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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • धूप उल्फ़त लेकर उगा सूरज 
    शेरो-शायरी

    धूप उल्फ़त लेकर उगा सूरज | Suraj Shayari

    ByAdmin September 30, 2020January 23, 2023

    धूप उल्फ़त लेकर उगा सूरज  ( Dhoop ulfat lekar uga suraj )    धूप उल्फ़त लेकर उगा सूरज नफ़रतों का वो ढ़ल गया सूरज   दूर करके अंधेरे नफ़रत के प्यार की धूप दें रहा सूरज   आज मौसम में है वफ़ा ख़ुशबू पेश नरमी से ही हुआ सूरज   नफ़रतों को दिल से जला…

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  • मृत्युबोध
    कविताएँ

    मृत्युबोध | Mrityu Bodh par Kavita

    ByAdmin September 30, 2020January 19, 2023

    मृत्युबोध ( Mrityu Bodh )   कुछ धुंवा से द्वंद मंडराने लगे हैं। मृत्यु तत्व महत्व समझाने लगे हैं।। ऐषणाओं से सने, जीवन से मुक्ति, बन मुमुक्षु अन्यथा, है मृत्यु युक्ति,। अनसुनी सी बात बतलाने लगे हैं।। मृत्यु तत्व० जीवन है आशा, निराशा मृत्यु ही है, सिंधु में रहता है प्यासा, मृत्यु ही है। युद्ध…

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  • शान तिरंगे की
    कविताएँ

    शान तिरंगे की | Tiranga par kavita

    ByAdmin September 30, 2020August 13, 2022

    शान तिरंगे की ( Shaan tiranga ki )     सबसे ऊंची आज जगत् में शान तिरंगे की । वर्षों बाद लौटी है पहचान तिरंगे की।।   अब बीच खङी ये नफ़रत की दीवार गिरने दो। अमन पैग़ाम है इसका समझो जुबान तिरंगे की।।   तलवारें वहशत की लेकर ना काटो डोर उलफत की। सलामत…

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  • सच कहे प्यार से जिंदगी लुट रही
    शेरो-शायरी

    सच कहे प्यार से जिंदगी लुट रही | Ghazal Pyar se Zindagi

    ByAdmin September 30, 2020January 19, 2023

    सच कहे प्यार से जिंदगी लुट रही ( Sach kahe pyar se zindagi loot rahi )      सच कहे प्यार से जिंदगी लुट रही नफ़रतों में अपनी है ख़ुशी लुट रही   बेवफ़ा के ख़ंजर मेरे है प्यार में देखो मेरे दिल की आशिक़ी लुट रही   दुश्मनी के चले तीर है रात दिन…

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  • 15 अगस्त (कविता)
    कविताएँ

    15 अगस्त (कविता) | Hindi poem 15 August

    ByAdmin September 30, 2020August 14, 2022

    15 अगस्त (कविता) ( Poem 15 August )   आज 15 अगस्त है। उत्साह जबरदस्त है।।   आओ यशोगान करें ऊंची इसकी शान करें। देशप्रेम पर कुछ कहने का आज सही वक्त है।।   गौरवशाली देश हमारा शहीदों की आंखों का तारा। श्रवण रामचंद्रजी जैसे कहां पितृभक्त है!   दो  पलकों में दुनिया डोली स्वर्ग-नरक …

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  • प्यार का दें दें उसे तू फूल
    शेरो-शायरी

    प्यार का दें दें उसे तू फूल | Ghazal Pyar ka Phool

    ByAdmin September 30, 2020January 19, 2023

    प्यार का दें दें उसे तू फू ( Pyar ka de de use tu phool )      प्यार का दें दें उसे तू फूल मौक़ा देखकर उस हंसी के घर जाना तू आज़म पहरा देखकर   बात दिल की तू सभी अपनी सुना देना उसे होश मत खो देना अपनें उसका मुखड़ा देखकर  …

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  • संसार
    कविताएँ

    संसार | Sansar par Kavita

    ByAdmin September 30, 2020January 19, 2023

    संसार ( Sansar )  ईश्वर तेरे संसार का बदल रहा है रूप-रंग, देख सब हैं चकित और दंग। क्षीण हो रहा है वनों का आकार, जीवों में भी दिख रहा बदला व्यवहार। कुछ लुप्त भी हो रहे हैं, ग्लेशियर पिघल रहे हैं। वायु हुआ है दूषित, विषैले गैसों की मात्रा बढ़ी है अनुचित। समझ नहीं…

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  • छोड़कर साथ मेरा जाओ नहीं
    शेरो-शायरी

    छोड़कर साथ मेरा जाओ नहीं

    ByAdmin September 30, 2020December 31, 2020

    छोड़कर साथ मेरा जाओ नहीं   छोड़कर साथ मेरा जाओ नहीं इस तरह से मुझे रुलाओ नहीं   अब हक़ीक़त में आओ सनम अब मेरे रोज़ यूं ख़्वाब में मेरे आओ नहीं   साथ मेरा निभालो सदा के लिए प्यार करके मुझे यूं सताओ नहीं   सच रहेगा हमेशा लबों पे मेरे झूठे इल्जाम यूं…

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  • मां
    कविताएँ

    मां

    ByAdmin September 30, 2020December 31, 2020

    मां   मां एक अनबूझ पहेली है, मां सबकी सच्ची सहेली है, परिवार में रहती अकेली है, गृहस्थी का गुरुतर भार ले ली है। ऐ मां पहले बेटी,फिर धर्मपत्नी, बाद में मां कहलाती हो। पहली पाठशाला,पहली सेविका तूं घर की मालकिन कहलाती हो।। बुआ,बहन,मामी,मौसी कहलाये, माता,दादी,नानी नाम बुलवाये, परिवार की जन्म दात्री नाम सुहाये, अबला,सबला,…

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  • स्वर्ग-नर्क
    कविताएँ

    स्वर्ग-नर्क | Poem in Hindi on Swarg narak

    ByAdmin September 29, 2020January 18, 2023

    स्वर्ग- नर्क ( Swarg – Narak )   स्वर्ग है या नर्क है कुछ और है ये। तूं बाहर मत देख तेरे ठौर है ये।। तेरे मन की हो गयी तो स्वर्ग है। मन से भी ऊपर गया अपवर्ग है। आत्मतत्व संघत्व का सिरमौर है ये।। तूं बाहर० मन की अभिलाषा बची तो नर्क है।…

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