• बचपन का गाँव | Bachpan ka Gaon

    बचपन का गाँव ठण्डी-ठण्डी छांव मेंउस बचपन के गाँव मेंमैं-जाना चाहती हूँ।तोडऩा चाहती हूँबंदिश चारों पहर की।नफरत भरी येजिन्दगी शहर की॥अपनेपन की छायामैं पाना चाहती हूँ।उस बचपन के गाँव मेंमैं-जाना चाहती हँ हूँ॥घुट-सी गयी हूँइस अकेलेपन मेंखुशियों के पल ढूँढ रहीनिर्दयी से सूनेपन मेंइस उजड़े गुलशन कोमैं महकाना चाहती हूँ।उस बचपन के गाँव मेंमैं-जाना चाहती…

  • हवा रुक जायेगी

    हवा रुक जायेगी गर ख़ुदा रहमत करे तो हर बला रुक जायेगीजल उठेंगे बुझते दीपक यह हवा रुक जायेगी इसलिए हाकिम के आगे रख दिये सारे सबूतजुर्म साबित हो न पाये तो सज़ा रुक जायेगी साथ तेरे हैं अगर माँ की दुआएं ख़ौफ़ क्यातेज़ तूफाँ में भी कश्ती नाख़ुदा रुक जायेगी बेवफ़ाई से तेरी परदे…

  • शीत का प्रथम स्पर्श

    शीत का प्रथम स्पर्श जब शीतल पवन ने कानों को छुआ,आँगन में अलसाई धूप ने अंगड़ाई ली।पत्तों पर ओस की मोती-सी बूंदें,धरती ने मानो सर्द चादर ओढ़ ली। सूरज भी अब मद्धम मुस्कुराने लगा,दोपहर का आलस लंबे साए में छुपा।हाथों में गर्म चाय की प्याली सजी,संवेदनाओं का अंश हर कण में बसा। पगडंडियों पर कोहरे…

  • मेले में सीखा सबक

    आज रोहन ने फिर से अपने पिता राजेश से मेले में जाने की जिद्द की। वह कई दिनों से मेले की बात कर रहा था। राजेश ने कहा, “मेले में बहुत भीड़ होती है, मेरे साथ… मेरे पास, मेरा हाथ पकड़कर रहना।” रोहन ने आश्वासन दिया, “पापा, मैं आपका हाथ पकड़कर रहूंगा। मैं आपको नहीं…

  • नारी का दर्द व संघर्ष की कहानी

    नारी, जो सृष्टि की जननी और जीवन का आधार है, उसके जीवन में अनेक रंग और स्वरूप हैं। प्रेम, ममता, त्याग और धैर्य से परिपूर्ण नारी का जीवन अक्सर समाज के नियमों और अपेक्षाओं के तले दब जाता है। परंपराओं और मान्यताओं में बंधी नारी, अपने सपनों और इच्छाओं को अनदेखा कर, अपने परिवार और…

  • ज़िन्दगी पराई हो गई

    ज़िन्दगी पराई हो गई बेवफ़ा नहीं थी उससे बेवफ़ाई हो गईहोता ही नही यकीन जग हँसाई हो गई दे रही थी ज़ख़्म जो अभी तलक यहाँ मुझेदेखिए वो खुद ही ज़ख़्म की दवाई हो गई होठ मे गुलों की खुशबू और बातों में शहददो घड़ी में उससे मेरी आश्नाई हो गई बढ़ रही थी धड़कने…

  • दिल की खूबसूरती

    सुनने में थोड़ा अलग लगता है,थोड़ा बोरिंग भी और कुछ लोगों को थोड़ा अजीब भी।लेकिन आज की इस आधुनिकता की दौड़ में सबसे मुश्किल चीज है ये दिल वाली खूबसूरती। वो कहावत है ना सूरत नहीं सीरत अच्छी होनी चाहिए। बस कुछ ऐसा ही, लेकिन देखा जाए तो आजकल सबको सूरत बढ़िया चाहिए सीरत तो…

  • बैन ड्रग्स के लिए युवाओं में बढ़ती तलब

    हाल ही में, एक जांच से पता चला है कि नशीली दवाओं की लत की महामारी, जो ज्यादातर युवा पुरुषों को प्रभावित कर रही है, पूरे भारत में फैल रही है। नशीली दवाओं का दुरुपयोग भारत में एक महत्त्वपूर्ण सामाजिक और स्वास्थ्य मुद्दा है। भारत की विविध आबादी, बड़ी युवा जनसांख्यिकी और आर्थिक असमानताएँ देश…

  • मोबाइल से | Mobile se

    मोबाइल से सारे रिश्ते ख़तम मोबाइल से,अच्छेअच्छे भसम मोबाइल से । देश भर के शरीफ़ज़ादे सब ,हो गयें बेशरम मोबाइल से । नाचती हैं हसीन बालाएं,बन गया घर हरम मोबाइल से। बैठ दिल्ली में बात गोवा की,खायें झूठी कसम मोबाइल से। भागवत आरती भजन कीर्तन,डीजिटल है धरम मोबाइल से । चिट्ठियों का गया ज़माना अब,भेजती…

  • तुम रहो खुश | Tum Raho Khush

    तुम रहो खुश चलो हमने हार मान लिया,अब तो तुम खुश हो।चलो हमने शीश झुका दिया,अब तो तुम खुश हो।मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता इन सब बातों से कभी,मेरी वजह से दुखी न रहो, अब तो तुम खुश हो।। हमने सुना था कि जो झुकना जानता वो टूटता नहीं,हमने सुना था जो दूसरों को खुश…