कविताएँ

  • एम.एस.ख़ान की कविताएं | M.S. Khan Hindi Poetry

    भाई बहिन है रक्षा के बंधन रक्षाबंधन जीवन में खुशियाँ लाया,बहिन ने ये बंधन फिर याद दिलाया।बचपन की मीठी वो यादें ताज़ा बातें,संग हँसी और प्यारी बातें हुई सौगातें।धागों में लिपटी सिर्फ़ दुआ नहीं होती,आँखों को नम करती छाया भी होती।भाई का सिर भी गर्व से ऊंचा होता,भाईबहिन का दिल मन सच्चा होता।बहिन की लंबी…

  • पर्यावरण दिवस | Hindi Poem on World Environment Day

    पर्यावरण दिवस   पेड़-पौधे काटकर बैनर,पोस्टर बना रहे है, संदेशो में जागरूकता अभियान चला रहे है । विलासिता पूर्ण जीवन जीने की चाहत में, हम प्राकृतिक सम्पदा को नित मिटा रहे है। अपने ही हाथो से घोंटकर गला दरख्तों का, मशीनीकरण के आदी हो जीवन बिता रहे है। किसे परवाह क्या होगा आने वाली पीढ़ी का,…

  • पुल- विश्वास का

    पुल- विश्वास का   पहले हमारे बीच बहुत गहरा रिश्ता था प्रेम की नदी पे बने विश्वास के पुल की तरह उस पुल से हम देखा करते थे कभी इन्द्र धनुष के रंग कभी ढलती शाम कभी दूर आलिंगन करते पंछियों को उड़ते बादलों को उसी पुल पे खड़े सुना करते थे मधुर लहरों का…

  • आत्मविश्वास | Kavita Atmavishwas

    आत्मविश्वास ( Atmavishwas )   आत्म विश्वास है जीवन के संघर्षों को हराकर जीतने का संकल्प। आत्मा की अनन्य शक्ति, आत्मा को शिखर तक पहुंचाने का प्रकल्प।। जीवन की हर बाधा, प्रतिबाधा में घोर निराशा से उबरने का विकल्प ।। आच्छादित अंधेरे में, घोर ना उम्मीदी मे प्रकाश की किरण का प्रकल्प।। उम्मीद की रोशनी,…

  • परंपरा | Kavita Parampara

    परंपरा ( Parampara ) यह कैसी परंपरा आई, दुश्मन हो रहे भाई-भाई। घर-घर खड़ी दीवारें घनी, मर्यादा गिर चुकी खाई। परंपराएं वो होती, संस्कारों की जलती ज्योति थी। अतिथि का आदर, खिलखिलाती जिंदगी होती थी। होली दिवाली पर्व पावन, सद्भावो की धाराएं भावन। गणगौर तीज त्योहार, खुशियों का बरसता सावन। परंपराएं जीवंत रखती है, मान…

  • नींबू | Kavita Nibu

    नींबू ( Nibu )   गैस एसिडिटी और पेट दर्द पलभर में दूर करता, जिसके स्वाद एवं खुश्बू से हमें ताज़गी मिलता। कहते है यह मृत-व्यक्ति को भी जिन्दा कर देता, अगर उसके अन्दर एक भी ये बीज नही होता।। ये पीले रंग का होता लगता झाड़-काॅंटों के बीच, मसूड़ों से ख़ून आने वाली समस्या…

  • विद्या शंकर विद्यार्थी की कविताएं

    गीत चैती छठ के केकर कटोरवा अब खाली बाटे होभरल अंखिया में लोरमारेला रूखनिया करेजवा में होदरद उठेला पुरजोर, केकर,,,,,। निर्धन कटोरवा अब खालि बाटेभरल अंखिया में लोरमारेला रूखनिया महंगिया नू होदरद उठेला पुरजोर, केकर,,,,। आदितमल गोसंईया मनाई कइसे होछठिया करे जाई घाटछठी माई से दुखवा बताई कइसे होगड़ल गोड़वा में कांट, केकर ,,,,,। भला…

  • तेरा वोट का है अधिकार | Kavita Tera Vote ka Hai Adhikar

    तेरा वोट का है अधिकार ( Tera Vote ka Hai Adhikar )   नेता करते सभी से प्यार, अरे, रे! बाबा, न बाबा। उन्हें सौंपो फिर से कमान, अरे, रे! बाबा, हाँ बाबा। नेता करते सभी से प्यार, अरे, रे! बाबा, न बाबा। तुम पोलिंग बूथ पे जाओ, एक अपनी बटन दबाओ। तुम भी निकलो…

  • कमलेश विष्णु की कविताएं | Kamlesh Vishnu Hindi Poetry

    अंतस्तल में दीप जलाएं ज्योति जलाएं प्रज्ञा का, फिरउपवन सा घर-बार सजाएं !खुशियों की सौगात बांटकर ,हम-सब दीपावली मनाएं !! दिवाली में अबकी हम-सब ,मिलकर ये संकल्प उठाएं !घर रौशन करने से पहले ,अंतस्तल में दीप जलाएं !! कटुता त्यागें बैर मिटाएं,दीन दुखी को गले लगाएं !हम-सब मिलकर दिवाली में,विश्व शांति का अलख जगाएं !!…

  • नश्वर जीवन | Kavita Nashvar Jeevan

    नश्वर जीवन ( Nashvar Jeevan )   ईश्वर सत्य, सत्य ही सुंदर, सुंदर ही शिव है ! पड़ना नहीं कभी तुम भ्रम में, जीवन नश्वर है !! ये शरीर माटी का पुतला, मत करना, अभियान कभी ! ककृतकर्म जाएगा साथ तुम्हारे , रखना इसका ध्यान सभी !! व्यर्थ की चिंता ना करना, तूँ कर्म किए…