Poem Mere Khuda

मेरे खुदा | Poem Mere Khuda

मेरे खुदा

( Mere Khuda ) 

 

सुन मेरे खुदा सुन मेरे मौला मेरे परवर दिगार।
सारी दुनिया के रखवाले सारे जग के करतार।

दीनबंधु दुखहर्ता हे भक्तों के स्वामी प्रतिपाल।
खुशियों के दीप जला मौला कर दे मालामाल।

चराचर स्वामी सुन ले ईश्वर अंतर्यामी सुन ले।
शरण पड़ा हूं तेरी प्रभु फरियाद जुबानी सुन ले।

तेरे दर आया खुदा खोल दे अब दरबार तेरा।
मंझधार में अटकी नैया करना बेड़ा पार मेरा।

किस्मत चमकाने वाले भाग्य को जगाने वाले।
खोल दो तकदीर के ताले दुनिया चलाने वाले।

परमात्मा परमेश्वर आलौकिक शक्ति आधार।
परम प्रभु हे ईश्वर स्वामी जगत के पालनहार।

घट घट विश्वास तेरा लब पर तेरा ही नाम है।
सांस सांस मे मेरे खुदा बसा तेरा ही धाम है।

 

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

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