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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • तू महक जिंदगी में गुलाब की तरह
    शेरो-शायरी

    Love shayari | Romantic Ghazal -तू महक जिंदगी में गुलाब की तरह

    ByAdmin January 17, 2021February 25, 2021

    तू महक जिंदगी में गुलाब की तरह ( Tu Mahak Jindagi Mein Gulaab Ki Tarah )   तू महक जिंदगी में गुलाब की तरह मत जा तू बेवफ़ा से ज़नाब की तरह   हाँ अंधेरे तन्हाई के होगे यहां गुम कहीं मत हो इस आफ़ताब की तरह   चाँद सी सूरत को हाँ लगेगी नजर…

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  • ये आंसू के अक्षर हैं दिखाई नहीं देते
    कविताएँ

    Shayari On Life -ये आंसू के अक्षर हैं दिखाई नहीं देते

    ByAdmin January 17, 2021February 25, 2021

    ये आंसू के अक्षर हैं दिखाई नहीं देते ( Ye Aansoo Ke Akshar Hai Dikhai Nahi Dete )     देते हैं दर्द मगर दवाई नहीं देते। एक बार कैद करके रिहाई नहीं देते।।   तनहाई में जाकर के इत्मिननान से सोचो, ये आंसू के अक्षर हैं दिखाई नहीं देते।।   वो मर गया पर…

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  • लगी आग नफ़रत की ऐसी जहां में
    शेरो-शायरी

    Hindi Poetry On Life -लगी आग नफ़रत की ऐसी जहां में

    ByAdmin January 16, 2021February 25, 2021

    लगी आग नफ़रत की ऐसी जहां में (Lagi Aag Nafrat Ki Aisi Jahan Mein )     मैं जब भी पुराना मकान देखता हूं! थोड़ी बहुत ख़ुद में जान देखता हूं!   लड़ाई वजूद की वजूद तक आई, ख़ुदा का ये भी इम्तिहान देखता हूं!   उजड़ गया आपस के झगड़े में घर, गली- कूचे…

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  • बारिशे मेरे आँगन से होकर जब भी गुजरी
    कविताएँ

    Ghazal By Dr.Alka Arora -बारिशे मेरे आँगन से होकर जब भी गुजरी

    ByAdmin January 16, 2021February 25, 2021

    बारिशे मेरे आँगन से होकर जब भी गुजरी ( Baarishe Mere Aangan Se Hokar Jab Bhi Gujri )   ?? तेरे शहर मे आज बेसबब आई हूँ साथ मुकद्दर के कुछ लम्हे लाई हूँ मुस्कुराना मेरी आदत है ,तो हो आँसू तेरी आँख से भी चुराने आई हूँ ?? वो जो करते रहे बाते किरदार…

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  • चोरी चोरी चुपके चुपके मिला कर
    शेरो-शायरी

    love Ghazal -चोरी चोरी चुपके चुपके मिला कर

    ByAdmin January 16, 2021February 25, 2021

    चोरी चोरी चुपके चुपके मिला कर   ( Chori Chori Chupke Chupke Mila Kar )   सभी के सामने गुल मत दिया कर! चोरी चोरी चुपके चुपके मिला कर   दिल में जो बात है बोला कर मुझसे निगाहों से इशारे मत किया कर   भूला दें तू सितम उसके सभी अब न यूं आहें…

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  • मालिक का दरबार
    कविताएँ

    Hindi Ghazal -मालिक का दरबार

    ByAdmin January 16, 2021February 25, 2021

    मालिक का दरबार ( Malik Ka Darbar )   यह सारी दुनिया ही उस मालिक का दरबार हो जाए, अगर आदमी को आदमी से सच्चा प्यार हो जाए ।   जाति-मज़हब के नाम पर और लड़ाइयाँ ना होंगी, अगर इंसानियत ही सबसे बड़ा व्यापार हो जाए ।   हरेक कामगार को मयस्सर हो उनके हक़ की रोटी, अगर मालिक-मज़दूर…

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  • अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जिम्मेदारी पर निबंध
    निबंध

    Essay in Hindi on freedom of expression | अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जिम्मेदारी पर निबंध

    ByAdmin January 16, 2021December 7, 2022

    अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जिम्मेदारी पर निबंध ( Freedom Of Expression And Its Responsibility: Essay In Hindi )   प्रस्तावना ( Preface ) :- मानवीय गरिमा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से Freedom Of A Person को आवश्यक बताया गया है। भारत सहित दुनिया के अनेक देशों में सामाजिक स्तर पर व्यक्तियों को बोलने की…

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  • पराया वो जब से चेहरा हुआ है
    शेरो-शायरी

    Sad Ghazal -पराया वो जब से चेहरा हुआ है

    ByAdmin January 16, 2021February 28, 2021

    पराया वो जब से चेहरा हुआ है ( Praya Wo  Jab Se Chehra Hua Hai )   पराया वो जब से चेहरा हुआ है आंखों में अश्कों का दरिया हुआ है   भला कैसे ख़ुशी से मुस्कुराऊं मेरा दिल प्यार में  टूटा हुआ है   मनाऊँ भी भला कैसे उसे अब बहुत मुझको वही रूठा…

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  • तमाशा ऐसा भी हमने सरे-बाज़ार देखा है
    शेरो-शायरी

    Dard Bhari Ghazal -तमाशा ऐसा भी हमने सरे-बाज़ार देखा है

    ByAdmin January 15, 2021February 28, 2021

    तमाशा ऐसा भी हमने सरे-बाज़ार देखा है ( Tamsssha Aisa Bhi Hamne Sare Bazar Dekha Hai )   तमाशा ऐसा भी हमने सरे-बाज़ार देखा है।। दिखावे के सभी रिश्ते जताते प्यार देखा है।।   तभी तक पूछते जग में है पैसा गांठ में जब तक। हुई जब जेब खाली तो अलग व्यवहार देखा है।।  …

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  • मेरी नजर में 'आका बदल रहे हैं' ग़जल संग्रह
    पुस्तक समीक्षा

    Book Review : Aaka Badal Rahe Hain -पुस्तक समीक्षा: आका बदल रहे हैं

    ByAdmin January 15, 2021February 28, 2021

      पुस्तक समीक्षा: आका बदल रहे हैं ( गजल संग्रह ) ( Book Review: Aaka Badal Rahe Hain )               लेखक: विजय कुमार तिवारी सेतु प्रकाशन माधव पार्क -२ बस्त्राल रोड, बस्त्राल अहमदाबाद -382418 मूल्य: रु. 180 डॉ अलका अरोडा प्रोफेसर -देहरादून के द्वारा आदरणीय श्रीमान विजय कुमार तिवारी…

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