• मन की पुकार | Man ki Pukar

    मन की पुकार हर धड़कन तेरे नाम से धड़कती है,तेरी यादों की लौ दिल में चमकती है।आज भी तेरी हंसी का दीवाना हूँ मैं,तुझसे बेशुमार प्यार निभाना चाहता हूँ मैं। तेरे कदमों की आहट अब भी सुनाई देती है,मेरे ख्वाबों में हर रात तू ही दिखाई देती है।तेरे बिना हर लम्हा अधूरा सा है मेरा,आज…

  • कर दे जो दूर ग़म

    कर दे जो दूर ग़म कर दे जो दूर ग़म को किसी में हुनर नहींयारब क्या ग़म की रात की होगी सहर नहीं तड़पे जिगर है मेरा ये उनको ख़बर नहींये आग इश्क़ की लगी शायद उधर नहीं घर से निकलना आज तो मुश्किल सा हो गयामहफ़ूज नफ़रतों से कोई रहगुज़र नहीं चलती है चाल…

  • एक ही भूल | Ek hi Bhool

    एक ही भूल आज बरसों बाद तुम्हारा दीदार हुआ,दूरियाँ बनी हुई थी फिर से प्यार हुआ। लबों को तुम्हारे लबों का स्पर्श हुआ,बदन की महक का यूँ एहसास हुआ। ग़र ये ख़्वाब है तो ख़्वाब ही रहने दो,मैं सो रहा हूँ सोया हुआ ही रहने दो । चली क्यों नही जाती हो मेरी बातों से,जिस…

  • करूं भी तो क्या | Karoon Bhi to Kya

    करूं भी तो क्या हम सबकी जिंदगी भी एक सर्किल की तरह है,इसी में हम सब उलझें और घूमते रहते हैं हरदम।लाइन पर सीधा चलना तुम भी भूले और हम भी,अपने ही कामों में उलझे रहते हैं अब तो हरदम।। हम सबका था रंगीन जीवन अब बेरंग हो गया है,कलर प्लेट में है,या प्लेट कलर…

  • किसको दिल की पीर सुनाएं

    किसको दिल की पीर सुनाएं एक ख़ता की लाख सज़ाएं।किसको दिल की पीर सुनाएं। कोई नहीं इब्न-ए-मरियम सा।ज़ख़्म जिगर के किसको दिखाएं। जान ही जाते हैं जग वाले।राज़-ए-मुह़ब्बत कैसे छुपाएं। नफ़रत के सहरा में आओ।उल्फ़त के कुछ फूल खिलाएं। ख़ाली से बेगार भली है।मुफ़्त न अपना वक़्त गंवाएं। क़रिया-क़रिया पेड़ लगा कर।आबो-हवा को मस्त बनाएं।…

  • हमने तो | Hamne to

    हमने तो हमने कुछ और ढूँढा था तुझमेंहमने समझा थाप्यार का समन्दर हो तुमख़बर नहीं थीउजड़े सहरा का मंज़र हो तुमहम तो समझे थेकि दिल के ख़ला को भर जाओगे तुमयह ख़बर नहीं थीकि और भी तन्हा कर जाओगे तुमहमने तो कुछ और ढूँढा था तुझमें हम तो समझे थेकि इश्क़ की हक़ीक़त हो तुमयह…

  • आज़माया करो | Azmaya Karo

    आज़माया करो सब्र मेरा न यूँ आज़माया करोरूबरू ऐसे सज कर न आया करो इतनी बातें न हमसे बनाया करोजामे – उल्फ़त ख़ुशी से पिलाया करो साक़िया तुम को इस प्यासे दिल की क़समशाम ढलते ही महफ़िल सजाया करो प्यार की मौजें दिल में पटकती हैं सरइस समुंदर में आकर नहाया करो कैसे जानें कि…

  • माया का बंधन | Maya ka Bandhan

    माया का बंधन माया का बंधन हमको छलताप्रेम फिर भी मन में पलतायह राज न जाने कोई ।मां का बंधन सबको प्यारासारा जग यह जानता ।प्रेम माँ का होता निश्छलसारा जग यह मानता ।भूखे रहकर खाना देतीसहती रहती कुछ न कहतीयह राज न जाने कोई ।कई रूप होते बंधनो केबुझना होता कठिन ।जन्म देना सरल…

  • वो घूंघट पट खोल रहा है

    वो घूंघट पट खोल रहा है वो घूंघट पट खोल रहा हैतन-मन मेरा डोल रहा है आजा,आजा,आजा,आजामन का पंछी बोल रहा है अपने नग़मों से वो मेरेकानों में रस घोल रहा है पाप समझता था जो इसकोवो भी अब कम तोल रहा है मेरे घर की बर्बादी मेंअपनों का भी रोल रहा है लगते हैं…

  • मैं कितना बदल गया

    मैं कितना बदल गया नस्लें बर्बाद हो गई हमारी आज के इस व्यवहार में,हर कोई आज बिक गया रिश्वत के इस पुरस्कार में।अपनी पर ध्यान नहीं देते पर पराई पर हम देते रहे,अब वो कहां शिष्टाचार बचा है अपनों के संस्कार में।। हम तो रिश्वत से अपना ख्वाब पूरा करना चाहते हैं,आजकल हम एक दूसरे…