उलझन भरी जिंदगी | Zindagi par chhand

उलझन भरी जिंदगी

( Uljhan bhari zindagi ) 

 

संघर्षों से भरी जिंदगी,
उलझन सी जिंदगी।
हौसला बुलंद कर,
नेह बरसाइए।

राहें कठिन हो चाहे,
पथ आंधी तूफां आए।
लक्ष्य साध गीत प्यारा,
तराना सुनाइए।

आसां नहीं है चलना,
मुश्किलों से यूं लड़ना।
उलझन जिंदगी को,
मधुर बनाइए।

प्यार के मोती लुटाओ,
प्रेम सुधा बरसाओ।
जीवन की जंग प्यारे,
जीत जरा जाइए।

 

रचनाकार : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

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