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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • उसके आँखों में सुहाल होगा
    शेरो-शायरी

    उसके आँखों में सुहाल होगा | Ghazal uske aankhon mein

    ByAdmin July 22, 2020May 25, 2022

    उसके आँखों में सुहाल होगा ( Uske aankhon mein suhal hoga )   उसके आँखों में सुहाल होगा और कहाँ इस जहाँ में येसे मिराल होगा   हुस्न-ए-अंदाज़ से टुटा था जो दील अब जुड़ने में मुहाल होगा   हालत-ए-हाल जो हमारी है ये उसी का कमाल होगा   इसी आरज़ू के साथ अर्सो से…

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  • वह छुपे पत्थर के टूटने पर मीर ही ना हुई
    शेरो-शायरी

    वह छुपे पत्थर के टूटने पर मीर ही ना हुई | Ghazal meer na huee

    ByAdmin July 21, 2020May 25, 2022

    वह छुपे पत्थर के टूटने पर मीर ही ना हुई ( Vah chhupe patthar ke tootne par meer na huee )   वह छुपे पत्थर के टूटने पर मीर ही ना हुई खामोशी से क़ुबूल हुआ, तफ़्सीर ही ना हुई   बिछड़ कर भी वह सुलह करना चाहती है जुर्म नहीं किया उसने कोई तो…

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  • मंजिल का एहसास
    कविताएँ

    मंजिल का एहसास | Prernadayak poem

    ByAdmin July 20, 2020May 25, 2022

     मंजिल का एहसास ( Manzil ka ahsas )     यूं ही तो नही ये मेरे मेरे सपनों की उड़ान है, कुछ तो है मन के अंदर तो जुड़ा हुआ है इससे। कुछ तो है जो कर रहा है प्रेरित इस कदर से कि अब ये चुनोतियाँ बाधा नही बन सकती हैं।।   क्या है…

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  • तर्क-ए-आम ना कर मुझसे मुहब्बत का
    शेरो-शायरी

    तर्क-ए-आम ना कर मुझसे मुहब्बत का | Ghazal tark-e-aam

    ByAdmin July 19, 2020May 25, 2022

    तर्क-ए-आम ना कर मुझसे मुहब्बत का ( Tark-e-aam na kar mujhse muhabbat ka )   सच का खिदमत भी हो तो कुछ इश्क़ की तरह कभी खैरियत भी हो तो कुछ इश्क़ की तरह   तर्क-ए-आम ना कर मुझसे मुहब्बत का अब इबादत भी हो तो कुछ इश्क़ की तरह   बे-बसर ज़िन्दगी का बसर…

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  • घायल खेतों की तस्वीर दिखाने आया हूँ
    कविताएँ

    घायल खेतों की तस्वीर दिखाने आया हूँ | Kavita

    ByAdmin July 19, 2020May 24, 2022

    घायल खेतों की तस्वीर दिखाने आया हूँ ( Ghayal kheton ki tasweer dikhane aya hoon )     घायल जख्मी खेतों की तस्वीर दिखाने आया हूँ। बहते हुवे अश्कों के अंश अपने संग भी लाया हूँ।। मैने अपनी आंखों से खुद इनको रोते देखा है। प्रकृति के प्रारहों से घायल होते देखा है।। ओले रुपी…

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  • मुहूर्त
    कविताएँ

    मुहूर्त | Muhurat par kavita

    ByAdmin July 18, 2020May 24, 2022

     मुहूर्त  ( Muhurat )   क्यों भागे मनवा व्यर्थ मुहूर्त के पीछे || 1.न जन्म मुहूर्त से हुआ, न मृत्यू होगी किसी मुहूर्त मे | फिर क्यो सारी जिन्दगी घूमें, शुभ मुहूर्त के चक्कर मे | क्या शुभ है क्या अशुभ, सब आधीन है प्रकृति सूत्र मे | फिर क्यों सारी जिन्दगी ढूंडे, खट्टापन मीठी…

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  • चौखट में कोई आए तो
    शेरो-शायरी

    चौखट में कोई आए तो | Chaukhat mein koi aaye to | Ghazal

    ByAdmin July 17, 2020May 24, 2022

    चौखट में कोई आए तो ( Chaukhat mein koi aaye to )     चौखट में कोई आए तो लगता है की तुम हो धीमे से गले कोई लगाए तो लगता है की तुम हो   मेरी सांसें भी अब तो कुछ कुछ खफा है मुझसे जब भी यह मुझे मनाए तो लगता है की…

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  • दिल की दर्द-ए-मुहब्बत
    शेरो-शायरी

    दिल की दर्द-ए-मुहब्बत | Dard-e-muhabbat | Ghazal

    ByAdmin July 16, 2020May 24, 2022

    दिल की दर्द-ए-मुहब्बत ( Dil kee dard-e-muhabbat )   ❣️ दिल की दर्द-ए-मुहब्बत कहूं तो किस से कहूं क्या है हमारी ख्याल-ए-वहसत कहूं तो किस से कहूं ❣️ नीला दीखता है पानी, गहराई उतना है नहीं दरिया का यही हालात जेहन का, ये बिसात कहूं तो किस से कहूं ❣️ लम्बी कहानी का छोटा सा…

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  • कुछ खतायें है अक्स-ए-रुखसार में
    शेरो-शायरी

    कुछ खतायें है अक्स-ए-रुखसार में | Ghazal kuch khataayen

    ByAdmin July 15, 2020May 24, 2022

    कुछ खतायें है अक्स-ए-रुखसार में ( Kuch khataayen hai aks e rukhsaar mein )   कुछ खतायें है अक्स-ए-रुखसार में हम बिगड़ चुके है निगाह-ए-यार में   चस्म-ए-क़ातिल से हमे भला कौन बचाये अब इस पयाम के मलाल-ए-यार में   खूब हो तुम भी के नाराज़ हो हमसे और हम पे ही ऐब है ऐतवार…

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  • किस अंदाज़ से मुख्तलिफ थे तुम हमसे
    शेरो-शायरी

    किस अंदाज़ से मुख्तलिफ थे तुम हमसे | Ghazal kis andaaz se

    ByAdmin July 14, 2020May 24, 2022

    किस अंदाज़ से मुख्तलिफ थे तुम हमसे ( Kis andaaz se mukhtaliph the tum humse )   राह भटक ही जाए साहिल ऐसी तो ना थी ढूंढ़ने से ना मिले मंजिल ऐसी तो ना थी   किस अंदाज़ से मुख्तलिफ थे तुम हमसे पेहले तुम भी कामिल ऐसी तो ना थी   उदासी है कैसे…

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