Na Ruki Jang to

न रुकी जंग तो | Na Ruki Jang to

न रुकी जंग तो…!

( Na ruki jang to )

( नज़्म )

 

बुराई बढ़ेगी, तो अच्छाई भी बढ़ेगी,
ये दुनिया आज है,तो कल भी रहेगी।
सदियों से एक साथ रहते हम आए,
मोहब्बत की तासीर न फीकी पड़ेगी।

अम्न का रास्ता बनाओ दुनियावालों,
जड़ से जुड़ी कायनात,जुड़ी ये रहेगी।
ऐसे तो मुक्कमल कोई चीज होती नहीं,
अगर ये कमी है,तो कमी ये रहेगी।

खुदा बनने की कोई कोशिश न करो,
जिसकी है ये दुनिया उसी की रहेगी।
जंग पहले भी होती थी आज भी हो रही,
मगर सलामती की दुआ तो होती रहेगी।

दूसरे के खजाने पे बुरी नजर न गड़ाओ,
पर बेगुनाहों की जान ऐसे जाती रहेगी।
कुछ लोगों की साँसों में फैला है जहर,
नफरत की आँधी तो ये चलती रहेगी।

आम आदमी के फायदे में जंग हो नहीं सकती,
शहर की जवानी दफ्न होती रहेगी।
चीख, चीत्कार से कांप रही है धरती,
न रुकी जंग, तो लहू से नहाती रहेगी।

 

लेखक : रामकेश एम. यादव , मुंबई
( रॉयल्टी प्राप्त कवि व लेखक )

यह भी पढ़ें :-

आँसू | Aansoo

Similar Posts

  • श्याम रंग में | Hindi Poetry

    श्याम रंग में ( Shyaam rang me )   मोरी रंग दे ओ रंगरेज चुनरिया श्याम रंग में। मेरी वाणी को अविराम सुनो मोहन के रंग में। जिसके रंग में राधा रंग गई, लोक लाज को भी जो तंज गई। ऐसा ही रंग डाल चुनरिया श्याम रंग में…   मोरी रंग दे ओ रंगरेज चुनरिया…

  • ऐ चांद | Aye Chand

    ऐ चांद ( Aye Chand ) ऐ चांद तुम जल्दी से आ जाना भूखी प्यासी दिनभर की मैं बेकरारछलनी से करूंगी साजन का मैं दीदारशर्म से लाल होंगे तब मेरे गालपिया मिलन में देर न लगा जाना।ऐ चांद तुम जल्दी से आ जाना। मेहंदी रचे हाथ, सजे कंगन के साथपूजा की थाल लिए, करवा हाथमांगूंगी…

  • एक साथी | Kavita Ek Sathi

    एक साथी ( Ek Sathi ) किसी का किसी से इकरार होता है। समझ लो उससे ही उसे प्यार होता है। ये कब और कहा किससे हो जाये। ये न हम जानते और न ये वो जानते।। दिल हमारा डोलता और भटकता रहता है। कभी सपनों में खोता है तो कभी सपने दिखता है। इसलिए…

  • भजन हनुमान जी का | Hanuman Bhajan lyrics

    भजन-हनुमान जी का   ओ भोले हनुमान मैं निशिदिन करूँ तुम्हारा ध्यान। सियाराम के प्यारे सबका करते तुम कल्यान।। प्रभु के संकट में भी तुमने उनके काज बनाए राम मुद्रिका सीता मय्या तक तुम ही पहुँचाए जला के लंका हिला दिया था रावण का अभिमान।। सियाराम के—– अपने भक्तों की विपदा में तुरंत दौड़ कर…

  • जिन्दगी का गुलिस्तां | Zindagi ka Gulistan

    जिन्दगी का गुलिस्तां ( Zindagi ka gulistan )    झुकता है आसमां उसे झुकाकर तो देखो, रूठने वाले को भी मनाकर तो देखो। प्यार में होती है देखो! बेहिसाब ताकत, एक बार जीवन में अपनाकर तो डेखो। सिर्फ दौलत ही नहीं सब कुछ संसार में, किसी गरीब का आंसू पोंछकर तो देखो। दुनिया की किसी…

  • मै भी उड़ना चाहती हूं | Mai bhi Udna Chahti Hoon

    मै भी उड़ना चाहती हूं  ( Mai bhi udna chahti hoon )   सपनों में जीना चाहती, जिंदगी से लडना चाहती हूं मै जीवन को तलाशना चाहती हूं हीरे की तरह चमकना चाहती , संस्कारों के परदे को हटाना चाहती, मै दुनिया की बेडियों से आजाद होना चाहती हूं, कमबख्त जिंदगी को कुछ देना चाहती…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *