उपभोक्ता की समस्या

उपभोक्ता की समस्या | Kavita

उपभोक्ता की समस्या

( Upbhokta ki samasya )

 

उद्योगों के विकास में औद्योगिक क्रांति देश में लाया|
औद्योगिक क्रांति ने देश में उत्पादन को बढ़ाया|
पर बड़े-बड़े कंपनियों ने ग्राहक को उपभोक्ता बनाया|
इस उपभोक्ता को विज्ञापन ने खूब रिझाया|
इस विज्ञापन ने बिना जरूरत के सामान को जरूरत बनाया|
देश की प्रथम जरूरत रोटी कपड़ा मकान और शिक्षा स्वास्थ्य है|
पर ना जाने हमने हवा और पानी की कीमत भी चुका या है|
बाजार ने पसारे पांव गांव को भी नहीं छोड़ा|
टीवी के विज्ञापन ने शहर से गांव तक पहुंचाया है|
अगर हमें चाहिए संतुष्टि तो हमें उपभोक्ता से ग्राहक बनना होगा|
ईस टीवी के विज्ञापन के माया से उबर ना होगा |
जितना जरूरत है हमें सामान उतना ही खरीदना होगा|
हर उपभोक्ता को अपना अधिकार को समझना होगा|
जागरूक होकर समझदार उपभोक्ता बनना होगा|
अपने देश के विकास में सहयोग देना होगा|
अपने देश में निर्मित वस्तु का उपभोग करना होगा|
अपने देश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाना होगा|

?

लेखक– बिसे लाल ( सहायक शिक्षक )
शासकीय प्राथमिक शाला मेंड्रा
विकासखंड खड़गवां
जिला कोरिया (छ.ग.)

यह भी पढ़ें : –

जगतगुरु आदि शंकराचार्य | Kavita

Similar Posts

  • करवा चौथ व्रत | Karwa Chauth Vrat

    करवा चौथ व्रत ( Karwa Chauth Vrat )   कार्तिक मास की चतुर्थी का दिन है शुभ आया, सब सुहागिनों देखे इस दिन चांद में पति की छाया। करवाचौथ के व्रत में जो भी करवा मां का पूजन करे, अमर सुहाग रहे उसका पति नित नव उन्नति करे। करक चतुर्थी का यह दिन कहलाता है…

  • लड़ाई लंबी है | Poem in Hindi on Ghaza War

    लड़ाई लंबी है ! ( Ladai lambi hai )    हुई मानवता तार-तार,लड़ाई लंबी है, नाच रही है मौत, लड़ाई लंबी है। एटम-बम बना खिलौना कुछ लोगों का, द्वार चक्रव्यूह तोड़,लड़ाई लंबी है। नभ,जल,थल से न बरसेंगे फूल कोई, लहू से सने हैं हाथ,, लड़ाई लंबी है। महंगाई,बेकारी पर किसी का ध्यान नहीं, बदलेगा भूगोल,लड़ाई…

  • फुटपाथ | Footpath par kavita

    फुटपाथ ( Footpath )   सड़क के दोनों ओर, होती एक फुटपाथ। पैदल चलना हमे, राह अपनाइए।   नीति नियम से चले, जिंदगी की जंग लड़। फुटपाथ पे जो आए, ढांढस बताइए।   धन दौलत का कभी, मत करना गुमान। महलों से फुटपाथ, दूर ना बताइए।   फुटपाथ की जिंदगी, संघर्ष भरा पहाड़। मेहनत के…

  • उड़ता युवा

    उड़ता युवा आज के युग का उड़ता युवा ।खेल रहा वह जीवन से जुआ ।। युवाओं की आज बिगड़ी संगत ।संगत से ही मिलती सदा रंगत ।। गफलत में होते आज के युवा ।नहीं देखते आगे खाई है या कुआं ।। सब युवा करते अपनी मनमानी ।नशें में बर्बाद कर रहे जिंदगानी ।। घर-घर में…

  • मां पर कविता | Hindi me Maa par Kavita

      मां पर कविता ( Maa par kavita )    माता  सबकी जान है आन  बान  सम्मान है ईश्वर  सी   वरदान  है सारे गुण  की खान है और  कौन मां से बढ़कर है, जिसका हममें प्राण है। सबका पालनहार  है जीवन  तारणहार  है रग -रग की संचार है वर्षा  धूप   बयार  है झर झर झरते…

  • हमारे नेता जी

    हमारे नेता जी 23 जनवरी 1897 को कटक उड़ीसा में जन्म हुआ,जो पढ़ लिखकर अपने कला कौशल से अंबर छुआ।पिता जानकी नाथ बोस मां प्रभावती का पुत्र था जो,आजाद हिंद फौज बनाई और जय हिंद का नारा दिया।। देखकर भारत मां की दुर्दशा को बौखला गए नेताजी,1942 में आजाद हिंद फौज का गठन किए नेताजी…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *