वही खत वही दीवानगी चाहिए वही खत वही दीवानगी चाहिए दोस्त बचपन का वह सादगी भरी जिंदगानी चाहिए खेल सकुं गुल्ली डंडा, छुपन छुपाई, गुड्डे गुड़ियों के साथ ऐसी वर्दान कि रब से मेहरबानी चाहिए वही खत वही,,,,,,, नहीं चाहिए माया ममता नहीं मकड़जाल कि जिंदगानी चाहिए वह खेल वह बचपन वह गांव कि हावा…