Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • निर्णय लेना है
    कविताएँ

    निर्णय लेना है | Kavita Nirnay Lena Hai

    ByAdmin July 15, 2024

    निर्णय लेना है  ( Nirnay Lena Hai ) बड़े ही अजीब हैं वो लोग जो इंसानों से नफरत करते हैं। दिन रात हिंदू मुस्लिम का राग न जाने क्यों अलापते रहते हैं। या तो वो मानव नही है दानव रूप में जन्म लिये है। इसलिए हम सब लोगों की एकता को नष्ट कर रहे हैं।।…

    Read More निर्णय लेना है | Kavita Nirnay Lena HaiContinue

  • वो सुहाने पल | Kavita Wo Suhane Pal
    कविताएँ

    वो सुहाने पल | Kavita Wo Suhane Pal

    ByAdmin July 15, 2024

    वो सुहाने पल ( Wo Suhane Pal ) याद आते खूब हमको वो सुहाने पल। बैठ पिता के कंधों पर करते हलचल। अठखेलियां आंगन में हंसते मुस्काते। दादा दादी भी घर में फूले नहीं समाते। आस पड़ौस में आना जाना भाता था। खेल खेलने हुजुम बड़ा जम जाता था। बाजारों में रौनक होती चौपालों पर…

    Read More वो सुहाने पल | Kavita Wo Suhane PalContinue

  • तेरी आँखे | Teri Aankhen
    ग़ज़ल

    तेरी आँखे | Teri Aankhen

    ByAdmin July 15, 2024

    तेरी आँखे ( Teri Aankhen ) देती क्या ये इशारा है तेरी आँखे करें दिलकश नज़ारा है तेरी आँखे ! देखीं है जब से खुबसूरत निगाहों को, हुई इश्क -ऐ -सहारा है तेरी आँखे ! मुहब्बत का मिला हमको शगन यारो, मेरी जश्न -ऐ -बहारा है तेरी आँखों ! निशा में हो जैसे चमका अभी…

    Read More तेरी आँखे | Teri AankhenContinue

  • Desh ke Naam
    ग़ज़ल

    आज़ादी ऐ वतन का | Ghazal Azadi – e – Watan Ka

    ByAdmin July 15, 2024

    आज़ादी ऐ वतन का ( Azadi – e – Watan Ka ) बेशक वरक़ वरक़ पे ही कोई नज़र रहे उन्वान दास्तान का हम ही मगर रहे जब तक हैं लाल तेरे यहाँ मादर-ऐ-वतन फहरेगा चोटियों पे तिरंगा ख़बर रहे आज़ादी -ऐ-वतन का ये जलता रहे दिया यारो हवा के रुख पे बराबर नज़र रहे…

    Read More आज़ादी ऐ वतन का | Ghazal Azadi – e – Watan KaContinue

  • ईंट की दीवारें | Kavita Eent ki Deewaren
    कविताएँ

    ईंट की दीवारें | Kavita Eent ki Deewaren

    ByAdmin July 15, 2024

    ईंट की दीवारें ( Eent ki Deewaren ) जब तक है जीवन जगत में वक्त का दौर तो चलता रहेगा बंटी है रात और दिन में जिंदगी ये चक्र तो यूँ ही चलता रहेगा मिलेंगे रेत के टीले हर जगह कहीं पर्वतों का झुंड होगा होगी कहीं कहीं खाईं गहरी कहीं खौलता कुआं होगा कट…

    Read More ईंट की दीवारें | Kavita Eent ki DeewarenContinue

  • आप जब बोलेंगे तो सब
    ग़ज़ल

    आप जब बोलेंगे तो सब,बोलने लग जाएंगे

    ByAdmin July 14, 2024

    आप जब बोलेंगे तो सब,बोलने लग जाएंगे आप जब बोलेंगे तो सब, बोलने लग पायेंगे ! आप चुप होंगे तो सारे, लोग चुप हो जाएंगे !! आप चल दें तो सफर, हरएक हो सकता शुरू आप ठहरेंगे तो सब के, पांव भी रुक जाएंगे !! आप अपना जर्फ दुनिया,में अगर दिखलाएंगे हादसे खुशनुमाई की ,…

    Read More आप जब बोलेंगे तो सब,बोलने लग जाएंगेContinue

  • मेरी कविता के शब्द | Meri Kavita ke Shabd
    कविताएँ

    मेरी कविता के शब्द | Meri Kavita ke Shabd

    ByAdmin July 14, 2024

    मेरी कविता के शब्द ( Meri Kavita ke Shabd ) तुम्हारे शब्द निहार रहे हैं मुझे और लज्जा से गढ़ी जाती हूं मैं बंद करके भी देखा है मैंने किताब में खुद को तुम्हारे शब्दों में फिर पढ़ी जाती हूं मैं मेरे कंधों को छूते हुए गुजर रही थी तुम्हारे शब्दों की क्यारी पलकें झुका…

    Read More मेरी कविता के शब्द | Meri Kavita ke ShabdContinue

  • पुजारी | Pujari Laghu Katha
    कहानियां

    पुजारी | Pujari Laghu Katha

    ByAdmin July 14, 2024

    जमना बाजार में खड़ी एक दुकान पर खड़ी कुछ खरीद रही थी कि एक ट्रेक्टर ट्राली में एक सांड के शव को सफेद कपड़े के ऊपर रंग बिरंगे फूलों सें सजा जिसके आगे दो बैंड फ़िल्मी शोक धुन बजाते चल रहे थे, देखा। जैसे ही उसने अपनी गर्दन उसके जलूस को देखने के लिए घुमाई…

    Read More पुजारी | Pujari Laghu KathaContinue

  • बाल कल्याण एवं बाल साहित्य शोध केंद्र में जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा का उपहार
    साहित्यिक गतिविधि

    बाल कल्याण एवं बाल साहित्य शोध केंद्र में जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा का उपहार

    ByAdmin July 14, 2024

    आज बाल कल्याण एवं बाल साहित्य शोध केंद्र के तत्वावधान में आरंभ चैरिटेबल फाउंडेशन संस्थान द्वारा छात्र-छात्राओं के बीच स्कूल बैग और स्टेशनरी का वितरण किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 25 से 30 बच्चों को शिक्षा सामग्री प्रदान कर उनका उत्साह बढ़ाया गया। कार्यक्रम में गणमान्य अतिथि: श्रीमती श्यामा गुप्ता जी, साहित्यकार श्रीमती पदमा…

    Read More बाल कल्याण एवं बाल साहित्य शोध केंद्र में जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा का उपहारContinue

  • Aap hi Bada Gaye
    कविताएँ

    आप ही बदल गए | Aap hi Bada Gaye

    ByAdmin July 14, 2024

    आप ही बदल गए ( Aap hi Bada Gaye ) हम अपने जंजालो में और फंसते चले गए, उन्हे लगा यारों, हम बदल गए । करके नजदीकी, ये दूर तलक भरम गए, कुण्ठा के मस्तक पर ,दाग नया दे गए। खुशी की अपील नहीं मुस्कुराहट मॉगे, आपाधापी की जिन्दगी से अनगिन आप गए। ऐसा नहीं…

    Read More आप ही बदल गए | Aap hi Bada GayeContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 177 178 179 180 181 … 832 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search