Satat Vidhrohi

सतत विद्रोही | Satat Vidrohi

सतत विद्रोही

( Satat Vidrohi ) 

सतत् विद्रोही-मैं सतत्,सनातन,
निरपेक्ष, निर्विकार, निर्भीक’ विद्रोही’
मैंने गान सदा, सत्य का ही गाया
धन- यश, वैभव, सत्ता सुंदरी का आकर्षण
मेरे मन को तनिक डिगा नहीं पाया…
धन -कुबेरों की अट्टालिकाओं को देख
मेरा हृदय कभी नहीं अकुलाया
क्रांतिवीरों के यशोगान में ही
मैंने जीवन का सब सुख पाया…
पदलोलुप,सत्ताधीशों की क्रूर, कठोर आलोचना कर
बिन सावन मेरा,मन -मयूर सदा हर्षाया …
मंटो,ओशो,मजाज़,साहिर,राहत, शैलेन्द्र
जैसे पुण्यात्माओं को मैंने सदा,
कोटि-कोटि शीश नवाया…

 

रचनाकार: अभिलाष गुप्ता

अजमेर ( राजस्थान )

यह भी पढ़ें:-

मैं भी चाहूंगा | Poem Main bhi Chaahunga

Similar Posts

  • अष्ट दीप दान

    अष्ट दीप दान आदि लक्ष्मी अर्पित करें, प्रथम दीप का दान।ह्रदय बुद्धि शीतल करें, और बढ़ाएँ मान।। 1।। धन लक्ष्मी को दीजिये, दूजा दीपक दान।भौतिक सुख सम्पन्नता, मान और सम्मान।। 2।। कौशल प्रतिभा ज्ञान का, दीप तीसरा दान।विद्या लक्ष्मी जान कर, मनुज बढ़ाया मान।। 3 ।। अन्न बिना जीवन नही, अर्पित लक्ष्मी धान ।चौथा दीपक…

  • भाई दूज का त्यौंहार | Bhai Dooj ka Tyohar

    भाई दूज ( Bhai dooj )  1 दीपावली पंच-महापर्वों में ये भी एक त्योंहार, जो तोड़ने से भी न टूटे ये रिश्ता ऐसा है यार। दीपावली के दो दिन बाद आता यही त्योंहार, भाई बहिन की याद दिलाता ये बचपन प्यार।। भाई दूज व यम द्वितीया से जानता ये संसार, स्वयं हाथों से पकवान बनाकर…

  • सोच समझकर बोल | Soch samajh kar bol | Geet

    सोच समझकर बोल ( Soch samajh kar bol )   सोच समझकर बोल रे बंदे सोच समझकर बोल तिल का ताड़ बना मत बंदे मन की आंखें खोल   मीठी वाणी लगती प्यारी मधुरता से रिश्ता नाता है मधुर बोल दुनिया दीवानी तोता पिंजरे में आता है हंगामा खड़ा मत करना प्यारे मत करना रमझोल…

  • महफिल | Mehfil

    महफिल ( Mehfil )   महफिले आम न कर चाहत मे अपनी लुटेरों की बस्ती मे न बसा घर अपना बच के रह जरा ,बेरुखी जहां की नजर से इस महफिल का उजाला भी शराबी है घरौंदे से महल के ख्वाब ,ठीक नही होते दीए का उजाला भी ,भोर से कम नहीं होता ये महफिल…

  • Kavita | जय मां कालरात्रि

    जय मां कालरात्रि ( Jay Maa Kalratri )   कालरात्रि रूप में करती मां दुष्टों का संहार विकराल रूप माता का दैविक शक्ति अपार   खड्ग खप्पर हाथ में ले त्रिशूल भाला शमशीर रक्तबीज  संहारिणी  हरति जन जन की पीर   कालरात्रि  कालीका  रणचंडी  शक्ति रूप साधक पर करती कृपा धरकर रूप अनूप   प्रेत…

  • ताजमहल | Kavita Taj Mahal

    ताजमहल ( Taj Mahal ) बेगम मुमताज की याद में ताजमहल बनवाया। शाहजहां बादशाह ने दुनिया को प्रेम दिखाया।   आगरा में आकर देखो संगमरमर का महल। कलाकृतियां बेमिसाल प्रसिद्ध हो गया शहर।   प्रेम का प्रतीक हो गया सुंदर सा ताजमहल। पर्यटक स्थल बना जवां दिलों का कौतूहल।   सुंदर से नजारे सारे महकती…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *