देखते देखते सब बदल जाएगा | Dekhte Dekhte
देखते देखते सब बदल जाएगा
( Dekhte dekhte sab badal jayega )


( Dekhte dekhte sab badal jayega )


मदिरा में ( Madira mein ) गिरने के हद से भी नीचे गिर जाते हैं लोग संबंधों के बीच दीवार खड़ी कर देते हैं लोग बेचकर ईमान अपना धर्म भी गंवा देते हैं लोग करके हवन दान भी करम गँवा देते हैं लोग चंद मतलब के लोभ में एहसान भुला देते हैं लोग दिखाकर…

चंचल चोर ( Chanchal chor ) श्याम सुंदर, मुरली मनोहर, तू बड़ा चंचल चोर है। कटि कारी करधन है पड़ी, शीर्ष उसके पंखमोर है। टोली में हर घर में घुसे, माखन, दही खाता चुरा, मटकी में कुछ बचता नही, चारो तरफ ये शोर है।। मुरली मधुर मदमस्त बाजे, कालिंदी के तीर पर। आभा अद्भुत…

मानव या दानव कर्मों से ( Manav ya danav karmo se ) अच्छाई के पथ पर चलते वो मानवता होती है। लूटमार चोरी अन्याय कर्मों से दानवता होती है। मानवता आदर्श दिए मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम। धर्म निभाया रामचंद्र ने करुणा सिंधु हो निष्काम। दशानन दंभ में झूमा जब बढ़ा धरा पे पापाचार। दानवता ने…

जिंदगी एक किताब है ( Zindagi ek kitab hai ) जिंदगी एक किताब है जिसमें अनेक पन्ने हैं, कुछ पन्ने फूल के, कुछ कागज के जिसमें सुख-दुख की कहानी लिखी है बीती हुई अपनी जवानी लिखी है, जिसमें खुशियां भी है गम भी है कुछ ज्यादा भी है कुछ कम भी है ढेर सारी…

भुजंग भूषण कैलाशपति ( Bhujang Bhushan Kailashpati ) तेरे दर पर शीश नवाता बाबा तेरे मंदिर जाता हूं लोटा भर के जल चढ़ाऊं अर्पण करने आता हूं तेरा नाम जपूं निशदिन बाबा तेरा ध्यान लगाता हूं मंझधार में डूबी नैया शिव दिल का हाल सुनाता हूं हे कैलाशी तू अविनाशी शिव नीलकंठ महादेव डमरू…

रक्तबीज सी अभिलाषाएं ( Raktabeej si abhilashayen ) रे मायावी बोल। आदि अन्त क्या इस नाटक का, कुछ रहस्य तो खोल। रे मायावी बोल। रह कर स्वयं अदृश्य दृश्य तू प्रतिपल रहे बदलता। ऊपर नीचे दिग्दिगन्त में, इंगित तेरा चलता। माटी के पुतले को तूने प्राण शक्ति दे डाली। नश्वर काया में अविनश्वर विषय…