• होली का गुलाल | Kavita Holi ka Gulal

    होली का गुलाल ( Holi ka Gulal )   होली का गुलाल कहें, ये रंगो की बौछार कहें मन में प्यार का संचार होना चाहिए।। मिले सब होली में, घर आए बैठे यार सात्विक भोजन से ही सत्कार होना चाइए ! रिफाइंड से तो बने लाख पकवान सेहत का भी सबको ख्याल होना चाहिए।। होली…

  • जल दिवस | Geet Jal Divas

    जल दिवस ( Jal Divas ) जल ही जीवन जानते हो फिर भी तुम ना मानते हो व्यर्थ बहने देते हो जल व्यर्थ बहने देते हो कपड़े बर्तन धोते समय नल नहीं बंद करते हो हाथ मुंह धोते समय नल नहीं बंद करते हो सब्जियां फल धोके पानी पेड़ों में नहीं डालते हो व्यर्थ बहने…

  • होली प्रेम | Holi Prem

    होली प्रेम ( Holi Prem )   महक उठा फिर से टेशू, फूलों से अपने प्रिय लाल ! फागुन में उड़ने लगा फिर प्रेम से बने रंग का गुलाल ।। जब पिचकारी मोहे पिया ने मारी रंग डारी मोहे सभी रंगों से सारी, रगड़ रगड़ मोहे ऐसे रंग लगाया निकल गई थकन,सारी बीमारी ।। मचाया…

  • कलम | Kalam

    कलम ( Kalam ) हाँ, मैं कलम हूँ रहती हूँ मैं उंगलियों के मध्य लिख देती हूं कोरे कागज पर जो है मेरी मंजिल पर खींच देती हूँ मैं टेढ़ी-मेढ़ी लाइनों से मानव का मुकद्दर छू लेता है आसमां कोई या फिर जमीं पर रह जाता है या किसी की कहानी या इबारत लिख देती…

  • होली गीत | Holi Geet

    होली गीत ( Holi Geet )   सुनों राधा होली में करना न कृष्ण से सवाल, सुनों राधा होली में। लहंगा जरा तू संभाल, सुनों राधा होली में। उसकी सुरतिया पे जान मेरा अटका, नन्द -यशोदा का नटखट वो लड़का। सीधी नहीं उसकी है चाल, सुनों राधा होली में। लहंगा जरा तू संभाल, सुनों राधा…

  • आया होली का त्योहार | Aaya Holi ka Tyohar

    आया होली का त्योहार ( Aaya Holi ka Tyohar )   आया होली का त्योहार, पानी की बौछार, रंग बिरंगी दुनिया में रंगहीन ना हो त्योहार। ना करें पानी की बरबादी ना हो प्रकृति को नुक्सान, ना मज़हब का हो चश्मा एक दूजे का हो सम्मान। राजनीति रंग में ना रंगे औरों को भी ना…

  • राजस्थान स्थापना दिवस | Rajasthan Sthapana Divas

    राजस्थान राज्य विविधताओं में एकता का प्रतीक है। यहाँ विभिन्न धर्म के लोग अनुयायी भिन्न – भिन्न भाषा बोलते हुए भी सद्भावना प्रेम से अपना जीवन यापन करते हैं। 30 मार्च को राजस्थान का स्थापना दिवस भी कहा जाता है। इसलिये हर वर्ष यह आज के दिन राजस्थान स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता…

  • खुदगर्जी | Khudgarzi

    खुदगर्जी ( Khudgarzi )   चाहते हो मोल कामयाबी का तो करो कुछ ,कि और भी हों आपसे बनकर तो देखो रहनुमा तुम करोगे राज दिलों में सभी के तुम जीत कर भी हार जाते हैं वो करते हैं गिराकर जो जीत हासिल या छोड़कर साथी को अपने वे हारे हुए हि हैं हर दौड़…

  • शब्द प्रणय | Shabd Pranay

    शब्द प्रणय  ( Shabd Pranay )   शब्द प्रणय में,संवर रही कविताई उर भाव मृदुल मधुर, श्रृंगार अनूप नित यथार्थ । संवाद अनुपम मोहक प्रभा, साधन साध्य ध्येय परमार्थ । अथाह नैतिक तेजस्वी छवि, संस्कारी अनुपमा जनमानस छाई । शब्द प्रणय में,संवर रही कविताई ।। भव्य नवाचार अवबोधन , नवल धवल पथ प्रशस्त । निशि…

  • हे कवि कुछ ऐसा गीत लिखो | Poem Hey Kavi

    हे कवि कुछ ऐसा गीत लिखो ( Hey Kavi Kuch Aisi Geet Likho )    आशा को नव-विश्वास मिले। प्राणों को प्रखर प्रकाश मिले। टूटती आस्था को संबल, भावों को विशद विकास मिले। मिट जाय जगत से नग्न कुरुचि, तम पर प्रकाश की जीत लिखो। हे कवि! कुछ ऐसा गीत लिखो। मिट जाय दंभ की…