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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Hunar
    शेरो-शायरी

    हुनर | Hunar

    ByAdmin April 1, 2024

    हुनर  ( Hunar )   बेहतर से बेहतरीन की आस है, मुझको मेरे “हुनर” की तलाश है, मुझको सारा “आसमान” चाहिए, अभी तो फ़क़त..ज़मीं मेरे पास है, दिल के ही”तहखाने” में क़ैद हूँ मैं, इलाज बेमानी मेरे, ऐसी वैद्य हूँ मैं, अपने हुनर को चमकाना न आया, ऐसी कोरे काग़ज़ सी ‘सफेद’ हूँ मैं, माना…

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  • Kavita Behtar
    कविताएँ

    बेहतर | Hindi Poem Behtar

    ByAdmin April 1, 2024

    बेहतर ( Behtar ) धन की मदद नही कर सकते किसी की उसकी वैचारिक मदद तो कर ही सकते हो ज्ञात है कि कोई मार्ग से भटक रहा है तो उसे सही राह का ज्ञान दे हि सकते हो आपने भी तो किसी से सीखा ही है कुछ न कुछ तो आप भी किसी को…

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  • Kavita Facebook Maitri
    कविताएँ

    फेस बुक मैत्री | Kavita Facebook Maitri

    ByAdmin April 1, 2024April 1, 2024

    फेस बुक मैत्री ( Facebook Maitri ) फेस बुक मैत्री,नव उत्साह उमंग जगाती अपनत्व भरी प्रेरक आभा, अनंत ममता स्नेह दुलार । घनिष्ठता परम अभिव्यंजना, पुनीत पावन शब्द धार । ज्ञान गंग विमल लहर, अंतर्मन सदा सरसाती । फेस बुक मैत्री, नव उत्साह उमंग जगाती ।। आभाषी पथ श्रम अथक, क्लांत रहित दर्शन अवसर ।…

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  • राजस्थान दिवस पर संजीवनी संस्था द्वारा कवि गोष्ठी का आयोजन
    साहित्यिक गतिविधि

    राजस्थान दिवस पर संजीवनी संस्था द्वारा कवि गोष्ठी का आयोजन

    ByAdmin March 31, 2024

    संजीवनी संस्था द्वारा राजस्थान दिवस पर जांगिड अस्पताल परिसर में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। राजस्थान के गौरव कला साहित्य संस्कृति व हमारी विरासत को दर्शाती मरूधरा के यशगान को काव्य मे पिरोकर कवियों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संजीवनी के अध्यक्ष डाॅ दयाशंकर जांगिड ने की। तथा मुख्य अतिथि…

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  • Kahani Parahit ka Phal
    कहानियां

    परहित का फल | Kahani Parahit ka Phal

    ByAdmin March 31, 2024

    एक आदमी बहुत गरीब था। बचपन में ही उसके पिता की मृत्यु हो गई थी। एक बार उस लड़के की मां ने कहा — “जाओ बेटा!जंगल में एक बाबा जी आए हुए हैं। वह जो भी आशीर्वाद देते हैं फलित होता है।” लड़का मां का आशीर्वाद लेकर चल दिया । रास्ते में एक सेठ का…

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  • Kahani Aankhon ki Chamak
    कहानियां

    आंखों की चमक | Kahani Aankhon ki Chamak

    ByAdmin March 31, 2024

    राधिका शादी होने के बाद अपने ससुराल में आई थी भरा पूरा परिवार था। ससुर भी पढ़े लिखे थे। दकियानूसी विचारधारा को नहीं मानते थे। राधिका को याद है एक बार मोहल्ले में एक बुजुर्ग महिला का देहांत हो गया था। राधिका उनके यहां बैठने गई। लौट कर आने पर दरवाजे पर ही नहाना पड़ता…

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  • संजीवनी द्वारा सम्राट अशोक जयंती पर “बनूं भोर का मधुर गीत” पुस्तक का विमोचन
    साहित्यिक गतिविधि

    संजीवनी द्वारा सम्राट अशोक जयंती पर “बनूं भोर का मधुर गीत” पुस्तक का विमोचन

    ByAdmin March 31, 2024

    29 मार्च को सांय जांगिड अस्पताल परिसर में महान सम्राट अशोक जयंती पर कवि महेन्द्र कुमावत व्याखाता झाझड़ द्वारा रचित व राजस्थान साहित्य अकादमी से अनुदानित ‘‘बनूं भोर का मधुर गीत’’ पुस्तक का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षाविद डाॅ के डी यादव ने की। तथा मुख्य अतिथि भाजपा जिला महामंत्री योगेन्द्र…

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  • Indian labor
    गीत

    बहुत मुश्किल है जिंदगी में | Geet Bahut Mushkil hai

    ByAdmin March 31, 2024

    बहुत मुश्किल है जिंदगी में ( Bahut Mushkil hai Zindagi Mein ) नैया लेकर चल रहे हैं, धार में छोड़ कर जाएंगे क्या भरोसा इनका है कि डूबते को पार लगायेंगे । अपना दाना पानी इनका किसी बहाने चलता है कोई फटे वस्त्र में रोता इनका वस्त्र बदलता है मांझी से पूछेगा कौन क्या घर,-…

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  • Ghzal Sanam Tum
    ग़ज़ल

    सनम तुम | Ghzal Sanam Tum

    ByAdmin March 30, 2024

    सनम तुम ( Sanam Tum )   मात्रा भार: १२२२ – १२२२ – १२२२ सनम तुम इक दफ़ा नजरें मिला लेना, झुकाकर यह नज़र, फिर से उठा लेना ! जो चाहो तुम मेरी हसरत कभी रखना हसीं मुख से ज़रा परदा हटा लेना ! छुआ है दिल तुम्हारी इन अदाओं ने, उठाकर तुम न ये…

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  • Kavita Main Akela
    कविताएँ

    मैं अकेला | Kavita Main Akela

    ByAdmin March 30, 2024

    मैं अकेला ( Main Akela ) अकेला हूँ पर अकेला नहीं मेरे साथ है तारो भरी रात चाँद की चाँदनी मुहँ पर आई झुर्रियां माथे पर पड़ी सकीन एक सुनसान रात में जब बिस्तर पर होता हूँ। घड़ी की सुईयों की आवाज भयभीत कर देती है मुझे झाड़ि‌यों की झुण्ड की छाँव आवारा पशुओं की…

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