राम की परम स्तुति में | Ram ki Param Stuti

राम की परम स्तुति में

( Ram ki param stuti mein )

 

सुषमा श्री निधि,राम की परम स्तुति में

हिंद रज रज हर्षल प्रवाह,
निहार राम मंदिर निर्माण ।
कल्पना भव्य साकार रूप,
जनमानस स्पर्श पथ निर्वाण ।
बाईस जनवरी अद्भुत अनुपम,
सर्वत्र आनंद राम विग्रह भक्ति में ।
सुषमा श्री निधि,राम की परम स्तुति में ।।

जय श्री राम उद्घोष स्वर,
संपूर्ण ब्रह्मांड ओज प्रभाव ।
सनातनी आभा मनमोहक,
धर्म आस्था मर्यादा छांव ।
स्नेह प्रेम अमिय धार ,
मृदुल संवाद अभिव्यक्ति में।
सुषमा श्री निधि,राम की परम स्तुति में ।।

हिंद संस्कृति अंतर्निहित,
मर्यादा पुरुषोत्तम शीर्ष स्थान ।
आदर्श चरित्र प्रेरणा पुंज,
हर पल आदर आज्ञा ध्यान ।
वंश कुल परिवार वंदना,
संबंध अंतर अपनत्व प्रयुक्ति में ।
सुषमा श्री निधि,राम की परम स्तुति में ।।

सरयु तट शोभित अयोध्या,
अप्रतिम पौराणिक महत्ता ।
अवतरण स्थल श्री रामचंद्र,
राजधानी कोसल अनूप सत्ता ।
वर्तमान रामलला प्राण प्रतिष्ठा,
रामराज्य अभिलाष जनशक्ति में।
सुषमा श्री निधि,राम की परम स्तुति में ।।

 

 

महेन्द्र कुमार

नवलगढ़ (राजस्थान)

यह भी पढ़ें:-

नई उमंगें सज रहीं | Nayi Umange

Similar Posts

  • सीख दे गई | Kavita Seekh

    सीख दे गई (Seekh De Gayi ) सूखी टहनी उड़ आई मेरे पास थी उसे कुछ कहनी बोली मुझे न काटा कर जरूरत भर मांग लिया कर मैं खुशी खुशी दे दूंगी नहीं हूं बहरी गूंगी सुनती हूं सब कुछ देखती हूं तेरे व्यवहार सहकर तेरे अत्याचार भी कुछ कहती नहीं इसका क्या मतलब दोगे…

  • भारतीय संस्कृति और सभ्यता

    भारतीय संस्कृति और सभ्यता   हमारी संस्कृति है महान देवताओं का वरदान l सरलता सादगी में आता है जीना l छोटी-छोटी बातों छोटी-छोटी खुशियों की हमें कोई कमी ना। वृक्ष ,पर्वत, नदियों से है गहरा नाता l कण-कण में हमें ईश्वर है नजर आता l जहां पराया दुख अपना लगता हैl भाईचारे का रखे सबसे…

  • सेना दिवस | Sena diwas par kavita

    सेना दिवस! ( Sena diwas ) ऐ! मेरे वतन के लोगों, जरा याद करो कुर्बानी। फिर आया सेना दिवस ये, है कोई न इसका सानी। इनके चलते ही घरों में, हम चैन की नींद हैं लेते। ये नींद गंवाकर अपनी, सरहद की हिफाजत करते। रखकर ये आँख में मस्ती, रचते हैं अमर कहानी। नभ,जल,थल इनसे…

  • गौरी विनायकम | Aarti Gauri Vinayakam

    गौरी विनायकम ( Gauri Vinayakam )   एकदंत दयावंत लंबोदर गौरी विनायकम कृपा दृष्टि कीजिए l सुखकर्ता दुखहर्ता विघ्नहर्ता कष्टों को दूर कर ज्ञान हमको दीजिए l वक्रतुंड महाकाय शंभू सुत पूज्य प्रथम आप तो सवार काज दीजिए l जय देव मंगल मूर्ति गणेश दुष्टों का दलन कर विघ्न हर लीजिए l रिद्धि सिद्धि भालचंद्र…

  • सिया के राम | Poem Siya Ke Ram

    सिया के राम ( Siya Ke Ram )   सिया के राम जन्म लेकर, पतित का नाश करेगे अब। ताड़का खर दूषण के संग, नाराधम मारेगे वो अब।   धरा पर पाप बढा जब,नारायण राम रूप सज धज, मनोहर रूप भुजा कोदंड, धरा से पाप मिटेगा अब।   प्रकट भयो नवमी को श्रीराम,पूर्णिमा जन्म लिए…

  • भ्रम | Poem bhram

    भ्रम ( Bhram )   जो गति मेरी वो गति तेरी,जीवन भ्रम की छाया है। नश्वर जग ये मिट जाएगा, नश्वर ही यह काया है।   धन दौलत का मोह ना करना, कर्म ही देखा जाएगा, हरि वन्दन कर राम रमो मन,बाकी सब तो माया है।   यौवन पा कर इतराता हैं, बालक मन से…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *