कविता

  • उसका मुकद्दर यू रूठ गया

    उसका मुकद्दर यू रूठ गया 1. उसका मुकद्दर यू रूठ गया , बकरा कसाई हाथ लग गया। 2. वो दिल में आ बत्तियां बुझा नभाक कर गया, कोई जुगनू पकड़ दामन फिर उजाला कर गया। 3. तुम अच्छे हो अच्छे रहो, हम बुरे हैं बुरे ही सही, देख लेते जो अच्छी नजर से बुरे हम…

  • पुत्री और शराबी पिता

    पुत्री और शराबी पिता   पापा मेरी किताब , मेरे अरमान है,  मेरी खुशी है, मेरा भविष्य है,          सब बेच मेरी खुशियों का          शराब पी गए,   पापा मां का मंगलसूत्र सुहाग है मांग का सिंदूर है,      सब बेच उनके अरमानों का      …

  • पग बढ़ाते चलो

    पग बढ़ाते चलो ***** कंकड़ी संकरी पथरीली, या हों रास्ते मखमली। हृदय में सदैव जली हो अग्नि, स्वार्थ हमें सब होगी तजनी। सेवाभाव की मंशा बड़ी, रास्ते में मुश्किलें भी होंगी खड़ी। पर जब करने की मंशा हो भली, बाधाएं दूर हो जातीं बड़ी से बड़ी। खुदा के वास्ते न देखो पीछे मुड़कर, बस तू…

  • मौला तू करम करना

    मौला..! तू करम करना ( Maula tu karam karna )    अल्लाह..! तू करम करना मौला..! तू रहम करना बस…. इतनी दया तू करना जो भटक गए हैं उनको तू राह दिखाना उनको तू सद्बुद्धि देना उनको तू सन्मार्ग दिखाना वे नापाक हरकतों को छोड़ दें कदाचार को वे छोड़ दें अल्लाह..! तू इतना करम…

  • मुश्किल हो गया | Poem mushkil ho gaya

    मुश्किल हो गया ( Mushkil ho gaya )   जब तुम मुझसे मिलना ही नहीं चाहते थे तो फिर ये बातों का सिलसिला प्यार-मोहब्बत की बातें क्यों बढ़ाई…….??   क्यूँ झूठे चक्कर में डाला तुम अपना इरादा पहले ही बता देते क्यूँ तुमने मेरा चैन छीना क्यूँ मेरे मन को डुलाया? मैं नादान था जो…

  • दुस्साहस | Kavita dussahas

    दुस्साहस ! ( Dussahas ) *** भय से भी भयभीत नहीं हो रहे हैं हम, लाख चेतावनियों के बाद भी- कान में तेल डाल, सो रहे हैं हम। दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा आंकड़ा- दानव रूपी कोरोना का, हम ताली थाली पीट रहे- सहारा ले रहे जादू टोना का ! सरकार जुटी है सरकार बनाने…

  • लड़की | Ladki par kavita

    लड़की ( Ladki )   जन्म के समय लड़के और लड़की में फ़र्क नही होता, पर जन्म लेते ही ये समाज बाँट देता है उन्हें , बांट दिए जाते हैं उनके खिलौने, बाँट दी जाती हैं उनकी फरमाइशें, बाँट दिए जाते है उनके सपने , और यहीं से जन्म लेती है लड़की और जन्म लेती…

  • पत्नी और प्रेमिका | Patni aur premika par kavita

    पत्नी और प्रेमिका ( Patni aur premika )   पत्नी और प्रेमिका दोनों भिन्न प्राणी है एक को समाज,घर और कानून मान्यता देता है दूसरे को सिर्फ़ प्रेमी मान्यता देता है   पत्नी का बीच राह पर हाथ पकड़ कर चल सकते हो लेकिन प्रेमिका के साथ नहीं किसी के पूछने पर बेझिझक यह तो…

  • हिंदी राष्ट्र धरोहर है | Kavita Hindi rashtra dharohar hai

    हिंदी राष्ट्र धरोहर है ( Hindi rashtra dharohar hai ) *****   सबकी प्यारी सबकी दुलारी- मनभावन व मनोहर है, हिंदी राष्ट्र धरोहर है। देश को आपस में जोड़ने वाली, हृदय से हृदय को पहुंचने वाली । कानों में मिसिरी घोलने वाली, मीठी सुरीली, है अद्भुत अलबेली ; छात्र/छात्राओं की है सहेली । संपूर्ण धरा…

  • फ़र्क नहीं पड़ेगा | Poem fark nahi padega

    फ़र्क नहीं पड़ेगा ( Fark nahi padega )   बहुत सारी खामियां है मुझमें तो क्या हुआ……? तुमने कभी उन ख़ामियों को क्या मिटाना चाहा कभी….? नहीं ना…….!   तुम चाहते ही नहीं थे कभी कि हम भी उभर पाएं और तुम्हारे साथ खड़े हो सकें तुमने चाहा ही नहीं ऐसा कभी हम तुम्हारे साथ…