ग़ज़ल

  • नमी | Sad Urdu Shayari in Hindi

    नमी ( Nami )    क्यों आँखों में अक्सर नमी रह गई जो नहीं मिला उसकी कमी रह गई। यूँ भीड़ में चलते रहे हज़ारों बस अपनों को ढूढ़ती ये नज़र रह गई। समंदर भर एहसास गुजरते देखे मगर कायम इक तिशनगी रह गई। सुधारा बहुत अपनी कमियों को फिर सुना वो बात नहीं रह…

  • चाहता है तिरंगा | Poem on Tiranga in Hindi

    चाहता है तिरंगा ( Chahta hai tiranga )   सर भी झुकते हैं लाखों नमन के लिए जान देते हैं जो भी वतन के लिए सिर्फ़ नारों से क्या होगा ऐ दोस्तो रौनक़े बख़्श दो अंजुमन के लिए मेरे बच्चों से उनकी ख़ुशी छीन ली और क्या चाहिए राहज़न के लिए पीठ पर गोलियाँ तुम…

  • रफ़ू न करना | Rafu na Karna

    रफ़ू न करना ( Rafu na karna )    मेरी क़ुर्बतों के ग़म में ,कभी दिल लहू न करना मैं जहाँ का हो चुका हूँ, मेरी आरज़ू न करना ये यक़ीन कर तू मेरा, मैं न भूल पाऊं तुझको कहीं दिल खराब कर के, मेरी जुस्तजू न करना कहीं जल न जाये तेरा, इसी आग…

  • याद आया | Yado ki Shayari

    याद आया ( Yaad Aya )    कोई अनजान सफ़र याद आया अजनबी कोई बशर याद आया तेरा चेहरा ही नज़र में उतरा जब कभी दर्दे जिगर याद आया धूप ने जब भी सताया हमको बारहा बूढ़ा शजर याद आया इक मेरा दोस्त पुराना था जो कुछ लगी देर मगर याद आया अपनी ख़ुशक़िस्मती समझेंगे…

  • मेरी धरती माँ | Meri Dharti Maan

    मेरी धरती माँ ( Meri dharti maan )   मेरी धरती माँ प्यारी है भारत की ख़ुशबू फ़ैली है ऐसा न कहीं देश मिलेगा गंगा जमना जो मिलती है उगते है गुल उगती सरसों धरती माँ देखो ऐसी है सैनिक करे है हिफाज़त कर सकता न अदू ज़ख्मी है नफ़रत के दुश्मन ख़त्म हुई उल्फ़त…

  • वक़ार भूल बैठे | Waqar Bhool Baithe

    वक़ार भूल बैठे ( Waqar bhool baithe )   जो मिला था क़ुर्बतों में, वो क़रार भूल बैठे वो ज़रा सी देर में क्यों, मेरा प्यार भूल बैठे लगे हर ख़ुशी पराई, लगे ग़म ही आशना अब यूँ ख़िज़ाँ ने दिल है तोड़ा, कि बहार भूल बैठे मुझे फ़िक्र रोटियों की , ये कहाँ पे…

  • बरसे है सुब्हो-शाम | Subah-O-Shaam

    बरसे है सुब्हो-शाम ( Barse hai Subah-O-Shaam )    वो लग रहे हैं मुझको परेशान आजकल आफत में आ गई है मेरी जान आजकल ज़ल्फ़ों से यह हवा की फ़कत गुफ्तगू नहीं बरसे है सुब्हो-शाम का फ़ैज़ान आजकल हैरत है पूछते हैं वही दिल का हालचाल जो दिल की सल्तनत के हैं सुल्तान आजकल यारो…

  • इंसान | Insaan

    इंसान ( Insaan )    हर सू हैं झूठे इंसान अब कम हैं सच्चे इंसान मेरी मुट्ठी में भगवान करता है दावे इंसान अपनी ख़ुदग़र्ज़ी में अब भूल गया रिश्ते इंसान सोच समझ के कर विश्वास अब कम हैं अच्छे इंसान लोगों को जो चुभ जाये शौक़ न वो पाले इंसान जिस रस्ते पर दाग़…

  • ग़लती हमारी थी | Galti Hamari thi

    ग़लती हमारी थी ( Galti hamari thi )   हुआ जो हादसा ए इश्क़ वो गलती हमारी थी खड़ी सरकार के हक़ में लड़ी आवाम सारी थी। लगेंगी तोहमतें हम पर बहुत ये इल्म़ था हमको वही अच्छे वही सच्चे हमें ये जानकारी थी। वफ़ा करके भी हम हरदम खटकते हैं नज़र में क्यूं यही…

  • बेकरार | Bekarar Shayari

    बेकरार ( Bekarar )   ये दुनिया इतनी आसानी से न तुझे समझ आएगी, प्यार भी करेगी तुझसे और तुझ को ही रुलाएगी! बेकरार दिल की धड़कनों में शामिल करके तुझे दिल के तेरे जज्बातों को ही नामुनासिब ठहराएगी! ख्यालों को तेरे बेसबब यह दुनिया साबित कर एक दिन प्रश्नों से कटघरे में तुझको फसाएगी!…