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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • गृहलक्ष्मी तुम्हें नमस्कार | Grihalakshmi
    गीत

    गृहलक्ष्मी तुम्हें नमस्कार | Grihalakshmi

    ByAdmin November 18, 2023

    गृहलक्ष्मी तुम्हें नमस्कार ( Grihalakshmi tumhe namaskar )    घर आंगन की ज्योति तुम हो, तुम दीपों की हो बहार। तुम घर की महारानी प्यारी, तुम प्रियतम का हो प्यार। गृहलक्ष्मी तुम्हें नमस्कार झिलमिल दीपों सी रोशन हो, दमकता चेहरा तुम्हारा। मनमंदिर में बसने वाली, दिव्य ज्योति हो उजियारा। जीवन पथ की हो संगिनी, भावों…

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  • Bacchon ka Bachpan
    कविताएँ

    बच्चों का बचपन | Bacchon ka Bachpan

    ByAdmin November 17, 2023January 8, 2024

    बच्चों का बचपन ( Bacchon ka bachpan ) ( 2 ) किस ओर जा रहे हैं बच्चे धकेल रहे हैं अंधविश्वास और अंधभक्ति की तरफ क्यों छिन रहे हो उनका बचपन क्यों काट रहे हो उनके पंख उड़ने दो हिंसकवादी ना बनाओं धर्म का प्रचार ना करवाओ बच्चों में नफ़रत ना भरो अभी वो खाली…

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  • Bolo vo Kaise
    कविताएँ

    बोलो वो कैसे जीता होगा | Bolo vo Kaise

    ByAdmin November 17, 2023

    बोलो वो कैसे जीता होगा ( Bolo vo kaise jeeta hoga )   देखा न हो जिसने, जीवन में खुशियां बोलो वो कैसे जीता होगा । ह्रद्दय हो जिसका खारे मय का सागर बोलो वो कैसे पीता होगा ।। पेट के खातिर, दिन में टहले रात अंधेरी घर को दहले, बिन स्याही के कलम न…

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  • Aye zindagi
    कविताएँ

    ऐ जिंदगी तुझे | Aye zindagi

    ByAdmin November 17, 2023November 18, 2023

    ऐ जिंदगी तुझे ( Aye zindagi tujhe )   ऐ!जिंदगी ,बचपन से ही तुझे उलझते हुए देखा है पसीने से लथपथ पिता का शरीर देखा है मां की आंखों मे ममता का प्यार देखा है अमीरी और गरीबी में फरक देखा है जमीन से खड़े होकर फलक देखा है खुद को हमेशा आंसुओं से तरबतर…

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  • आपकी समझ | Aapki Samajh
    कविताएँ

    आपकी समझ | Aapki Samajh

    ByAdmin November 17, 2023

    आपकी समझ ( Aapki samajh )   घर से निकलने से पहले और लौट आने के बाद देख लिया करो खुद को वक्त के आईने में जीवन की समझ आसान होगी कल के रास्ते सुगम होंगे हर नया रिश्ता और मुलाकात खुलकर सामने नही आते मध्यान्ह तक कहानी को समझना ही होता है दूसरे पटाक्षेप…

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  • ऐ दुनियावालों | Aye Duniya Walo
    कविताएँ

    ऐ दुनियावालों | Aye Duniya Walo

    ByAdmin November 17, 2023November 17, 2023

    ऐ ! दुनियावालों ( Aye duniya walo ) खून- खराबा किसी के लिए है खेल-खिलौना, मगर मेरी तहजीब अलग है। कोई बोता है नफरतों का बीज, पर मेरी तहजीब अलग है। हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन, पारसी, यहूदी, सभी हैं मेरे अपने, हम हैं एक डाल के फूल, गमकने दो बहारों में, मेरी तहजीब…

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  • Kam Khana aur Gam Peena
    कविताएँ

    कम खाना और ग़म पीना | Kam Khana aur Gam Peena

    ByAdmin November 17, 2023

    कम खाना और ग़म पीना ( Kam khana aur gam peena )    अपने इस स्वास्थ्य को बेहतर सभी रखना, खानें के लिए नही जीने के लिये है खाना। पाचनशक्ति ठीक व वज़न को कम रखना, सदा कम ही खाना एवं यह ग़म पी जाना।। बिना दवाईयों के सबको पेट ठीक रखना, स्वयं समझदार बनकर…

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  • अपराध बोध | Apradh Bodh
    कविताएँ

    अपराध बोध | Apradh Bodh

    ByAdmin November 16, 2023

    अपराध बोध ( Apradh bodh )   अपनी आत्मा पर कोई बोझ न कभी रखना | किसी का दिल तुम्हारी वजह से दु:खे, ऐसा कोई काम न कभी करना | कोई इंसान पत्थर दिल न होता यहाँ | इस बात से इंकार न कभी करना | मंजू की लेखनी का है यही कहना | बहुत…

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  • Kitab
    कविताएँ

    किताब | Kitab

    ByAdmin November 16, 2023November 16, 2023

    किताब ( Kitab )    पन्ने फड़फड़ाते रहे और हम लिखते रहे किताब जिंदगी की मगर,सियाही ही खत्म सी होने लगी कलम की किताब भी रह गई अधूरी की अधूरी ही शब्दों के मायने बदलते गए बदलते हुए अपनों की तरह बह गईं किश्तियां भी उम्मीदों की रह गए निखालिस टूटते हुए सपनों की तरह…

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  • Shabdakshar Poetry Seminar
    साहित्यिक गतिविधि

    शब्दाक्षर काव्य गोष्ठी एवं दीपावली स्नेह मिलन

    ByAdmin November 16, 2023

    शब्दाक्षर काव्य गोष्ठी एवं दीपावली स्नेह मिलन में गाया सरस गीत दीप प्यार का जलाने चला हूं पहल क्लासेज एवं राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था शब्दाक्षर के तत्वावधान में दीपावली स्नेह मिलन एवं काव्य गोष्ठी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीकांत पारीक श्री राजस्थानी ने की। मुख्य अतिथि नगर पालिका उपाध्यक्ष कैलाश जी चोटिया थे…

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