रक्त पीना : मच्छरों की शौक या मजबूरी ?

रक्त पीना : मच्छरों की शौक या मजबूरी | Machchhar par kavita

रक्त पीना : मच्छरों की शौक या मजबूरी?

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ये हम सभी जानते हैं,
मच्छर खून पीते हैं।
डेंगी , मलेरिया फैलाते हैं,
सब अक्सर सोचते हैं!
ये ऐसा करते क्यों हैं?
पीते खून क्यों हैं?
जवाब अब सामने आया है,
प्रिंसटन यूनिवर्सिटी ने बताया है;
जवाब ने सबको चौंकाया है।
आरंभ से मच्छरों को भी-
रक्त पीने की लत नहीं थी,
रक्त पीने की उन्हें चाहत भी नहीं थी।
यह बदलाव धीरे धीरे आया-
जब मच्छरों ने खून पीना शुरू किया,
मौसम की वजह से ही ऐसा किया ।
वे सूखे प्रदेश में रहते थे-
मौसम भी होता सूखा,
प्रजनन के लिए पानी नहीं मिलता था;
तब उसने इंसानी रूख किया था ।
इंसानों,जानवरों का खून पीना शुरू किया,
शोधकर्ताओं ने एडीस मच्छरों पर अध्ययन
कर स्पष्ट किया ।
अफ्रीका में एडीस की प्रजातियां कई हैं,
जिन्हें खून पीने में दिलचस्पी नहीं है।
वे तो अभाव में ऐसा करते हैं,
अभाव में तो सबके स्वभाव बिगड़ते हैं।
प्राणों पर जब संकट आता है ,
तो कोई संघर्ष का रास्ता ही अपनाता है;
जान की बाजी लगाकर ही-
मच्छर भी रक्त पीता है।

 

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नवाब मंजूर

लेखक-मो.मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर

सलेमपुर, छपरा, बिहार ।

 

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