वेश्याएं | Veshyaen

वेश्याएं

( Veshyaen ) 

 

उनकी गलियों में,
दिन के उजाले में जाना,
सभ्य समाज को,
अच्छा न लगता,
इसलिए छद्म वेश में ,
रात्रि के अंधियारे में ,
छुप-छुप कर वह जाता है ,
सुबह दिन के उजाले में,
सभ्यता का लबादा ओढ़े ,
सदाचरण पर भाषण देता,
लोग उसे देवता समझ ,
फूल मालाओं से लाद देते ,
वही वेश्याएं ,
घृणा की नजरों से देखी जाती।

आखिर ये सभ्य कहलाने वाले,

क्या नहीं है जिम्मेदार?
जो उनकी ऐसी,
जलालत भरी जिंदगी जीने को, मजबूर करती ।
वेश्याएं नहीं मानती ,
जाति पाति उच्च नीच का भेदभाव ,
पंडित हो या भंगी ,
समान भाव से,
अपने शरीर का समर्पण करती आखिर सोचिए ,
जिस कार्य को हजारों वर्षों से, हमारे धर्म गुरु नहीं कर सके,
वह कर रही हैं ,
ये वेश्याएं।

 

योगाचार्य धर्मचंद्र जी
नरई फूलपुर ( प्रयागराज )

यह भी पढ़ें:-

प्रभु तुम आए | Prabhu tum Aaye

 

Similar Posts

  • एम.एस.ख़ान की कविताएं | M.S. Khan Hindi Poetry

    भाई बहिन है रक्षा के बंधन रक्षाबंधन जीवन में खुशियाँ लाया,बहिन ने ये बंधन फिर याद दिलाया।बचपन की मीठी वो यादें ताज़ा बातें,संग हँसी और प्यारी बातें हुई सौगातें।धागों में लिपटी सिर्फ़ दुआ नहीं होती,आँखों को नम करती छाया भी होती।भाई का सिर भी गर्व से ऊंचा होता,भाईबहिन का दिल मन सच्चा होता।बहिन की लंबी…

  • मां चंद्रघंटा | Maa Chandraghanta

    मां चंद्रघंटा ( Maa chandraghanta ) तीसरा स्वरूप अदभुद माता का, कहाती जो दुर्गा मां चंद्रघंटा। मस्तक धारे मां अर्धचंद्र, चमकीला रंग उनका स्वर्ण। दस भुजाएं अस्त्रों से सुशोभित, खड़ग, बाण शस्त्र किए धारण। तीसरा नेत्र सदा खुला रहता, बुराई से लड़ने की दिखाए तत्परता। मां चंद्रघंटा का सिंह है वाहन, शांति मिलती जो करे…

  • वो एक क़िताब | Kitaab par Kavita

    वो एक क़िताब ( Wo ek kitaab )    सम्पूर्ण इतिहास समेटकर रखती वो एक क़िताब, देश और विदेशों में पहचान बढ़ाती यही क़िताब। शक्ल सूरत से कैसे भी हो देती सबको ये सौगात, हर प्रश्न का उत्तर है एवं श्रेष्ठ सलाहकार क़िताब।। क़िताबें पढ़कर आगें बढ़ता संसार का यें नर नार, भरा पड़ा है…

  • कब तक लड़ोगे | Kab tak Ladoge

    कब तक लड़ोगे ( Kab tak ladoge )   कब तक लड़ोगें अपनों से, पूरे दिन पूरे रात सम्मान से जीने के लिए। तरसते रहेंगे लड़ते रहेंगे यूं ही। कभी जवान तो कभी नौजवान कभी महिला तो कभी किसान, कसूर क्या है इन सबका जो आज लड़ रही हैं देश के पहलवान। नाज था जिन…

  • प्यारा तिरंगा | Pyara Tiranga

    प्यारा तिरंगा ( Pyara tiranga )    लगा लो तू सीने से प्यारा तिरंगा, हर साँस में घुल रहा है तिरंगा। करते मोहब्बत सभी देशवासी, बड़ी शान से फहर रहा है तिरंगा। अस्मिता है देखो इसी से सभी की, उठाओ नजर देखो घर-घर तिरंगा। हिम्मत और साहस का पहचान मेरा, बलिदानियों का चमन है तिरंगा।…

  • नया साल मुबारक | Naya Saal Mubarak

    नया साल मुबारक ( Naya saal mubarak )   सबको ये नया साल मुबारक, गुजरा जो गया हाल मुबारक ! जात धरम के थप्पड़ पड़ते, इनसे बचते गाल मुबारक! नेताओं की गोरों वालीं, बँटवारे की चाल मुबारक ! हिन्दू मुस्लिम आपस लड़ लो, बहता लोहित लाल मुबारक !! भूखे प्यासे बालक रोते, उनको अमृत काल…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *