• सत्य के साथ रहो

    सत्य के साथ रहो सत्य के साथ रहो!!!जो हो भी बात कहो!!!वक़्त एक जैसानही होताहै सभी काना कभीकिसी को आघात करो!!!!दिन को दिन औररात को रात कहो!!!हलकी बारिश की बूंदो कोना गहरी बरसात कहो….धैर्य रखना आगे बढ़नासबके साथ रहो… अनिल कुमार सिंह “अनल “राही रायबरेलवी मुन्ना ठाकुर यह भी पढ़ें :-

  • हमारी जान न लो | Hamari Jaan na Lo

    हमारी जान न लो हमारा दिल तो लिया अब हमारी जान न लोअज़ाब इतना बड़ा सर पे मेहरबान न लो मुकर न जायें किसी रोज़ हम मुहब्बत सेहमारे सब्र का इतना भी इम्तिहान न लो करो तो जंग मुसीबत से तुम अकेले भीयूँ बार बार हमें इसके दर्मियान न लो वफ़ा का ज़िक्र हमारा कहीं…

  • प्रेम के दो बोल | Prem ke Do Bol

    प्रेम के दो बोल दो बोल मोहब्बत के बोल प्यारेजिंदगी में न ज़हर घोल प्यारेतनहाइयां भरी है जमाने मेंकुछ तो मीठा बोल प्यारे।। क्या लाए हो क्या लेकर जाओगेकुछ न धन का मोल प्यारेदुनिया प्रेम की दीवानी हैप्रेम ही अनमोल प्यारे।। मोहब्बत कर लो थोड़ी जवानी मेंबुढ़ापे में अक्सर झोल प्यारेयाद करेगा कभी जमानाबस दो…

  • काव्य गोष्ठी के साथ भारत माता अभिनंदन संगठन ने मनाई विवाह पंचमी

    विवाह पंचमी भगवान श्री राम और माता सीता के विवाह की वर्षगांठ के रूप में मनाई जाती है। सभी भक्त इस दिन भक्ति भाव के साथ राम जानकी की उपासना करते हैं, और इस अनुष्ठान का आनंद लेते हैं। यूं तो विवाह पंचमी का उत्सव पूरे देश में मनाया जाता है, लेकिन अयोध्या और जनकपुर…

  • श्री राम सिया की विवाह पंचमी आयी

    श्री राम सिया की विवाह पंचमी आयी श्री राम सिया का विवाह महोत्सव आयाभव्य मंडप सजा विवाह उत्सव का। आज शुभ मुहूर्त अगहन मास की पंचमी कादशरथ नंदन जनक दुलारी के विवाह का। चारों दिशाओं कोने कोने से राजकुमार है आयेशिव धनुष हिला ना सका एक भी बलवान । दुख से जनक का दिल दहला…

  • देख लो | Dekh Lo

    देख लो जश्न अपनी हार का इन महफ़िलों में देख लोज़ाम टकराते हुए इन अफ़सरों में देख लो चीख कितना यह रहे अधिकार को तेरे लिएअब ठहर कर आप इनकी नीतियों में देख लो ये उपासक प्रेम के कितने बड़े है क्या कहूँआज इनपे आप उठती उँगलियों में देख लो लूटकर ये अस्मते खूँ की…

  • हिज़्र भी वस्ल सा लगा है ये

    हिज़्र भी वस्ल सा लगा है ये इक नया तजरिबा हुआ है येहिज़्र भी वस्ल सा लगा है ये अश्कों को भी समेट कर रखतालोग कहते हैं मसख़रा है ये वास्ते तेरे बस ग़ज़ल कहतेइस सुख़न -साजी ने किया है ये दाल रोटी के रोज़ चक्कर मेंइश्क़ तो अब हुआ हवा है ये गुम तो.होशो-ख़िरद…

  • अखिल विश्व में

    अखिल विश्व में अखिल विश्व में ऐसा मौसम ,फूले और फले ।पुरवाई से पछियाओ भी ,खुलकर मिले गले।। छोटे और बड़े का कोई ,कभी न दम्भ भरे ।एक दूसरे के भावों का ,आदर हुआ करे ।मानवता का दीप क्षितिज पर ,जगमग सदा जले ।।अखिल विश्व में —– कोयल कुहके महके अमुआ ,बजे नित मल्हार ।शब्दों…

  • गोंद के लड्डू

    गोंद के लड्डू गोंद के लड्डू, मीठे से स्वाद,सर्दी की सर्द रातों में, गर्मी का फरमाया आबाद।ताजगी से भरी, एक खजाना छुपा,इनमें तो बसी है, सेहत की हर एक ख़ुशबू। गोंद के लड्डू, नारी की सेहत के लिए वरदान,बचपन से बुढ़ापे तक, सबके लिए बनाए गए इनका अनोखा सामान।खुशबू बिखेरे इनसे, स्वाद में कुछ खास…

  • प्रोफेसर डॉ. सुनीता सिंह ‘सुधा’ जीवन दर्शन | Professor Dr. Sunita Singh Sudha Jivan Darshan

    पता —-नाम — डा. सुनीता सिंह ‘सुधा’प्रोफेसर, हिंदी विभागमानविकी संकायओम स्टर्लिंग ग्लोबल विश्वविद्यालय ,हिसार — 125001 (हरियाणा)मोबा० : 9671619238मेल — sksinghsingh4146@gmail.com〰〰〰〰〰〰〰〰 प्रोफेसर (डा.) सुनीता सिंह ‘सुधा’शिक्षाविद,कवयित्री,ग़जलकर,कहानीकार का जीवन दर्शन :- प्रोफ़ेसर डाक्टर सुनीता सिंह इक्कीसवीं सदी की सुप्रसिद्ध कवयित्री, साहित्यकार, लेखिका, कहानीकार,गजलकार, छंदकार व शिक्षाविद हैं | प्रोफेसर ( डा.) सुनीता सिंह ‘सुधा’ हिंदी साहित्य…