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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • विश्व हिन्दी दिवस पर विशेष | Vishwa Hindi Diwas par Vishesh
    गीत

    विश्व हिन्दी दिवस पर विशेष | Vishwa Hindi Diwas par Vishesh

    ByAdmin January 10, 2024January 10, 2024

    विश्व हिन्दी दिवस पर विशेष ( Vishwa Hindi Diwas par Vishesh )   भारत माँ के शीश महल की, राज दुलारी हिन्दी है भाषाएँ हैं और भी लेकिन, सब पे भारी हिन्दी है दिनकर, जायसी और निराला, हिन्दी के रखवाले थे बच्चन, नीरज और नामवर, इसके ही मतवाले थे तुलसी और कबीर ने मिलकर बहुत…

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  • Hindi ke Utsang Mein
    कविताएँ

    हिंदी के उत्संग में | Hindi ke Utsang Mein

    ByAdmin January 10, 2024

    हिंदी के उत्संग में ( Hindi ke utsang mein )   हिंदी के उत्संग में, वैश्विक मैत्री सत्संग स्वर व्यंजन सरस बोधि, शब्द निर्माण कला अनुपम । अर्थ आभा हर्षल अमिय, प्रेरणा पुंज शिक्षण अधिगम । अथाह माधुर्य संवाद पथ, संबंध श्रृंगार अपनत्व कंग । हिंदी के उत्संग में, वैश्विक मैत्री सत्संग ।। वसुधैव कुटुंबकम्…

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  • Hindi ki Sthiti
    विवेचना

    हिन्दी की स्थिति | Hindi ki Sthiti

    ByAdmin January 10, 2024January 10, 2024

    अंग्रेजों के शासनकाल में न केवल भारत की राजनीतिक स्थिति बल्कि भाषा की स्थिति पर भी काफी गहरा प्रभाव पड़ा यह तब और अधिक हो गया जब लोड मैकाले की शिक्षा पद्धति को भारत में स्वीकृति दे दी गई । लोड मैकाले ने ऐसे ऐसे तर्क दिए अंग्रेजी भाषा के परिपेक्ष में की अंग्रेजी को…

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  • Lafzon ki Haqeeqat
    कविताएँ

    लफ़्ज़ों की हकीकत | Lafzon ki Haqeeqat

    ByAdmin January 10, 2024

    लफ़्ज़ों की हकीकत ( Lafzon ki Haqeeqat )    मैं तुम्हें लफ़्ज़ों में समेट नही सकती क्योंकि— तुम एक स्वरूप ले चुके हो उस कर्तार का– जिसे मैं हमेशा से गृहण करना चाहती हूँ किन्तु– समझा नही पाती तुम्हें कि– अपने विजन को छोड़कर यथार्थ जीने का द्वंद्व वाकई में कितना भयप्रद है। नकार देती…

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  • Bojh Swabhiman ka
    कविताएँ

    बोझ स्वाभिमान का | Bojh Swabhiman ka

    ByAdmin January 10, 2024

    बोझ स्वाभिमान का ( Bojh swabhiman ka )   भर लिए भंडार ज्ञान का सर पर लादे बोझ स्वाभिमान का दब गई बेचारी विनम्रता संशय हर बात पर अपमान का बढ़ गई अकड़ दंभ से मिलने का मन बहुत कम से आंकने लगे कीमत और की बढ़ी औकात खुद की सबसे अदब, लिहाज सब छोटे…

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  • Badalte Dekha
    ग़ज़ल

    बदलते देखा | Badalte Dekha

    ByAdmin January 10, 2024

    बदलते देखा ( Badalte dekha )   हमने मौसम को कई रंग बदलते देखा वक्त हाथों से कई बार निकलते देखा। जिन निगाहों में थी आबाद मुहब्बत मेरी ग़ैर का ख़्वाब उसी आंख में पलते देखा। जो मेरा दोस्त था वो आज मुख़ालिफ़ यारो बात बेबात ज़हर उसको उगलते देखा। वो मुसव्विर हो सिकंदर हो…

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  • Prabhu Shri Ram Aayenge
    कविताएँ

    प्रभु श्री राम आएंगे | Prabhu Shri Ram Aayenge

    ByAdmin January 9, 2024

    प्रभु श्री राम आएंगे ( Prabhu Shri Ram Aayenge ) कलयुग का कलुष मिटाने ,प्रभु श्री राम आएंगे ऊर्जस्वित अब हर कदम, मुखारबिंद जय श्री राम । दर्शन आतुर नयन पलक, निशि दिन सुबह शाम । सर्वजन संताप हर कर, हर्ष उत्साह उमंग जगाएंगे । कलयुग का कलुष मिटाने, प्रभु श्री राम आएंगे ।। उर…

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  • Geet Watan ke Gayenge
    कविताएँ

    गीत वतन के गाएंगे | Geet Watan ke Gayenge

    ByAdmin January 9, 2024

    गीत वतन के गाएंगे ( Geet watan ke gayenge )   गीत वतन के गाएंगे, घट घट अलख जगाएंगे। प्रेम का दीप जलाएंगे, जग रोशन कर जाएंगे। गीत वतन के गाएंगे देशभक्ति रंग बिखरा कर, राष्ट्र प्रेम तराने गाकर। आजादी के दीवानों को, भावों के पुष्प चढ़ाकर। अमर शहीदों की गाथा, यशगान वीरों के गाएंगे।…

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  • Ayodhya ki Pawanta
    कविताएँ

    अयोध्या सी पावनता | Ayodhya ki Pawanta

    ByAdmin January 9, 2024January 9, 2024

    अयोध्या सी पावनता ( Ayodhya ki pawanta )    अयोध्या सी पावनता,अब हर घर द्वार कलयुग अभिव्यंजना त्रेता सम, मानस पटल दिव्य राम नाम । बाईस जनवरी अद्भुत अनुपम, रामलला प्राण प्रतिष्ठा प्रणाम । सर्वत्र सरित उमंग उल्लास, आर्तभाव अनंत आस्था धार । अयोध्या सी पावनता, अब हर घर द्वार ।। निमंत्रण आमंत्रण सर्वजन, प्रभु…

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  • आकर्षण है पाप में | Akarshan hai Pap Mein
    कविताएँ

    आकर्षण है पाप में | Akarshan hai Pap Mein

    ByAdmin January 9, 2024

    आकर्षण है पाप में ( Akarshan hai pap mein )   जीवन की सुख-शान्ति, दग्ध हो जाये न अनुताप में। सदा सजग होकर रहना है, आकर्षण है पाप में। कुत्सित छलनायें आती हैं, कृत्रिम रूप संवार कर। सहज नहीं स्थिर रह पाना, मन को उन्हें निहार कर। एक-एक पग का महत्व है, पथिक सशंकित रहना!…

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