कविताएँ

  • नहीं होती | Nahi Hoti Kavita

    नहीं होती ( Nahi hoti )   जिन्दगी कहानी नहीं होती । एक सी रबानी नहीं होती ।।   उधारी बाप और बेटे में । आज मुंह जबानी नहीं होती ।।   इबादत खाली हाथ करने से । कोई मेहरबानी नहीं होती ।।   आज के दौर में पहले जैसी । हकीकत बयानी नहीं होती…

  • दया धर्म का मूल है | Kavita

    दया धर्म का मूल है ( Daya dharm ka mool hai )     दया भाव जीवो पर रखे दया धर्म का मूल है दीन दुखी निर्धन सताना मानव भारी भूल है   दया करें उन लाचारों पर रोगी और बीमारों पर जहां बरसा कहर टूटकर हालातों के मारो पर   आओ जरा संभाले उनको…

  • वक़्त | Kavita waqt

    वक़्त ( Waqt )   जब से छाया गुनाहों की पड़ने लगी । रूह मेरी ही मुझसे झगड़ने लगी ।।   तेज आंधी से जंगल जब हिलने लगे । सूखे पेड़ों की दम तब उखड़ने लगी ।।   मन के बीरान जंगल डराने लगे । गर्म बालू सी तबीयत बिगड़ने लगी ।।   वक़्त के…

  • पुरानी तस्वीर | Purani tasveer kavita

    पुरानी तस्वीर ( Purani tasveer )   अतीत के पन्ने खोले पुरानी तस्वीर हमारी कैसे बदला दौर सारा कहती कहानी सारी   क्या थे कहां हम आए क्या खोया क्या पाया है क्या हकीकत हमारी कितना बदलाव आया है   कैसा जमाना था वो यादें सुहानी सब प्यारी नयनों में उतर आती पुरानी तस्वीर हमारी…

  • अखबार | Akhbar kavita

    अखबार ( Akhbar )     आज की ताजा खबर लेकर आता अखबार देश विदेश के समाचार प्रिय अपनों का प्यार   राजनीति के दांव पेच संग सत्ता की बातें लाता कुर्सी की उठा पटक समीकरण सारे बतलाता   शिक्षा संस्कार साहित्य सामाजिक सरोकारों को जनता की आवाज बने हिला सके सरकारों को   अखबारों…

  • उदासी | Udasi par Kavita

    उदासी ( Udasi )   बादल  जैसी  छाई  उदासी । घिर- घिर कर फिर आई उदासी ।।   दिन-दिन बढ़ती ही जाती है । जैसे  हो  महंगाई  उदासी ।।   सूने दिल में बजती जैसे । दूर कहीं शहनाई उदासी ।।   सागर की लहरों सी खुशियां सागर की गहराई उदासी ।।   शमा  जली …

  • जेवर | Jewar kavita

    जेवर ( Jewar )   रत्न जड़ित आभूषण जेवर मनमोहक लगते रखड़ी बाजूबंद बोरला गले में सुंदर हार सजते   छम छम पांवों की पायल नथली के नखरे न्यारे हाथों में मुद्रिका मनोहर कानों में झुमके प्यारे   स्वर्ण आभूषण जड़ित कंगना भी कहर ढहाते हैं जेवर जो आकर्षण भर पिया के मन को भाते…

  • क्योंकि मैं पराया धन हूं | Kavita

    क्योंकि मैं पराया धन हूं ( Kyon ki main paraya dhan hoon )     मां बेटे की हर पिड़ा पे तेरा दिल पिघलता है। और मेरी पिड़ा पर जरा भी दिल नहीं दहलता है। क्योंकि मैं पराया धन हूं। बेटी  की विदाई पर दिल पर पत्थर रख देती है। बेटा शाम तक घर ना…

  • अभिमन्यु का शौर्य अमर है | Abhimanyu kavita

    अभिमन्यु का शौर्य अमर है ( Abhimanyu ka shaurya amar hai )   एक असाधारण योद्धा अर्जुन नंदन कहलाता वो सुभद्रा दुलारा शूरवीर जा तूफ़ानों से टकराता जो   चक्रव्यूह तोड़ा रण में डगमगा जाता महासमर है महाभारत वीर योद्धा अभिमन्यु का शौर्य अमर है   युद्धवीर रणधीर वो महारथी कांपने लगते सारे दुर्योधन शकुनि…

  • खुशी के आंसू | Kavita

    खुशी के आंसू ( Khushi ke aansu : Kavita )     खुशियों के बादल मंडराये हृदय गदगद हो जाए भावों के ज्वार उमड़े खुशियों से दिल भर आए   नैनों में खुशी के आंसू मोती बनकर आ जाते हैं हर्षित मन के आंगन में आनंद के पल छा जाते हैं   उत्साह उमंगों का…