Zindagi par chhand

उलझन भरी जिंदगी | Zindagi par chhand

उलझन भरी जिंदगी

( Uljhan bhari zindagi ) 

 

संघर्षों से भरी जिंदगी,
उलझन सी जिंदगी।
हौसला बुलंद कर,
नेह बरसाइए।

राहें कठिन हो चाहे,
पथ आंधी तूफां आए।
लक्ष्य साध गीत प्यारा,
तराना सुनाइए।

आसां नहीं है चलना,
मुश्किलों से यूं लड़ना।
उलझन जिंदगी को,
मधुर बनाइए।

प्यार के मोती लुटाओ,
प्रेम सुधा बरसाओ।
जीवन की जंग प्यारे,
जीत जरा जाइए।

 

रचनाकार : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

सूर्योदय | Suryoday par kavita

Similar Posts

  • धीरज | मनहरण घनाक्षरी छंद

    धीरज ( Dheeraj )   नर धीरज धारिये, संयम धरे विचार। धीरे-धीरे बढ़ चलो, ध्वज लहराइये।   धैर्यपूर्वक जो चले, शील गुणी जन जान। धीरे-धीरे मुखर हो, पहचान पाइए।   धीर अमोध अस्त्र है, मृदु वाणी सुरज्ञान। सुर लय तान बन, गीत मीत गाइए।   रणबीर बलवीर, समर न धरो धीर। राष्ट्रहित रणभूमि, वीरता दिखाइए।…

  • करवा चौथ | Chhand karva chauth

    करवा चौथ ( Karva chauth )   सुहागनें नारी सारी, करवा चौथ मनायें। कर सोलह श्रंगार, गौरी चांद मना रही। मनमीत प्रियतम, प्राण प्यारे भरतार। लंबी जीए उम्र जग, मंगल कामना कहीं। दिलों का पावन रिश्ता, टूटे ना तकरार से। प्रीत का झरना बहे, प्रेम की सरिता बही। धवल चांदनी सुधा, उमड़ा सागर प्रेम। पिया…

  • बसंत | मनहरण घनाक्षरी | Basant ritu par chhand

    बसंत   हर्षाता खुशियां लाया, सुहाना बसंत आया। बहारें लेकर आया, झूम झूम गाइए।   मधुमास मदमाता, उर उमंगे जगाता। वासंती बयार आई, खुशियां मनाइए।   पीली सरसों महकी, खिली कलियां चहकी। फूलों पे भंवरे छाए, प्रेम गीत गाइए।   प्रीत के तराने छेड़े, मुरली की तान मीठी। मदन मोहन बंसी, मधुर बजाइये।     कवि…

  • मानव तन | Manav tan | Chhand

    मानव तन ( Manav tan ) मनहरण घनाक्षरी     नश्वर सी यह काया, तन को हमने पाया। देह गात स्वरूप को, दाग ना लगाइए।   कंचन सी काया मिली, पंचतत्वों का शरीर। मानव तन भाग्य से, हरि कृपा पाइए।   चंद सांसों का खेल है, आत्मा का जुड़ा है तार। मानुष जन्म में मिला,…

  • भगत सिंह परघनाक्षरी

    भगत सिंह पर घनाक्षरी भरी तरुणाई मे वो, देश की लड़ाई मे वो,फाँसी के फंदे मे झूले, पुण्यात्मा महान हैं। वीर वो कहाते हैं जो, जां देश पे लुटाते हैं,ऐसे ही प्यारे भगत, सिंह वो महान हैं। भारत की शान हैं वो, हमारी आन वान हैं,गाता गुणगान सारा, भारत महान है। हैं शहीद वो कहाते,…

  • पुराने खत | Purane khat | Chhand

    पुराने खत ( Purane khat )   मनहरण घनाक्षरी   पुरानी यादें समेटे, पुराने खत वो प्यारे। याद बहुत आते हैं, पल हमें भावन।   शब्द बयां कर जाते, मन के मृदुल भाव। मोती बन दमकते, लगे मनभावन।   खत पुराने मुझको, याद फिर दिला गए। भावन जमाना था वो, मौसम भी भावन।   सहेज…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *