सुरेन्द्र पाल जी की स्मृति में
सुरेन्द्र पाल जी की स्मृति में जब दिल पत्थर हो जाएहंसते खेलते रोना आ जाएमानवीय भावनाएहमें जीवित रखने के लिएकभी डिफ़ाल्ट होना पड़ जाएहंसते खेलते रोना आ जाएजब दिल पत्थर हो जाए। पाल सर कभी खुशीयों की ताली बजवाते थेमानवता और प्रेम का हमेशा पाठ पढ़ाते थेहार को जीवित रखो विजय पथ पर बढ़ाते थेकितनों…










