उफ़ | Uff
उफ़!
( Uff )
किसी पुराने टूटे
ख्वाब की कोई
किरचन
उफ़!
कितनी कभी
चुभती है
रड़कती है
चैन से
आँख बंद कर
सोने भी
नहीं देती
.
.
.
न अश्क
बन बहती है

लेखिका :- Suneet Sood Grover
अमृतसर ( पंजाब )

( Uff )
किसी पुराने टूटे
ख्वाब की कोई
किरचन
उफ़!
कितनी कभी
चुभती है
रड़कती है
चैन से
आँख बंद कर
सोने भी
नहीं देती
.
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न अश्क
बन बहती है

लेखिका :- Suneet Sood Grover
अमृतसर ( पंजाब )

बोझिल सांसें ( Bojhil saansein ) ❣️ रोज़ निकली दिल से ही आहें बहुत आजकल बोझिल रहती सांसें बहुत ❣️ ढूंढ़ता ही मैं रहा राहें वफ़ा बेवफ़ा मिलती रही राहें बहुत ❣️ जख़्म कुछ ऐसे मिले अपनों से है रोज़ अश्कों में भीगी आंखें बहुत ❣️ प्यार की बातें नहीं वो करते है अपने…

करो शिकवा किसी से मत ग़मों को झेलना सीखो ( Karo Shikawa Kisi Se Mat Gamon Ko Jhelna Sikho) कभी शिकवा नहीं करना ग़मों को झेलना सीखो। लिखा तकद़ीर में रब ने उसी से जूझना सीखो।। जो होता है उसे मर्जी खुदा की मान लेना तुम। सदा ही अपनी मर्जी को परे तुम…

दादा जी ( Dada JI ) यहां तो दादा जी रकीब है नहीं कोई अपना हबीब है रवानी ख़ुशी की कैसे हो फ़िर ख़ुशी जिंदगी से सलीब है घरों में हुये लोग कैद सब चला कैसा मौसम अजीब है कैसे लें आटा दाल यूं महंगा दादा जी बड़े हम ग़रीब है…

है जुबां पे सभी के कहानी अलग है जुबां पे सभी के कहानी अलग। फितरते है अलग जिंदगानी अलग।। कौन माने किसी की कही बात को। खून में है सभी के रवानी अलग।। मानता खुद को कमतर ना कोई यहां। जोश से है भरी हर जवानी अलग।। लाभ की चाह …

मुखड़ा देखो गुलाब है जिसका ( Mukhda dekho gulab hai jiska ) मुखड़ा देखो गुलाब है जिसका हाँ उड़ा जो नकाब है जिसका पी जाऊं मैं नशा समझकर के हुस्न लगता शराब है जिसका भेज रब जीस्त में उसको मेरी चेहरा जो आफ़ताब है जिसका वो हक़ीक़त में घर आए मिलने…

दें गयी इश्क़ में मात वो ( De Gayi Ishq Mein Maat Wo ) दें गयी इश्क़ में मात वो कह गयी कुछ ऐसी बात वो आज वो हो रही ख़ुश बहुत छेड़कर दिल के नग्मात वो अनसुना करती रहा रोज़ ही कब समझें दिल के जज्बात वो जो नहीं यार …
