। हादशा   हुआ   तो   हुआ   कैसे, कुछ ही लोगों का आना जाना था‌।। मैं ही खुशबू हूं उनके गुलशन की, उनका  हरदम  यही  बहाना था।। बहुत  सम्भाला  मगर  टूट…

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  • नाम नही
    कविताएँ

    Kavita | नाम नही

    ByAdmin March 10, 2021March 10, 2021

    नाम नही ( Naam Nahi )   संघर्षो  के  रूग्ण धरातल, पे अब उनका नाम नही। जाने कितने कटे मरे पर, कही भी उनका नाम नही।   ये आजादी चरखे के, चलने से हमको नही मिली, लाखों ने कुर्बानी दी पर, कही भी उनका नाम नही।   बूंद बूंद मिलती है तब ये, सागर विस्तृत…

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  • अपनों ने गम से ही भरा जीवन
    शेरो-शायरी

    Sad Ghazal | अपनों ने गम से ही भरा जीवन

    ByAdmin March 10, 2021March 10, 2021

    अपनों ने गम से ही भरा जीवन ( Apno Ne Gham Se Hi Bhara Jeevan )     अपनों ने ग़म से ही भरा जीवन लूटकर सुख ऐसा किया जीवन   आंसू ग़म इतने है मिले मुझको हाँ  ख़ुशी  के लिए जला जीवन   तोड़कर  प्यार  की  दीवारे  वो ग़म भरा मेरा कर गया जीवन…

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