Kahani Shayari

कहानी भी रहेगी | Kahani Shayari

कहानी भी रहेगी

( Kahani bhi rahegi ) 

 

ज़िक़्र ग़म का और खुशियों की कहानी भी रहेगी
अब मुकम्मल दिल की मेरे राजधानी भी रहेगी।

है ठसक लहज़े में उनके गर रदीफ़ों की तरह तो
काफ़िये सी मेरी ग़ज़लों की रवानी भी रहेगी।

सोच कर ही बोलिए की बात ले दिल पे न कोई
बात आख़िर में ख़ुदा से सब बतानी भी रहेगी।

क्या बताएं कर के वादा भूल वो जाते हैं अक्सर
खाईं कसमें आज जो वो कल निभानी भी रहेगी।

पुरकशिश है शख़्सियत जिसकी जरूरी तो नहीं है
आन उसकी शान उसकी खानदानी भी रहेगी।

वो बहुत मशहूर ओ मारूफ़ शायर हो गया अब
बज़्म में अब हाज़िरी उसके लगानी भी रहेगी।

हो अगर कश्ती भंवर में याद कर लेना खुदा को
साथ में ताकत नयन वो आसमानी भी रहेगी।

 

सीमा पाण्डेय ‘नयन’
देवरिया  ( उत्तर प्रदेश )

यह भी पढ़ें :-

मेरी खातिर | Mere Khatir

 

Similar Posts

  • हवाओं में आ गए | Poem Hawaon Mein aa Gaye

    हवाओं में आ गए ( Hawaon mein aa gaye )   शोहरत मिली तो आज हवाओं में आ गए रिश्ते भुला के ख़ास ख़लाओं में आ गए। हमको नहीं मालूम हुआ कब ये वाकया कब ख़्वाब से सरकार दुआओं में आ गए। फ़िरऔन मेरा इश्क़ बनाने लगा उन्हें बुत के सनम वो आज़ ख़ुदाओं में…

  • एक ही थाली में मस्त हैं | Ek hi Thaali

    एक ही थाली में मस्त हैं ( Ek hi thaali mein mast hai )    करते जो शहर भर में दूनाली से गश्त हैं। हम हैं कि उनकी आम ख्याली से पस्त हैं।। मवाली इन्हें समझे उन्हें समझे थे मसीहा, सच में कि दोनों एक ही थाली में मस्त हैं। आका हमारे जाम तोड़ते हैं…

  • दिल फ़रेब इस हंसी का क्या कहना

    दिल फ़रेब इस हंसी का क्या कहना दिल फ़रेब इस हंसी का क्या कहना।आपकी दिलकशी का क्या कहना। आपके मरमरी से क़ालिब पर।चांद की चांदनी का क्या कहना। दिल परेशान हैं गुलाबों के।आपकी नाज़ुकी का क्या कहना। लूट लेती है आन में दिल को।ह़ुस्न की कजरवी का क्या कहना। इस पे क़ुर्बान सीमो-ज़र सारे।प्यार की…

  • रानी भी भेज दो | Rani Bhi Bhej do

    रानी भी भेज दो ( Rani bhi bhej do )    मिसरा दिया है ऊला तो सानी भी भेज दो राजा के वास्ते ख़ुदा रानी भी भेज दो जब जा रहे हो तोड़ के रिश्ता -ऐ-वफ़ा वापिस मुझे हरेक निशानी भी भेज दो कर लूँ तुम्हारे झूठ पे ख़ुश होके मैं यक़ीं इतनी लतीफ़ कोई…

  • देख लो तुम भी आईना फिर से

    देख लो तुम भी आईना फिर से देख लो तुम भी आईना फिर सेलौट ये पल न पायेगा फिर से चाहते क्या होके जुदा फिर सेबन न पाओगे तुम खुदा फिर से मुझको होना नहीं फ़ना फिर सेरात दिन माँगता दुआ फिर से यूँ न निकलो सँवर के तुम बाहरहो न जाये कहीं खता फिर…

  • बेमानी | Bemani

    बेमानी ( Bemani )   हक़ीक़त दिलों की यहाँ किसने जानी है, गहराई जितनी उतनी उलझी कहानी है। अक्सर सूरत में छिप जाते है किरदार वरन हर मुस्कुराते चेहरे की आँख में पानी है। अपने ही किस्से में मशगूल रहे इस कदर एहसासों की अनकही बातें किसने जानी है। हरी हो टहनी तो सह लेती…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *