• मकर संक्रांति | Makar Sankranti

    मकर संक्रांति ( Makar Sankranti ) ( 2 )  मकर संक्रांति का है पर्व महान, है यह समर्पित सूर्य भगवान। कहें लोहड़ी, खिचड़ी उत्तर में, पूर्व बिहू,दकन पोंगल से जान।। पौराणिक सुने एक कथा महान, श्रीहर्ष आते, करते कुम्भ स्नान। अपना संचित सब धन औ धान्य, सब याचकों को कर जाते दान।। हम भी ब्रह्म…

  • श्री राम कथा | Shri Ram Katha

    श्री राम कथा ( Shri Ram Katha )   श्री राम कथा वंदन शुभकारी त्रेता युग हिंद अखंड धरा,अयोध्या नगरी अनूप । दिव्य भव्य रघुवंश कुल,दशरथ लोकप्रिय भूप । कैकयी सुमित्रा कौशल्या,तीन राज राज्ञी गुणकारी । श्री राम कथा वंदन शुभकारी ।। राम भरत शत्रुघ्न लक्ष्मण,चार आज्ञाकारी पुत्र । श्रवण प्राण हरण कारक,राजा दुःख कष्ट…

  • मकर संक्रांति पर्व | Makar Sankranti Parv

    मकर संक्रांति पर्व ( Makar sankranti parv ) उड़ी उड़ी रे पतंग देखो उड़ी रे पतंग, मन हुआ है मतंग देख कर ये पतंग। कभी इधर चली तो कभी उधर मुड़ी, आसमान में चहुं ओर ये पतंग उड़ी। नीले पीले हरे गुलाबी सब रंगों में रंगे, जैसे आसमान में इंद्रधनुष आज हैं टंगे। पतंग उड़ाकर…

  • दिल को अब किसी की जरूरत नहीं | Dil ko Ab

    दिल को अब किसी की जरूरत नहीं ( Dil ko ab kisi ki jarurat nahi )   ढूंढ लेता खुशियां दिल कहीं ना कहीं। दिल को अब किसी की जरूरत नहीं। आ गया अब जीना दुनिया में दिल को। ठिकाना सुहाना प्रीत की सरिता बही। सिंधु लेता हिलोरें मोती बरसे प्यार के। मनमौजी मतवाला झूम…

  • बेटी का घर | Beti ka Ghar

    बेटी का घर ( Beti ka ghar )    बेटी का नहीं होता कोई अपना घर न्यारा, घर चाहे पिता का हो या पति का, होता है पराया। “पराये घर जाना है” से शुरू होकर, “पराए घर से आई है” पे खत्म हो जाता है ये फ़साना। जिसको बचपन से था अपना माना, बड़ा मुश्किल…

  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता | Kritrim Buddhimatta

    कृत्रिम बुद्धिमत्ता ( Kritrim buddhimatta )  जानें कृत्रिम बुद्धिमता का यथार्थ वर्तमान विज्ञान प्रगति प्रयास, मनुज दिव्यता प्रतिस्थापन । यंत्रवत परिवर्तन उपमा, तीव्रता शुद्धता कार्य संपादन । लघु काल लाभ आधिक्य, सकारात्मक प्रयोग मानव हितार्थ । जानें कृत्रिम बुद्धिमता का यथार्थ ।। जॉन मैकार्थी प्रतिपादक , उन्नीस सौ छप्पन अमेरिका । स्वदेश प्रणेता राज रेड्डी,…

  • रक्तबीज सी अभिलाषाएं | Raktabeej

    रक्तबीज सी अभिलाषाएं ( Raktabeej si abhilashayen  )   रे मायावी बोल। आदि अन्त क्या इस नाटक का, कुछ रहस्य तो खोल। रे मायावी बोल। रह कर स्वयं अदृश्य दृश्य तू प्रतिपल रहे बदलता। ऊपर नीचे दिग्दिगन्त में, इंगित तेरा चलता। माटी के पुतले को तूने प्राण शक्ति दे डाली। नश्वर काया में अविनश्वर विषय…

  • बोलो जय श्रीराम | Bolo Jai Shree Ram

    बोलो जय श्रीराम ( Bolo Jai Shree Ram )   घर -घर में छाए राम, विराजे देखो अयोध्या धाम, कि बोलो जय श्रीराम, कि बोलो जय श्रीराम। भगवा झंडा लहराया, वर्षों बाद राम को पाया, पूरी दुनिया उमड़ी अयोध्या, ये देखो उसकी माया। जन-जन में है उत्साह, कितना प्यारा है वो नाम, कि बोलो जय…

  • घर घर आएंगे राम | Ghar Ghar Aayenge Ram

    घर घर आएंगे राम ( Ghar Ghar Aayenge Ram )   घर घर राम आएंगे मर्म धर्म का बतलाएंगे पुन स्थापित होंगे राम अवध में फिर से प्राण प्रतिष्ठा होगी जन-जन के हित साधें राम नरेश अवध के जय श्री राम मनु के वंशज कहलाते श्री राम मर्यादा पुरुषोत्तम है श्री राम कौशल्या सुत दशरथ…

  • आद्या से आराध्या तक | Aadya se Aaradhya Tak

    आद्या से आराध्या तक ( Aadya se aaradhya tak )   आद्या से आराध्या तक,शुभता सरित प्रवाह मनुज सौभाग्य जागृत, मंगलता घर द्वार प्रवेश । सुख समृद्धि वैभव असीम, आह्लादित सौम्य परिवेश । दर्शन कर अनूप उपमा , अनंत आशा उमंग उत्साह । आद्या से आराध्या तक,शुभता सरित प्रवाह ।। सृजन दिव्य अठखेलियां, कुल वंश…