Muhabbat mein

मुहब्बत में इशारे बोलते हैं | Muhabbat mein

 मुहब्बत में इशारे बोलते हैं

( Muhabbat mein ishare bolte hain )

 

फ़लक से चाँद तारे बोलते हैं
मुहब्बत में इशारे बोलते हैं

तुम्हीं ने रौनक़े बख़्शी हैं इनको
यहाँ के सब नज़ारे बोलते हैं

बहुत गहरा है उल्फ़त का समुंदर
मुसाफिर से किनारे बोलते हैं

बहुत मुश्किल सफ़र है ज़िन्दगी का
थके हारे सहारे बोलते हैं

मेरे अपनों को आखिर क्या हुआ है
उन्हीं के हक़ मे सारे बोलते हैं

मैं वाक़िफ़ हो गया हूँ ख़ूब उनसे
फ़कत जुमले वो प्यारे बोलते हैं

बुलंदी एक दिन मिलकर रहेगी
मुक़द्दर के सितारे बोलते हैं

ख़ता सारी हमारी ही है साग़र
ये हम तो डर के मारे बोलते हैं

 

कवि व शायर: विनय साग़र जायसवाल बरेली
846, शाहबाद, गोंदनी चौक
बरेली 243003
यह भी पढ़ें:-

उम्मीद मेरी | Ummeed Meri

Similar Posts

  • हवा रुक जायेगी

    हवा रुक जायेगी गर ख़ुदा रहमत करे तो हर बला रुक जायेगीजल उठेंगे बुझते दीपक यह हवा रुक जायेगी इसलिए हाकिम के आगे रख दिये सारे सबूतजुर्म साबित हो न पाये तो सज़ा रुक जायेगी साथ तेरे हैं अगर माँ की दुआएं ख़ौफ़ क्यातेज़ तूफाँ में भी कश्ती नाख़ुदा रुक जायेगी बेवफ़ाई से तेरी परदे…

  • क्यों | Kyon

    क्यों ? ( Kyon )    हाथ मिला उल्फत दिखलाते दिल मिलने से क्यों घबराते? हुस्न परस्ती के दीवाने वस्फ की राह नही वे जाते। दैर -ओ -हरम के ये बासिंदे नफ़रत की दीवार बनाते । बातिल साज़ी बहुत हुई अब कुछ तो वादे कभी निभाते । हरदम क्यूँ तकलीद करूं मैं | क्यूंँ मेरी…

  • नाम तेरा | Naam Tera

    नाम तेरा ( Naam Tera ) नाम तेरा सदा गुनगुनाता रहा । मन ही मन सोचकर मुस्कराता रहा ।। जब कभी ख्वाब में आप आये मेरे । रात फिर सारी घूँघट उठाता रहा ।। क्या हुआ मुश्किलों से जो रोटी मिली । प्रेम से तो निवाला खिलाता रहा ।। बद नज़र है जमाने की सारी…

  • क्यों गले से लगाया मुझे | Kyon ki Shayari

    क्यों गले से लगाया मुझे ( Kyon gale se lagaya mujhe )    ख़्वाब से जब जगाया मुझे उसने गमगीन पाया मुझे वो सितमगर बहुत देर तक देखकर मुस्कुराया मुझे कोई मंज़िल न रस्ता कोई दिल कहां लेके आया मुझे खुद न लैला बनी उसने पर एक मजनूं बनाया मुझे जब बिछड़ना जरूरी था फिर…

  • देश में | Desh Mein

    देश में ( Desh Mein )    प्यार के हर घड़ी गुल खिले देश में बस अमन प्यार हर पल रहें देश में हो मुबारक आजादी सभी को सदा एकता की ताक़त बस बने देश में मुख पर जय हिंद जय हिंद जय हिंद हो ये ही आवाज़ यारों उठे देश में नाम रोशन हमेशा…

  • नमी | Sad Urdu Shayari in Hindi

    नमी ( Nami )    क्यों आँखों में अक्सर नमी रह गई जो नहीं मिला उसकी कमी रह गई। यूँ भीड़ में चलते रहे हज़ारों बस अपनों को ढूढ़ती ये नज़र रह गई। समंदर भर एहसास गुजरते देखे मगर कायम इक तिशनगी रह गई। सुधारा बहुत अपनी कमियों को फिर सुना वो बात नहीं रह…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *