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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के उर्दू व हिंदी विभाग ने मनाया अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस
    साहित्यिक गतिविधि

    कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के उर्दू व हिंदी विभाग ने मनाया अंतरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस

    ByAdmin September 30, 2024September 30, 2024

    कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र के भाषा एवं कला संकाय के अंतर्गत चल रहे उर्दू विभाग एवं हिन्दी विभाग ने अन्तरराष्ट्रीय अनुवाद दिवस मनाया । इस कार्यक्रम का विषय “उर्दू से दीग़र ज़बानों में तराजुम” रहा,। लैंग्वेज प्रोफेशनल्स को उनके काम के प्रति सम्मान देने और अनुवाद के वैश्विक महत्व को स्वीकार करने के लिए इस दिन…

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  • Dekh to Sahi
    ग़ज़ल

    देख तो सही | Dekh to Sahi

    ByAdmin September 30, 2024September 30, 2024

    देख तो सही ( Dekh to Sahi ) कोई भी रह न जाए कसर देख तो सहीचल छोड़ बात चीत मगर देख तो सही रख कर मुझे वो ढूँढ रहा है यहाँ वहाँचिल्ला रहा हूँ कब से इधर देख तो सही नाज़ुक सी शै पे बार-ए-क़यामत है किसलिएयारब तरस खा सू-ए-कमर देख तो सही हैरत-ज़दा…

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  • Ye Haal Hai Hamara
    ग़ज़ल

    यह हा़ल है हमारा | Ye Haal Hai Hamara

    ByAdmin September 30, 2024September 30, 2024

    यह हा़ल है हमारा ( Ye Haal Hai Hamara ) यह हा़ल है हमारा मुरव्वत के बाद भी।तन्हा खड़े हैं सबसे मुह़ब्बत के बाद भी। अल्लाह जाने किसकी लगी है नज़र हमें।अफ़सुर्दगी है रुख़ पे मुसर्रत के बाद भी। रह-रह के उनकी याद सताती है इस क़दर।आती नहीं है नींद मशक्कत के बाद भी। लाया…

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  • नवरात्रि पर्व ( अश्विन ) तृतीय ( द्वितीय ) दिवस
    कविताएँ

    नवरात्रि पर्व ( अश्विन ) तृतीय ( द्वितीय ) दिवस

    ByAdmin September 30, 2024September 30, 2024

    नवरात्रि पर्व ( अश्विन ) तृतीय ( द्वितीय )दिवस भुवाल माता का नाम मंगलकारी है ।आत्म रमण री सुखद सवारी हैं ।भव कम करने री सुखद सवारी है ।भुवाल माता का नाम मंगलकारी है ।बनती शान्त तरंगें मन की स्वस्थ ह्रदय की भावना ।जागृत बनती क्षण – क्षण में सोई हुई सम्भावना ।भुवाल माता का…

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  • Uthaane ke Baad
    ग़ज़ल

    उठाने के बाद | Uthaane ke Baad

    ByAdmin September 29, 2024September 29, 2024

    उठाने के बाद ( Uthaane ke Baad ) दिल की महफ़िल से मुझको उठाने के बादकोई रोता रहा मुस्कुराने के बाद उनके तीर – ए – नज़र का बड़ा शुक्रियाज़िन्दगी खिल उठी चोट खाने के बाद हौसलों को नई ज़िंदगी दे गयाएक जुगनू कहीं झिलमिलाने के बाद उसने दीवाना दिल को बना ही दियाइक निगाह…

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  • Tamam Shakhs
    ग़ज़ल

    तमाम शख़्स | Tamam Shakhs

    ByAdmin September 29, 2024September 29, 2024

    तमाम शख़्स ( Tamam Shakhs ) तमाम शख़्स यूं तो जिंदगी में आए गएबस एक आप ही ऐसे हैं जो बुलाए गए हर उस कहानी को सुनने के तलब-गार हैं हमकि जिस कहानी में हम बेवफ़ा बताए गए के जब भी वसवसे आए हैं काटने को मुझेतुम्हारी याद के लुक़मे उन्हें खिलाए गए बहार आई…

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  • Iss Ishq Ka
    ग़ज़ल

    इस इश्क़ का | Iss Ishq Ka

    ByAdmin September 29, 2024September 29, 2024

    इस इश्क़ का ( Iss Ishq Ka ) इस इश्क़ का कोई भी फ़साना तो है नहींऔर गर हो कोई हमको सुनाना तो है नहीं पैग़ाम मिलता ही नहीं हमको ख़ुशी का यूँऔर ग़म मिले हैं कितने गिनाना तो है नहीं इस ज़िंदगी ने साथ हमारा नहीं दियाहम मुफ़लिसों का कोई ठिकाना तो है नहीं…

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  • नवरात्रि पर्व ( अश्विन ) तृतीय दिवस
    कविताएँ

    नवरात्रि पर्व ( अश्विन ) तृतीय दिवस

    ByAdmin September 29, 2024September 29, 2024

    नवरात्रि पर्व ( अश्विन ) तृतीय दिवस भुवाल माता पर श्रद्धा में जीवन का सार हैं ।द्वेष को हटाकर आत्मा निर्मल बनने का सार हैं ।चिन्तन बनता स्वस्थ जब आस्था पाती है विस्तार ।भुवाल माता पर श्रद्धा में जीवन का सार हैं ।राग – द्वेष हम कम करे यह है भीतर की आवाजआत्मा तेजस्वी जब…

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  • Phir Koi Tasveer
    ग़ज़ल

    फिर कोई तस्वीर | Phir Koi Tasveer

    ByAdmin September 29, 2024September 29, 2024

    फिर कोई तस्वीर ( Phir Koi Tasveer ) आज सतह -ए- आब पर इक अक्स लहराने लगाफिर कोई तस्वीर बन कर सामने आने लगा जब से हम को देखकर इक शख़्स शर्माने लगादिल न जाने क्या हमें मफ़्हूम समझाने लगा खिल उठे हैं जब से मेरे घर के गमलों में गुलाबमेरे घर के रास्तों पर…

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  • आपकी तस्वीर पर
    ग़ज़ल

    आपकी तस्वीर पर | Aapki Tasveer Par

    ByAdmin September 29, 2024September 29, 2024

    आपकी तस्वीर पर ( Aapki Tasveer Par ) लीजिए ऐ रश्के जन्नत आपकी तस्वीर पर।लिख दिया हमने मुह़ब्बत आपकी तस्वीर पर। आप से कैसे कहें हम शर्म आती है हमें।दिल फ़िदा है जाने राह़त आपकी तस्वीर पर। दिल लगाने के लिए है दिल लगाना चाहिए।लोग करते हैं सियासत आपकी तस्वीर पर। जान जाए या रहे…

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