डर के आगे जीत है (दोहे)

डर के आगे जीत है (दोहे) **** (मंजूर के दोहे) ****** १) डर से हम डरते नहीं , ना इसकी पहचान। डराओ ना जग मुझको, मैं भी अब शैतान ।। २) डर...

हैप्पी न्यू ईयर

हैप्पी न्यू ईयर     हैप्पी न्यू ईयर बोल उठी गांव शहर की हर गलियां नव वर्ष आते ही खिल उठी गांव शहर की हर गलियां फूल खिल महक...

Kavita | हाल पूछो न यार होली का | Holi Par...

हाल पूछो न यार होली का ( Haal Pucho Na Yar Holi Ka )   हाल  पूछो न यार होली का। दिल में मेरे गुबार होली का।।   इस कदर...

योग शक्ती | Yoga kavita

 योग शक्ती  ( Yoga shakti )   -->योग रोग की,बिना नोट की, स्वस्थ शरीर की दबा अचूक || ==>>हिन्दुस्तान की देन दबा ये,राम-वाण सी चले अचूक ||   1....

माता-पिता और हम

माता-पिता और हम   ->पिता जडें-माँ वृक्ष, तो हम फल फूल पत्ते हैं || 1.लंम्बा रास्ता-लंम्बा सफर, मुसाफिर हम कच्चे हैं | नहीं है अनुभव नई राहों का,...

मुझे हक है | Poem Mujhe Haq Hai

 मुझे हक है ( Mujhe Haq Hai )   दिल के सारे राज जानूं कैसी दिल की धड़कन है। मनमंदिर में पूजन कर लूं दीपक ले मेरा मन...

Kavita | नारी व्यथा

नारी व्यथा ( Nari Vyatha )   मेरे हिस्से की धूप तब खिली ना थी मैं भोर बेला से व्यवस्था में उलझी थी हर दिन सुनती एक जुमला जुरूरी...

संत्रास | Gitika chhand

संत्रास ( Santras )   ईर्ष्या, पीड़ा, शत्रुता, अति, अभाव का त्रास ! हीन भावना , विवशता , से निर्मित संत्रास !!   मन में पाया बिखरता, जब इनका अंधियार चाहा...

चंद्रघंटा | Kavita chandraghanta

चंद्रघंटा ( Chandraghanta )   नवशक्ति नव दुर्गा मां, चंद्रघंटा मस्तक सोहे। अभयदान देने वाली, चंद्र रूप अति सुंदर मोहे।   दस भुजधारी सिंह सवारी, दुष्टों का संहार करे। सबके संकट...

बाबुल | Babul kavita

बाबुल ( Babul )   बाबुल याद घणी सताये, बाबुल मन मेरा घबराये। जिस आंगन में पली-बढ़ी, आंखों में उतर आए रे। बाबुल मन मेरा घबराये, बाबुल मन मेरा...