Dil ke jharokhe se kavita

दिल के झरोखे से | Dil ke jharokhe se kavita

दिल के झरोखे से

( Dil ke jharokhe se )

 

 

दिल के झरोखे से झांको जरा मेरे यार

खुशियों भरा यह संसार

 

दिल के सब दरवाजे खोलो मधुर मधुर बोलो

जोड़ो दिलों के तार खुशियों भरा यह संसार

 

कोई तराना आए कोई मुस्कान लबों पे छाये

उमड़े दिलों में प्यार खुशियों भरा यह संसार

 

खिल जाए दिल की बगिया प्रीत की बयार आए

झूमो नाचो दिलदार खुशियों भरा यह संसार

 

हर्ष उमंगे भर लो मोती लूटाओ प्यार के

बरसे प्रेम रसधार खुशियों भरा यह संसार

 

जीवन की हर जंग में कुदरत के हर  रंग में

कभी जीत कभी हार खुशियों भरा यह संसार

 

   ?

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

यौवन | Yauvan kavita

Similar Posts

  • मन का महफ़िल | Man ka Mehfil

    मन का महफ़िल  ( Man ka mehfil )    महफिल के वे शब्द “तुम मेरे हो” आज भी याद आते हैं , गीतों के सरगम मन को छू जाते हैं रह-रह कर सताते हैं दिल की धड़कन बढ़ बढ़ जाते हैं वही सजावट बनावट नैनों में छपा चेहरा जिसके लिए मैं देता था पहरा बसती…

  • hindi poetry on life || अशांत मन

    अशांत मन ( Ashant Man )   शांत प्रकृति आज उद्वेलित, हृदय को कर रही है। वेदना कोमल हृदय की, अश्रु बन कर बह रही है।   चाहती हूं खोद के पर्वत, बना नई राह दूं । स्वर्ण आभूषण में जकड़ी, जंग सी एक लड़ रही हूं।   घूघंटो के खोल पट, झांकू खुले आकाश…

  • जिन्दगी का सफर | Zindagi ka safar kavita

     “जिन्दगी का सफर”  ( Zindagi ka safar ) सफर जिन्दगी का कठिन है, “नामुमकिन”नहीं || राह-नई मंजिल-नई, हम भी नए जमाने में | जाने कब कहाँ पहुँचेंगे, जाने किस ठिकाने में | जब से जीना सीखा हमने, दिन-रात चुनौती रहती है | सफर हमारा जारी है, स्वीकर हर चुनौती रहती है |   सफर जिन्दगी…

  • गणपति वंदना | Ganpati Bhagwan ki vandana

    गणपति वंदना ( Ganpati vandana )   नमन करु और वन्दन करु, हे गौरी पुत्र गणपति गजराज। बस नाम तुम्हारा लेने से ही, होता है समस्त विघ्नों का नाश ।।   प्रभु तुम्हारे नाम है अनेंक, सभी देवताओं में सबसे श्रेष्ठ। कष्ट विनायक मंगल फल दायक, और हो गुरुजनों में भी तुम श्रेष्ठ।।   रिद्धि-सिद्धि…

  • गैरों की संगत | Gairon ki Sangat

    गैरों की संगत ( Gairon ki sangat )    ऐ दोस्त, संभल कर चल परख कर चल समझ कर चल क्योंकि गैरों की संगत अपनों को दुश्मन बना देती है।   ऐ दोस्त! समझना बड़ा मुश्किल है किसी के रुप को, पढ़ना बड़ा मुश्किल है बनावटी चेहरों को क्योंकि गुमराह सभी को अंधा बना देती…

  • रंग | Daisy Chain Poem in Hindi

    रंग ( Rang )    विधा: डेजी चैन   रंग रंगीला फागुन आया आया मधुमास महकता महकता रहा चमन सारा सारा समां झूमा खुशियां पा पा लेना मुस्कानों के मोती मोती से शब्द अनमोल अनमोल है बड़ों का प्यार प्यार भरे दो बोल मीठे मीठे मीठे रसीले गाल गोरी तेरे तेरे संग खेलूं सजनी होली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *