लग रहा जैसे हो सजा जीवन
लग रहा जैसे हो सजा जीवन लग रहा जैसे हो सजा जीवन! इस कदर ग़म से भर गया जीवन जी न पाया कभी ख़ुशी के पल ग़म की भट्टी में यूँ जला जीवन एक पल की ख़ुशी की चाहत में बस भटकता रहा मेरा जीवन ग़म ही ग़म हैं मेरी…
लग रहा जैसे हो सजा जीवन लग रहा जैसे हो सजा जीवन! इस कदर ग़म से भर गया जीवन जी न पाया कभी ख़ुशी के पल ग़म की भट्टी में यूँ जला जीवन एक पल की ख़ुशी की चाहत में बस भटकता रहा मेरा जीवन ग़म ही ग़म हैं मेरी…
कृपा करो माँ पार्वती (दुर्गा-अष्टमी पर विशेष) कृपा करो माँ पार्वती। संहार , पालन, रचने वाली, तुम्ही तो हो आदिशक्ति।। लाल चुनरिया ओढ सिंह पर, चढी भक्तों का मन हरती। खङग, चक्र , त्रिशूल, गदा ले, दुष्टों का मर्दन करती।। सिद्धि मोक्ष-सुख देने वाली, भक्त-वत्सल ममता की मूर्ति। बिना तुम्हारे शिव…
ट्वीटर की धृष्टता ***** ट्वीटर वालों ने हमारे देश की आजादी, संप्रभुता, उदारता से खिलवाड़ किया है धृष्टता की है,मूर्खता की है इतना ही नहीं तकनीकी खामी बता- आरोपों से बचने की कोशिश की है। हमारी संप्रभुता से खिलवाड़ किया है, जम्मू एवं कश्मीर को- चीन में दिखाने का दुस्साहस किया है; लद्दाख को- जम्मू-कश्मीर…
होता उसका अब नहीं दीदार है होता उसका अब नहीं दीदार है राहों में मेरी खड़ी दीदार है बोलता मुझसे नहीं वो आजकल वो मुझे लगता खफ़ा ही यार है राह में मेरी किसी के आने की मेरी आंखें नींद से बेदार है प्यार का क्या बोलेगा…
यहां रह जाती यादें बाकि बंदा चला जाता फिर , यहां रह जाती यादें बाकि। तब छौङ करके पीछे वो ,अपने सभी वादे बाकि।। किस-किस से जाने उसने की होगी तब जो फरमाईश। पङी रह गई सारी मन मे उसकी वो फरियादें बाकि।। जो कुछ नहीं कर पाया था तब जिंदगी में…
अनोखा फैसला **** सुन आई हंसी और हुआ आश्चर्य जब फैसला सुनाया गया भाई! मुझसे तो ना रहा गया दुनिया का अनोखा और संभवतः इकलौता है मामला पहले भी आपने बाबरी मस्जिद विध्वंस जेसिका हत्याकांड और न जाने कितने फैसले देखे सुने होंगे, आश्चर्यचकित भी हुए होंगे! एक और फैसला आया है- जिसमें इंसान हुआ…
पुरस्कार मिले या तिरस्कार यथार्थ की धरातल पर खड़े होकर , सच को कर लूँगा स्वीकार पुरस्कार मिले या तिरस्कार | ना कभी डगमगाऊंगा , कभी नहीं घबराऊंगा , झंझावातों से टकराऊंगा , मजधारों से हाथ मिलाऊँगा , हिम्मत नहीं मैं हारूँगा | सब कुछ कर लूँगा स्वीकार , पुरस्कार मिले या तिरस्कार…
आती रौनक बस तेरे आने से आती रौनक बस तेरे आने से। गुल खिल जाते तेरे मुस्काने से।। करते अटखेली गालों से गेसू । कलि खिलती ज्यूं भंवर के आने से।। छायी खुशबू सी गुलशन में सारे। सब महके हैं उनके महकाने से।। गहराई में थे जो दिल के अरमां।…
मेरी पहचान बता मैं लड़की हूं इसे छोड़ मेरी पहचान बता घर मेरा मायका है या ससुराल मेरा मका बस एक बार तू मेरा पता बता मैं लड़की हूं इसे छोड़ मेरी पहचान बता मैं अमृत हूं विष समझकर न सता मौन कर दिया तूने मुझे बेटे के समान बता मैं लड़की…
बेटियों को मजबूर नहीं मजबूत बनाइए क्या हम वही हैं जो हमें होना चाहिए ? जब हमारे अंदर इंसानियथत ही नहीं तो क्या हमें जीना चाहिए ? आज के परिवेश में इस प्रश्न पर सोचिए और विचारिए ! बड़ा अहम सवाल है केवल दांत मत चियारिए ! बेटियाँ केवल मेरी और आपकी…