ग़ज़ल

  • खामोशी | Khamoshi Shayari

    खामोशी ( Khamoshi )    नहीं कुछ भी है कहने को तो ओढ़ी आज खामोशी ज़रा सुनिए तड़पते दिल की है आवाज़ खामोशी। समंदर सी है गहरी जलजले कितने समेटे है छुपाए है हज़ारों ग़म हज़ारों राज़ खामोशी। नहीं लब से कहा उसने मगर सब कुछ बयां करती वो उसका हाले दिल बदले हुए अंदाज़…

  • बस हमें ख़बर नहीं | khabar Shayari

    बस हमें ख़बर नहीं ( Bas hamen khabar nahin )    देख पाये जो उसे ,ऐसी हर नज़र नहीं हर जगह है वो ख़ुदा ,बस हमें ख़बर नहीं सब मरेंगे एक दिन ,बात है ये लाज़मी कोई इस जहान में, दोस्तो अमर नहीं दिल मिला है गर तुझे ,तो मिलेगा दर्द भी दर्द से तो…

  • नोचे वही वरक़ | Noche Wahi Varak

    नोचे वही वरक़ ( Noche wahi varak )   बाक़ी हुरूफ़ जो ये मेरी दास्तां के हैं अहसान यह भी मुझ पे किसी मेहरबां के हैं रह रह के बिजलियों को है इनकी ही जुस्तजू तिनके बहुत हसीन मेरे आशियां के हैं क़ुर्बानियाँ शहीदों की भूले हुए हैं लोग गुमनाम आज नाम उन्हीं पासबां के…

  • दिल में शोले उठे हैं यहां | Dil Chune wali Shayari

    दिल में शोले उठे हैं यहां ( Dil mein shole uthe hai yahan )    इश्क में लुट चुके है यहां दिल में शोले उठे हैं यहां घेर ली है ज़मीं कांटों ने फूल कब खिल सके हैं यहां सब फरेबी निकलते हैं लोग सोच से सब परे हैं यहां दौलतें शोहरतें देखकर लोग इज़्ज़त…

  • प्यार के गुल खिले है यहाँ | Pyar ke Gul

    प्यार के गुल खिले है यहाँ ? ( Pyar ke gul khile hai yahan )    प्यार के गुल खिले है यहाँ ? नफ़रत की बू घटे है यहाँ उम्रभर एक लड़की से हम प्यार करते रहे है यहाँ हाथ किससे मिलाऊँ भला दोस्त दुश्मन बने है यहाँ कौन महफूज़ है अब भला देखिये घर…

  • कम लोग हैं ऐसे | Kam Log hain Aise

    कम लोग हैं ऐसे ( Kam log hain aise )    ख़ुदा मानें जो उल्फ़त को बहुत कम लोग हैं ऐसे करें जो इस इबादत को बहुत कम लोग हैं ऐसे न हिन्दू कोई ख़तरे में न मुस्लिम को है डर कोई जो समझें इस सियासत को बहुत कम लोग हैं ऐसे शिवाले में जो…

  • कमाल करते हो | Kamaal Karte ho

    कमाल करते हो ( Kamaal karte ho )    लगाकर चाँद पर दाग कमाल करते हो, बातें बड़ी आजकल बेमिसाल करते हो। बेचैन हो जाता दिल मेरा बातें सुन तुम्हारी, खुद से क्यों नहीं तुम ये सवाल करते हो? यूँ उलझा नहीं करते हर बार ही किसी से, बेवज़ह तुम हर बात पर बवाल करते…

  • जवानी | Jawani Shayari

     जवानी (  Jawani )    छीन न ले डरता हूँ फिर से होश जवानी जगा रही है दिल में फिर से जोश जवानी बात करो फूलों ,तितली,परबत नदिया से अच्छी नहीं लगती है ये ख़ामोश जवानी महबूबा ने वस्ल का वादा अगर किया हो बन जाती है फिर तो ये ख़रगोश जवानी लाखों काँटे हैं…

  • भागे है सब अदू | Bhaage hai Sab Adoo

    भागे है सब अदू ( Bhaage hai sab adoo )    भागे है सब अदू देख कश्मीर से काट डाले सभी देखो शमशीर से सैनिको ने बिखरे फूल हर राह पर है अमन प्यार की इस तासीर से चैन से हंस रहा देख कश्मीर अब सब मिटा डाले दुश्मन जागीर से दुश्मन आयेगा कश्मीर में…

  • आपबीती | Zindagi Ghazal

    आपबीती ( Aapbeeti )    सौ पलों की एक पल में आपबीती हम सुनाते हैं ग़ज़ल में आपबीती सब अना की क़ैद में जकड़े हुए हैं कौन सुनता है महल में आपबीती ? जीते जी ही कह सकोगे हाल अपना कौन कह पाया अजल में आपबीती ? अपने अपने दर्द में ही लोग ग़ुम हैं…