श्याम रंग नीला है या काला

श्याम रंग नीला है या काला | Kavita

श्याम रंग नीला है या काला

( Shyam rang neela hai ya kala )

श्याम रंग नीला है या काला,बताओ कैसा है नन्दलाला।
पीताम्बर तन मोर मुकुँट सर, लकुटी कमरिया बाँधा।

 

कमल नयन कर मुरली शोभित, गले बैजन्ती माला।
सूरदास बालक सम देखे, जग में श्याम निराला।

 

श्याम रंग नीला है या काला…..

 

अर्ध रात्रि में प्रकट भयो हरि, मेघ घटा घन काला।
बादल टूट पडे धरती पर, यमुना जल उफनाता।

 

हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता, श्याम हरि हर दाता।
मेघ वर्ण नारायण का जस, राम श्याम सम श्यामा।

 

श्याम रंग नीला है या काला….

 

योगक्षेम परमानन्देश्वर, सकल जगत उद्धाता।
निर्विघ्नेश्वर राधेय बल्लभ, विश्वेश्वर कल्याणा।

 

मन चक्षु केन्द्रित कर के देखो,वो ही भाग्य विधाता।
क्या करना हुंकार श्याम रंग, नीला है या काला।

 

श्याम रंग नीला है या काला…

 

✍?

कवि :  शेर सिंह हुंकार

देवरिया ( उत्तर प्रदेश )

यह भी पढ़ें : –

राम दरबार | Kavita

Similar Posts

  • डूंडलोद अष्ट विनायक धाम | Dundlod Ashta Vinayak Dham

    डूंडलोद अष्ट विनायक धाम ( Dundlod Ashta Vinayak Dham )   डूंडलोद अष्ट विनायक धाम,अद्भुत अनुपम व विशेष वीर प्रसूता धरा शेखावाटी, डूंडलोद शोभित विनायक धाम। अष्ट विनायक एक्य दर्शन, हिंद राष्ट्र सौम्य एकमात्र नाम । धर्म आस्था परम केंद्र गणपति कृपा वृष्टि अशेष । डूंडलोद अष्ट विनायक धाम, अद्भुत अनुपम व विशेष ।। अनु…

  • तथागत बुद्ध | Buddha

    तथागत बुद्ध  ( Tathagat buddha )   तुम्ही तथागत, बुद्ध तुम्हीं हो तर्कशील प्रबुद्ध तुम्हीं हो।   करुणा  दया  का भाव जगाया तुम्हीं   तर्क   विज्ञान  सिखाया   आत्मज्ञान की ज्योति जलाकर अंधकार    को    दूर   भगाया   ज्योति    पुंज   कहलाने   वाले पुरुष आलोकित सिद्ध तुम्हीं हो।   मानवता   का  सीख  सिखाया पंचशील    का   पाठ   पढ़ाया  …

  • जन्म दिन | Janam din par kavita

    जन्म दिन ( Janam din )   आज जन्मदिन के अवसर पर हम दे क्या उपहार, सबसे बढ़कर आपको करते हैं हम प्यार।   मृदुल कोमल सरल है उत्तम नेक विचार, आप सुगंधित पुष्प सा फैलें जग संसार।   हृदय से है आपका वंदन बारंबार, क्या दे दे हम आपको दूजा और उपहार।   स्नेह…

  • बचा लो खुदा | Poem Bacha lo Khuda

    बचा लो खुदा ( Bacha lo Khuda )    बचा लो खुदा मेरी दुनिया को आकर, देखा नहीं तूने लाशों को जाकर। साया वो मौत का पीछे पड़ा है, नाटो के साथ देखो वो भी खड़ा है। तबाही का मंजर बहुत ही बुरा है। पीछे पड़ा दुश्मन हाथों को धोकर, देखा नहीं तूने लाशों को…

  • मैं कलम हूॅ॑

    मैं कलम हूॅ॑ कलम बड़ी अनमोल है,जाने चतुर सुजान।दया धरम अरु शील का,,करती बहुत बखान।। कलम लेख की शान है,लिखती है भरपूर।लिखे आत्म का ज्ञान ये, दृष्टि रखती सुदूर।। चलती जब है यह कलम,लिखे सदा गुणगान।कहती सब है सच सदा, होती कलम महान।। तीन अक्षर का नाम है,करती बहुत कमाल।हाथ पड़ी जब योग्यता,चमका उनका भाल।।…

  • जिंदगी जलेबी है जी | Kavita on Zindagi

    जिंदगी जलेबी है जी ( Zindagi jalebi hai ji )   जिंदगी जलेबी है जी मीठी-मीठी सी रसदार। थोड़ा थोड़ा प्यार है जी थोड़ी थोड़ी तकरार। गोल-गोल लच्छे जैसी जिंदगी है लच्छेदार। रसभरी जलेबी सी टपकती है रस की धार। गांठ गठीली भी है ये जिंदगी रसीली भी है। जलेबी सी नरम नरम अश्कों से…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *