• जीवन की कहानी

    जीवन की कहानी जीवन की कहानी अनकही है,हर मोड़ पे एक नयी रहनी है।आंसू और मुस्कान साथ चलते,सपने भी कभी टूटते, कभी पलते। हर दिन नया संघर्ष दिखाता,कभी हलचल, कभी सन्नाटा।हर रात खुद से सवाल करता,क्या खोया, क्या पाया, क्या अब करना। धूप-छांव में ही पलते हैं,राहों में कांटे बिछते हैं।मंज़िल दूर होती है कभी,पर…

  • काशाना मंज़ूर हुआ

    काशाना मंज़ूर हुआ तेरे दिल का अब हमको हर काशाना मंज़ूर हुआतेरी ज़ुल्फ़ों के साये में मर जाना मंज़ूर हुआ उठने लगीं हैं काली घटायें छलके हैं जाम-ओ-साग़रऐसे आलम में तुझको भी बलखाना मंज़ूर हुआ महकी महकी गुलमेंहदी है चाँद सितारे भी रौशनऐसे मौसम में उनको भी तरसाना मंज़ूर हुआ लहराते हैं ज़ुल्फें हमदम हर…

  • इसका क्या करना | Iska Kya Karna

    इसका क्या करना कौन कैसा है इसका क्या करनातुम समझदार हो वफा करना जिसने उँगली दी उसके हाथ गएकितना मुश्किल हुआ भला करना क्या भरोसा है कल ही मर जाँएज़िंदगी तुझसे क्या गिला करना रोज़ ख्वाबों से बच न जाया करमेरी नींदों पे कुछ दया करना सब परेशां है आस पास मगरवो भी हँस देंगे…

  • अपनी कहानी लिखना | Apni Kahani Likhna

    अपनी कहानी लिखना दिल के औराक़ पे जब अपनी कहानी लिखनादूध को दूध मगर पानी को पानी लिखना पढ़ तो लेता हूँ मैं तहरीर तेरे चेहरे कीदास्ताँ फिर भी कभी दिल की ज़ुबानी लिखना तेरे हाथों में है अब मेरे मुक़द्दर का वरक़मेरी रातों में उजालों की रवानी लिखना कैसे जलते हैं मेरे होंठ तेरी…

  • सात्विक गौरव के है ये पल

    सात्विक गौरव के है ये पल निशांत बच्छावत के 16 वाँ जन्मदिन पर मेरे भाव- पूर्वजों के पुण्य – पुंज और आशिर्वाद के निहितार्थ वात्सल्यमय निशांत के जन्मदिन के शुभ – दिवस पर उसको स्नेहासिक्त जीवन के “प्रदीप “ पाने की शुभकामनाएँ । सात्विक गौरव के है ये पलपुरुषार्थ का मिला जो सुफलव्यक्तित्व द्वय को…

  • सुरेन्द्र पाल जी की स्मृति में

    सुरेन्द्र पाल जी की स्मृति में जब दिल पत्थर हो जाएहंसते खेलते रोना आ जाएमानवीय भावनाएहमें जीवित रखने के लिएकभी डिफ़ाल्ट होना पड़ जाएहंसते खेलते रोना आ जाएजब दिल पत्थर हो जाए। पाल सर कभी खुशीयों की ताली बजवाते थेमानवता और प्रेम का हमेशा पाठ पढ़ाते थेहार को जीवित रखो विजय पथ पर बढ़ाते थेकितनों…

  • बहु पढ़ाओ : ससुराल बचाओ

    जिसने धरती आकाश दियाजिसने हर मानव को सम्मान दिया उस परमपिता परमेश्वर का वंदन है अभिनंदन है। आज मैं जब सुबह उठी तो बहुत सारे प्रश्न एक साथ मुझे उद्वेलित कर रहे थे इनका समाधान खोजना अत्यंत आवश्यक है यदि हम देश के निर्माण में अपने जीवन का एक छोटा सा अंश भी देना चाहते…

  • हमने देखा है | Humne Dekha Hai

    हमने देखा है मुस्कुराते गुलाब की मानिंद।हर ख़ुशी है शराब की मानिंद। हमने देखा है ग़ौर से इसको।ज़िन्दगी है ह़बाब की मानिंद। धुन है गर आसमान छूने की।बनिए ज़िद्दी उ़क़ाब की मानिंद। कैसे ढालूं मैं हाय रे ख़ुद को।चश्मे-जानां के ख़्वाब की मानिंद। कोई सानी ही जब नहीं उनका।किसको लिक्खूं जनाब की मानिंद। मिल न…

  • नज़र ने बोल दिया

    नज़र ने बोल दिया नज़र ने बोल दिया बू-ए-हाथ से पहलेन जाने किस से मिला है वो रात से पहले वो मेरे साथ ही ग़मगीन सा नज़र आयाजो हँस रहा था बड़ा मेरे साथ से पहले मुझे लगा ही था ये बात होने वाली हैसो देखना था तेरा हाल बात से पहले ख़बर बुरी ही…

  • वो मिलें जो मुझे | Wo Mile jo Mujhe

    वो मिलें जो मुझे हो गई आँख़ नम फिर हँसाने के बाद ।वो मिलें जो मुझे इक ज़माने के बाद ।।१ गीत जिनकी विरह में लिखे थे कभी ।दौड़ आए वही गुनगुनाने के बाद ।।२ खुश बहुत था जिन्हें साथ पाकर यहाँ ।चल दिए आज वो जुल्म़ ढा़ने के बाद ।।३ क्या क़मी थी वफ़ा…